निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म 'पद्मावत' कई राज्यों में बैन हो गई है। इसके खिलाफ मेकर्स ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं दूसरी और जिन राज्यों में फिल्म बैन की घोषणा की गई थी वे सरकारें अब बैन के आधिकारिक आदेश देने में जुटी हैं। बुधवार को राजस्थान सरकार के गृह विभाग ने भी पद्मावत फिल्म बैन का आदेश जारी कर दिया। गौरतलब है कि बुधवार को 'पद्मावत' फिल्म को देश भर में बैन करने की मांग को लेकर राजपूत सहित कई समाज के लोगों ने चित्तौड़गढ़ में हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया था।
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इन चार प्रदेशों में हुई है ये फिल्म बैन
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फाइल फोटो।
'पद्मावती' से 'पद्मावत' हुई संजय लीला भंसाली की फिल्म की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद और फिल्म में बदलाव करने की बात कहने वाले मेकर्स चार राज्यों में फिल्म प्रदर्शित नहीं कर सकेंगे। इन राज्यों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा व गुजरात सम्मलित हैं।
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जौहर की दी है चेतावनी
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फाइल फोटो।
वहीं फिल्म के विरोध में राजपूत व अन्य समाजों के लोग उग्र आंदोलन की चेतावनी दे चुके है। बीते 13 जनवरी को चित्तौड़ में हुई सर्व समाज की बैठक में सड़क व रेल यातायात जाम करने के साथ राजपूत समाज की महिलाओं ने जौहर की भी चेतावनी दी थी। क्षत्राणियों ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म रिलीज होती है तो वे बता देंगी कि जौहर क्या होता है।
मेकर्स का ये है कहना
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फाइल फोटो।
वहीं चार राज्यों में फिल्म बैन के विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मेकर्स का कहना है कि कुछ संगठनों के दबाव में फिल्म को बैन किया गया है। उनका कहना है कि सेंसर बोर्ड के अनुसार फिल्म के नाम के साथ कई बदलाव कर दिए गए है। इसलिए फिल्म को अब बैन नहीं करना चाहिए। गौरतलब है करणी सेना सहित कई राजपूत संगठनों का कहना है कि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है इसलिए इसे बैन कर देना चाहिए।
'पद्मावत' फिल्म इस माह की 25 तारीख को रिलीज हो रही है। वहीं मेकर्स की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। जबकि दूसरी और करणी सेना व कई संगठनों की ओर से पद्मावत फिल्म को यूपी व दिल्ली में भी बैन कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए इन संगठनों के पदाधिकारी लगातार राजनेताओं से मिल रहे हैं।