सुप्रीम कोर्ट के 'पद्मावत' फिल्म के रिलीज के फैसले के बाद करणी सेना व राजपूत समाज से जुड़े संगठनों ने प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है। वहीं पूर्व में फिल्म को बैन करने वाले राज्यों ने अपना पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय किया है। इन राज्यों में हरियाणा के साथ अब राजस्थान भी शामिल हो गया है। राजस्थान सरकार इस मामले में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए कानूनी जानकारों की सलाह ले रही है। सरकार जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रख सकती है।
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उपचुनाव में राजपूतों को खुश करने की कवायद
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फाइल फोटो।
राजस्थान में राजपूतों के विरोध का सामना कर रही राजे सरकार की ओर समाज को तमाम तरह के आश्वासन दिए जा रहे है। उपचुनाव से पूर्व राजपूत को खुश करने के प्रयास में सरकार ने पद्मावत विवाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। वहीं पैरवी पुख्ता ढंग से हो इसकी तैयारी के लिए राजस्थान के गृह विभाग के अफसरों को दिल्ली भेजा गया है। सरकार ने इस मामले में पैरवी के लिए एडवोकेट जनरल एसएएम शमशेरी को नियुक्त किया है।
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मुख्यमंत्री ने दिया था आश्वासन
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फाइल फोटो।
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को अजमेर के केकड़ी में राजपूत समाज को फिल्म को लेकर आश्वासन दिया था। समाज के संतों से मुलाकात में राजे ने कहा था कि इस मामले सरकार हर संभव प्रयास करेगी और भाजपा सरकार राजपूतों के साथ है। गौरतलब है राजस्थान में भी हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात की तरह फिल्म पद्मावत को बैन किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिल्म के देशभर में रिलीज का रास्ता साफ हो गया है।
राजपूत कर चुके हैं ये ऐलान
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फाइल फोटो।
पद्मावत फिल्म विवाद और आनंदपाल एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार के रवैये से नाराज राजपूत समाज के कई संगठन उपचुनाव में भाजपा के विरोध का ऐलान कर चुके हैं। बीते 14 जनवरी को जयपुर के राजपूत सभा भवन में हुई बैठक के बाद यह निर्णय किया गया था। इस निर्णय के बाद से राजपूत समाज को मनाने के लिए भाजपा के नेता हर संभव प्रयास कर रहे है उचित कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं।
संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावत 25 जनवरी को रिलीज हो रही है। फिल्म को बैन करने की मांग को लेकर राजपूत व अन्य समाजों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। दो दिन पूर्व चित्तौड़ में सर्वसमाज की ओर से हाईवे जाम किया गया था। अब 21 जनवरी को चित्तौड़ में जौहर क्षत्राणी मंच की ओर से स्वाभिमान रैली व 24 जनवरी को जौहर का ऐलान किया गया है।