फिल्म 'पद्मावत' को लेकर जमकर बवाल हुआ। बताया गया कि फिल्म मलिक मोहम्मद जायसी की रचना 'पद्मावत' पर आधारित है। इतिहास के नाम पर तथ्यों से छेड़छाड़ के आरोप भी लगे। राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में हंगामा हुआ। अब एक बार उसी तरह का विवाद उठता नजर आ रहा है। झांसी की रानी लक्ष्मी बाई पर बन रही फिल्म मणिकर्णिका' का विरोध शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि फिल्म जिस किताब पर आधारित बताई जा रही है।
विज्ञापन
है प्रेम संबंधों का जिक्र
2 of 5
झांसी की रानी पर विवाद
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, लेखिका जयश्री मिश्रा की किताब 'रानी' पर यह विवाद शुरू हुआ है। यूं तो यह किताब करीब 10 साल पहले लिखी गई थी, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर इसको लेकर खासी चर्चा है। इस किताब में ईस्ट इंडिया कंपनी के रॉबर्ट एलिस नाम के एक पॉलिटिकल एजेंट से झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बीच प्रेम संबधों का जिक्र किया है।
विज्ञापन
मायावती सरकार ने लगाया था बैन
3 of 5
झांसी की रानी
- फोटो : फाइल फोटो
आपको बता दें कि इस किताब को उत्तरप्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार में साल 2008 में बैन लगा दिया गया है, लेकिन यह किताब ऑनलाइन उपलब्ध है। इस किताब की लेखिका जयश्री मिश्रा यूके में रह रही है, जिन्होनें इस किताब को हिस्टॉरिकल फिक्शन का रूप दिया था। इस किताब के पेज नंबर 212 पर ये विवादित कथन लिखा हुआ है।
यह लिखा है किताब में
4 of 5
किताब के अंश
- फोटो : अमर उजाला
लेखिका जयश्री मिश्रा अपनी किताब 'रानी' में लिखती हैं कि 'एक प्रेम कहानी जो कभी कही ना गई हो और अधूरी हो, उसे कहने से पहले मैं जानती हूं कि मैं हर हिंदुस्तानी शख्स के जज्बातों से खेल रही हूं। रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य और पराक्रम के बारे में बड़ी गहनता से पढ़ाया गया है। लेकिन मेरे अंदर की महिला इन सब बातों को दरकिनार करते हुए मुझे ये सोचने पर मजबूर करती है कि किसी महिला में इतने शौर्य का संचार कहां से हो सकता है जबकि वो एकदम अकेली थी। मैं आज भी उस महिला को महसूस कर सकती हूं जो कभी ना कभी कहीं ना कहीं से उड़ती हुई मुझ तक आ पहुंचती है।
गौरतलब है कि हाल ही में 'पद्मावत' फिल्म को लेकर खूब विरोध हुआ है। राजस्थान में अब तक फिल्म प्रदर्शित नहीं हो पाई है। राजपूत समाज ने इसकी जमकर खिलाफत की है। अब ब्राह्मण समाज राजस्थान में इस तरह की फिल्मों की शूटिंग न करने दिए जाने की मांग कर रहा है। साथ ही मांग है कि फिल्म के निर्माता से तथ्यों से छेड़छाड़ न होने का शपथ पत्र लिया जाए।