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जानकी से ब्याह रचाने रथ पर निकले प्रभु जगन्नाथ

Sun, 02 Jul 2017 09:07 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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भगवान जगन्नाथ यात्रा - फोटो : amar ujala
अलवर की ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ यात्रा का शुभारंभ आज अलवर के सुभाष चौक स्थित जगन्नाथ मंदिर से हुआ। मान्यता है कि प्रभु जगन्नाथ जानकी से ब्याह रचाने अब निकल गए हैं।   

इससे पहले मंदिर में महाआरती के साथ जिला कलक्टर ने प्रभु की पूजा—अर्चना की। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में देखी गई। 21 झांकियों के साथ पुलिस बैंड और 15 तरह की अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच भगवान जगन्नाथ की यात्रा रवाना की गई।
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जानकी के गले में डालेंगे वरमाला

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भगवान जगन्नाथ यात्रा - फोटो : amar ujala
यह यात्रा जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई राजगढ़ रोड स्थित रूपबास स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी। जहां प्रभु का जानकी से विवाह आयोजित होगा।इसके साथ ही यहां पांच दिवसीय मेला शुरू हो जाएगा। मेला स्थल पर 4 जुलाई को जगन्नाथ प्रभु माता जानकी के गले में वरमाला डालेंगे, इस वरमाला महोत्सव कहा जाता है।
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देश—विदेश के लोग होते हैं शामिल

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भगवान जगन्नाथ यात्रा - फोटो : amar ujala
पुजारी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि सैकड़ों वर्षों से यह यात्रा अलवर में निकाली जाती है जिसमें राजस्थान से ही नहीं बल्कि देशभर से लोग भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए अलवर पहुंचते हैं।

पूरी सुरक्षा के बीच निकलती है यात्रा

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भगवान जगन्नाथ यात्रा - फोटो : amar ujala
शोभायात्रा के दौरान सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मियों के पहरे के बीच जगन्नाथ यात्रा रवाना की गई। यात्रा के दौरान जिला कलक्टर राजन विशाल सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन और एडीएम सिटी महेंद्र मीणा भी मौजूद रहे।
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रथ के नीचे से निकलने पर होती हैं मनोकामनाएं पूरी

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भगवान जगन्नाथ यात्रा - फोटो : amar ujala
भक्तों की ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ के नीचे से निकलने पर उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पांच दिवसीय इस मेले में गांव—गांव और देश—विदेश के लोग बड़ी उत्सुकता से शामिल होते हैं।
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