रातों-रात एक शांत कस्बा छावनी में तब्दील हो गया। एक मेले के मैदान पर ऐसा हंगामा हुआ कि शहर बंद करने की नौबत आ गई। कानून बनाए रखने के लिए पुलिस को आगे आना पड़ा। मामला झुंझनूं जिले के शांत उदयपुरवाटी कस्बे का है। रविवार रात सरकारी स्कूल के खेल मैदान में लगे हेंडीक्राफ्ट मेले में हुए उपद्रव के बाद सोमवार को कस्बे के बाजार बंद रहे। सुबह होते ही एक पक्ष के लोग सड़कों पर उतर आए। पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी कर रैली निकाली।
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दो दर्जन को लिया हिरासत में
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सड़क पर विरोध करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
लोगों को समझाने के लिए पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत की थाने के बाहर पूरी तरह भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। रविवार रात हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने रात भर कार्रवाई करते हुए दो दर्जन से अधिक को हिरासत में लिया है। सुबह होने से पहले ही पुलिस ने धरपकड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। जिले के अलावा सीकर से भी आरएसी बुलाई गई है।
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इसलिए हुआ था बवाल
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सड़क से गायब रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, कस्बे में लगाए जा रहे हैंडीक्राफ्ट मेले में रविवार रात एक युवक ने कथित रूप से फायर कर दिया था। फायर के बाद युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया । इस दौरान एक समुदाय विशेष के लोगों थाने पर आकर उसे छुड़ाने की नाकाम कोशिश की। थाने पर पथराव करने लगे।
लाठीचार्ज करके उपद्रवियों को खदेड़ा
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भारी पुलिस बल किया तैनात
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही बजरंग दल के तहसील संयोजक रोहिताश सैनी पर थाने के बाहर ही हमला बोल दिया। पुलिस ने भी भागकर अपने आप को बचाया। बाद में लाठीचार्ज करके उपद्रवियों को खदेड़ा। इसके बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी है। कस्बे के बाजार पूरी तरह बंद है।
कस्बे में तनावपूर्ण स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने भी अपना डेरा डाल लिया। सीकर आरएसी के अलावा वज्र वाहन भी बुला लिया गया। दूसरी तरफ कलेक्टर दिनेश यादव, एसपी मनीष अग्रवाल, विधायक शुभकरण चौधरी, एएसपी नरेश मीना, एसडीएम शिवपाल जाट, डीएसपी प्रभातीलाल शेरावत, तहसीलदार ओंकार मल मूंड, केके सैनी, मीनू सैनी आदि थाने में मौजूद रहे।