फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पटरी संग झूल रही थीं हजारों यात्रियों की जान, देखिए लापरवाही की तस्वीरें...

Tue, 18 Jul 2017 05:52 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
1 of 5
मिट्टी के कटाव से ट्रैक के ठीक नीचे बने गड्ढे के बावजूद दौड़ाई ट्रेनें - फोटो : अमर उजाला
रेलवे की ये अनदेखी हजारों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी। सुस्ती का आलम यह था कि ट्रेनें जिस पटरी से होकर गुजरती रही, उसके नीचे की मिट्टी ही कटकर साफ हो गई, पर रेलवे का ध्यान ही नहीं गया। हजारों यात्रियों को लेकर ट्रेनें निकलती रहीं। मामला जयपुर के अर्जुन नगर फाटक का है। रविवार रात हुई बारिश ने फाटक को दोहरा नुकसान कर दिया। एक तरफ जहां अर्जुन नगर का आरयूबी पानी से लबालब हो गया, वहीं दूसरी तरफ रेलवे लाइन के नीचे की मिट्टी का कटाव होने लगा। धीरे धीरे कटाव काफी बढ़ गया, देखते ही देखते दो से ढाई फीट गहरा और कई फीट लम्बा गड्डा हो गया।
विज्ञापन

बड़ी चूक से हो सकता था बड़ा नुकसान

2 of 5
मालगाड़ी गुजरते हुए - फोटो : अमर उजाला
अर्जुन नगर फाटक जयपुर शहर में है और पटरियों के दोनों ओर घर बने हुए हैं। घनी आबादी के बीच इस हुए इस कटाव से बड़ा नुकसान हो सकता था। इन सब से बेखबर रेलवे ने एक के बाद एक करीब पांच ट्रेनें उन्हीं पटरियों पर से गुजार गईं। तब तक किसी को अंदाज नहीं था कि यह लापरवाही किस तरह के अंजाम में बदल सकती है।
 
विज्ञापन

आनन-फानन में भेजे कर्मचारी, लेकिन कर दी ट्रेन भी रवाना

3 of 5
मिट्टी के कटाव से ट्रैक के ठीक नीचे बने गड्ढे को भरते हुए मजदूर - फोटो : अमर उजाला
जयपुर-सवाईमाधोपुर रेलवे लाइन पर यह कटाव हुआ। पहले तो रेलवे प्रशासन को इसकी खबर ही नहीं मिली और जब खबर मिली, तो आनन-फानन में लाइन सही करवाने के लिए कर्मचारियों को भेजा गया। गंभीर बात यह रही कि रेलवे लाइन में सुधार का काम शुरू होता उससे पहले ही जयपुर-भोपाल एक्सप्रेस रवाना कर दी गई।

अनजान यात्रियों को नहीं था अंदाज, जानकर भी रेलवे ने नहीं रोकी ट्रेनें

4 of 5
क्रेन की भी ली मदद - फोटो : अमर उजाला
एक बारगी तो सब सकते में आ गए, लेकिन इस ट्रेन को क्षतिग्रस्त लाइन पर से गुजार दिया गया। लापरवाही की हद यह थी कि उस समय ट्रेन में हजारों यात्री मौजूद थे। इसके बाद अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस, पुण एक्सप्रेस समेत करीब पांच ट्रेंने इसी ट्रैक से गुजार दी गईं। इस दौरान यात्रियों भले ही इस बात से अनभिज्ञ हों, लेकिन रेलवे प्रशासन सब कुछ जानता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रैक के नीचे और आगे तक हुए कटाव को भरते हुए मजदूर

5 of 5
पटरी के नीचे गड्ढा भरते मजदूर - फोटो : अमर उजाला
रेलवे अधिकारियों ने बाद में कई तरह के इंतजाम किए। इसमें एकतरफ जहां मजदूर लगाकर मिट्टी से गड्ढे भरे गए, वहीं दूसरी तरफ क्रेन भी लगाई गई। पटरी के नीचे से हुए कटाव को भरने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें