कहते हैं कि दुनिया में कोई काम कठिन नहीं है, केवल उसे करने की इच्छाशक्ति व्यक्ति में होनी चाहिए। ये साबित किया राजस्थान की पहली महिला कुली बनकर मंजू ने। राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली मंजू को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सम्मानित किया।
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112 महिलाओं में शामिल हुई मंजू
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सम्मानित महिलाओं से मिलने राष्ट्रपति
दरअसल, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालीं 112 महिलाओं को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने फर्स्ट लेडीज नामक पहल के तहत इन महिलाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इनमें जयपुर की महिला कुली मंजू का नाम भी शामिल रहा।
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मंजू की कहानी सुनकर द्रवित
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कुली मंजू
कुली मंजू की कहानी सुनकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कुछ देर के लिए भावुक हो गए। राष्ट्रपति ने कहा कि 'मैं कभी इतना भावुक नहीं हुआ जितना बेटी मंजू की कहानी सुनकर द्रवित हुआ।' ये सुनते ही पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन भी मंजू से मिलने खुद उनके पास पहुंची और उनके कंधे पर हाथ रखकर उनका उत्साह बढ़ाया।
जब कुली बनी तो वजन था केवल 30 किलोग्राम
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कुली मंजू
जयपुर के सुंदरपुरा की निवासी मंजू ने बताया कि पति की मौत के बाद घूंघट की दीवारों को लांघकर परिवार का बोझ उठाने के लिए उसे घर से बाहर निकलना पड़ा। बिल्ला नंबर 15 के साथ जब वह कुली बनी तक उसका वजन 30 किलोग्राम था और यात्रियों के सामान का वजन भी करीब 30 किलोग्राम होता था। ऐसे में उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि महिलाएं कुछ भी कर सकती हैं और वे समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला सकती हैं।
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विद्या बालन भी मिली चुकी हैं मंजू से
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कुली मंजू के साथ विद्या बालन
महिला कुली मंजू से फिल्म एक्ट्रेस विद्या बालन भी मिल चुकी हैं। अपने रियलिटी शो 'मिशन सपने' की शूटिंग के दौरान विद्या बालन जयपुर के सिंधी कैंप बस अड्डे पर कुली मंजू से मिली थी। यहां मंजू ने अपनी पहचान यानी बिल्ला नंबर 15 भी विद्या बालन के हाथ पर बांधा था।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जिन 112 महिलाओं को सम्मानित किया, इनमें ऐश्वर्या राय बच्चन, किरण मजूमदार शॉ, पीटी ऊषा, पीवी सिंधु, सानिया मिर्जा, छवि रजावत, हर्षिनी कन्हेकर, सुनालिनी मेनन, शतभी बसु, सुनील डबास सहित अन्य कई महिलाएं शामिल रहीं। राष्ट्रपति भवन में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने सम्मानित महिलाओं को सलाह भी दी कि वे ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करें।