देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाला मरू महोत्सव 2108 का आज से आगाज हो गया है। तीन दिवसीय इस महोत्सव की ख्याति इतनी फैली हुई है कि यहां विदेशी पर्यटकों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। कहा जाता है कि सुर...संस्कृति और सूरज...सभी का अनोखा अंदाज देखने लोग दूर-दूर से यहां आते हैं।
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पहले दिन योगा से हुई फेस्टिवल की शुरुआत
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डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर
विदेशी पर्यटकों में डेजर्ट फेस्टिवल के नाम से मशहूर राजस्थान के जैसलमेर जिले में ये महोत्सव हर साल मनाया जाता है। इसी कड़ी में आज अलसुबह यहां गड़ीसर सरोवर पर योगा और प्राणायाम के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। महोत्सव में होने वाले नए-नए आयोजनों को लेकर यहां हमेशा पर्यटकों में उत्सुकता बनी रहती है।
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शोभायात्रा में शामिल हुए पर्यटक
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डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर
29 से 31 जनवरी तक चलने वाले इस फेस्टिवल में सांस्कृतिक समागम देखने को मिल रहा है। यहां आज पहले दिन गड़ीसर लेक से सुबह 9 बजे शोभायात्रा निकाली गई। इसमें राजस्थानी संस्कृति और पहनावे को देखकर पर्यटक काफी उत्सुकता लिए दिखे। शोभायात्रा आसनी रोड, सालमसिंह हवेली, गोपा चौक, सोनार दुर्ग, मुख्य बाजार से होती हुई शहीद पूनम सिंह स्टेडियम पहुंची।
राजस्थानी संस्कृति को किया साकार
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डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर
शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में महोत्सव का विधिवत आगाज किया गया। विद्यालय की बालिकाओं द्वारा घूमर नृत्य पेश किए गए और तरह-तरह की झांकियां बनाई गई। इन झांकियों में राजस्थानी परम्परा और वेशभूषा को बच्चों ने साकार किया। हर किसी ने यहां इन बच्चों के राजस्थानी पहनावे की खूब तारीफ की।
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देश के कई राज्यों के कलाकार हो रहे शामिल
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डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर
महोत्सव में साफा बांध प्रतियोगिता, मूमल-महेन्द्रा प्रतियोगिता, मूंछ प्रतियोगिता अपनी खास पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा यहां खाजुवाला के ओमप्रकाश भील द्वारा मषक वादन, राजेन्द्र परिहार जोधपुर द्वारा शहनाईवादन और संजय सेवक जैसलमेर के शंखवादन के लिए मशहूर हैं। फेस्टिलव में पंजाब ,जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गुजरात सहित देश के कई हिस्सों के कलाकार भाग ले रहे हैं।
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ये सब तीन दिन में देखने को मिलेगा
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डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर
तीन दिवसीय फेस्टिवल में नृत्य एवं सिद्धी धमाल, मटका रेस, अन्नू सौलंकी द्वारा घुटना चकरी नृत्य, अन्तर्राष्ट्रीय लोक कलाकार तगाराम भील मूलसागर द्वारा अलगौंजावादन, हाकमखां कैसूम्बला द्वारा राजस्थानी गीत और हसनखां जैसलमेरी व जफरखां बीकानेर द्वारा राजस्थानी गीत, अशोक शर्मा भरतपुर द्वारा फूलों की होली, नीतिन दवे भावनगर द्वारा रास गरबा नृत्य, शौभा हर्ष द्वारा मांड गायकी की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
इसके अलावा यहां सबसे खास डेडानसर मैदान में ऊंटों के करतब होंगे। इनमें दौड़ से लेकर उनके श्रंगार की प्रतियोगिता शामिल होगी। रस्साकसी प्रतियोगिता भारतीय एवं विदेशी पर्यटकों के बीच होगी। दंगल, कबड्डी मैच, महिलाओं की पणिहारी मटका रेस, केमल पोलो मैच, भारतीय वायु सेना द्वारा रोमांचक एयर वॉरियर ड्रील, केमल टेटू शो और विश्व का आठवा अजूबा मांउटेन बैंड के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।