गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस रणनीतिकारों की बदली चाल ने पार्टी को खासा फायदा पहुंचाया था। अब ऐसा ही कुछ राजस्थान में होने जा रहे तीन महत्वपूर्ण उपचुनाव और इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में दिखाई देगा। दरअसल कांग्रेस के नए अध्यक्ष राहुल गांधी के सिपेहसलारों ने आगामी चुनावों के लिए यह निर्णय कर लिया है कि पार्टी हिन्दुत्व के विरोध में कोई बयानबाजी नहीं करेगी। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी हिन्दुत्व के खिलाफ नहीं दिखना चाहती। इसी के चलते बीते 23 दिसंबर को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेस प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई गई थी।
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यहां किए थे करीब 14 मंदिरों में दर्शन
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फाइल फोटो।
कुछ दिन पूर्व राहुल गांधी की ओर से कांग्रेस प्रवक्ताओं का बड़े नेताओं को ई-मेल के जरिए गाइडलाइन भिजवाई गई थी। जिसमें कहा गया था कि हिन्दुत्व के खिलाफ गैर जरुरी बयानबाजी नहीं की जाए। वहीं गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी राज्य के करीब 14 मंदिरों में दर्शन के लिए गए थे। जिसने भाजपा नेताओं की बेचैनी भी बढ़ा दी थी। हालांकि राजनीतिक जानकार मानते है राहुल गांधी का प्रयास कुछ हद तक सफल भी रहा था।
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देखने को मिलेंगे बदलाव
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फाइल फोटो।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि जल्द ही राहुल गांधी राजस्थान में भी कई मंदिरों में दर्शनों के लिए जा सकते हैं। इसके लिए गुजरात में कांग्रेस के सफल रणनीतिकार सबित हुए अशोक गहलोत तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि राजस्थान में होने जा रहे दो लोकसभा व एक विधानसभा उपुचनाव के लिए राहुल गांधी प्रचार के लिए आएंगे या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन कांग्रेस की रणनीति में जरुर बदलाव देखने को मिल रहा हैं।
एक-दूसरे के दांव का इंतजार
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फाइल फोटो।
राजस्थान में 29 जनवरी को होने वाले तीन उपचुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। लेकिन सत्तारुढ़ भाजपा ने अभी तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। जबकि कांग्रेस ने अलवर लोकसभा से डॉ करण सिंह यादव को उम्मीदवार बनाया है लेकिन अजमेर लोकसभा व मांडगढ़ विधानसभा के लिए कांग्रेस ने भी अभी तक प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारे है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि दोनों पार्टी के संभावित उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार प्रारंभ कर दिया है।
उपचुनाव में जीत के लिए कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेताओं ने कमान संभाल ली है। राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष अशोक परनामी आज अलवर में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करेंगे। जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी एक-दो दिन में अलवर आने की संभावना है। वहीं भाजपा 16 व 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राजस्थान में होने वाले दो कार्यक्रम को इस चुनाव में भुनाने का प्रयास करेगी।