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रेगिस्तान से होता हुआ आपकी भाभीजी के घर पहुंचा 'चोटी कटवा'

Thu, 10 Aug 2017 08:49 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कभी चुड़ैल तो कभी उड़ने वाली बिल्ली, कभी कोई गायब होने वाला इंसान... 'चोटी कटवा' की कई कहानियां प्रचलन में आ गई हैं। चोटी काटे जाने की खबरों ने अब गांव से लेकर 'भाभीजी के घर' तक पकड़ बना ली है। एक टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले सीरियल भाभी जी घर पर हैं.. में भी इन दिनों यही अफवाह छाई हुई है।
नाटक के किरदार विभूति नारायण और मनमोहन तिवाड़ी दोनों ही अपनी अपनी भाभियों को अपने प्रति मोहित करने के लिए तांत्रिक के पास पहुंचे हैं, जहां तांत्रिक ने उपाय बताया है कि यदि भाभीजी को अपना बनाना चाहते हो तो उनकी चोटी के बाल काट लाओ।

बस नाटक में यहीं से कई अजीबो गरीब मोड़ देखने को मिले। राजस्थान के गावों से लेकर टीवी के परदे पर इस तरह के बातें देखने को मिल रही है।
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राजधानी तक पहुंचा चोटी कटवा, बनाए दो शिकार

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में बृहस्पतिवार को ऐसी ही घटना देखने को मिली। एक वृद्धा ने चोटी काटे जाने की बात कही है। इससे पहले एक 12 साल की बच्ची मुस्कान की भी चोटी कटने की बात सामने आई थी।
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पति नहीं आया तो काटी चोटी

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महिला ने काटी थी अपनी चोटी - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान में सबसे पहले जोधपुर के लोहावट में एक महिला ने दावा किया कि रहस्यमय तरीके से उसके बाल काट लिए गए हैं। इससे गांव में हड़कंप मच गया था। बाद में इस महिला ने राज उगला कि उसका पति करीब एक महीने से घर नहीं लौट रहा था। इसलिए उसे बुलाने के लिए उसने बाल काट लिए और फिर रात को किसी व्यक्ति द्वारा आकर बाल काटने की अफवाह फैला दी।

यूं चल पड़ा अफवाहों का सिलसिला

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इसके बाद कोटा, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर में चोटी काट ले जाने की दर्जनों अफवाहों ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी। इसके बाद महिलाओं ने अंधविश्वास के चलते अपने घरों के बाहर दीवारों पर मेंहदी लगाना शुरू कर दिया था। ऐसे ही कहीं कहीं तो ग्रामीणों ने रातभर हाथ में लट्ठ लिए पहरा भी देना शुरू किया।
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अंधविश्वासों ने पकड़ा जोर

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गांव के चारों तरफ खींची दूध से रेखा - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद लोगों ने अजीबो गरीब तरीके ईजाद कर लिए। लोगों ने शराब और दूध की धार को हथियार बनाया। बाड़मेर जिले के बालोतरा में ऐसी अफवाहों के चलते ग्रामीणों ने दूध और शराब की धार के साथ पूरे गांव का चक्कर लगाते हुए एक रेखा तैयार की थी। ऐसा करने के पीछे ग्रामीणों का तर्क था कि इससे चोटी काटने वाला गांव के आसपास भी नहीं मंडराएगा।
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समस्या दिमाग में है...

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राजस्थान के बाद  देश के दूसरे इलाकों में चोटी काटे जाने की खबरें आनी शुरू हो गई। राजस्‍थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में महिलाओं की चोटी कटने की घटना ने कई इलाकों में दहशत फैला दी। अब तक पुलिस की जांच में किसी तरह का कोई व्यक्ति पकड़ में नहीं आया। वहीं जहां तक मनोवैज्ञानिकों की है वे इसे दिमागी समस्या मान रहे हैं।
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कीड़ा काट जाता है बाल...

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choti - फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा में हुई एक घटना में सामने चोटी काटने के पीछे पुलिस ने एक कारण मैकी नाम के कीड़े को बताया है। दरअसल, एक ही गांव में चोटी काटने के दो मामले सामने आने के बाद बादलपुर कोतवाली प्रभारी केके राणा ने मौके पर जाकर पड़ताल की। राणा के मुताबिक, छात्रा शिखा के परिजनों ने इस मामले में कोई लिखित शिकायत देने से इंकार किया है। राणा ने बताया कि बरसात में निकलने वाला मैकी कीड़ा जब बालों पर चलता है तो वहां से बाल कट जाते हैं।
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नहीं सुलझा अब तक रहस्य

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लोग इन घटनाओं के पीछे चुड़ैल, भूत और तरह तरह की बातें कर रहे हैं। गंभीर बात ये है कि अब तक पुलिस को किसी तरह की सफलता नहीं मिली है। ज्यादातर मामलों में चोटी काटने का दावा करने वालों की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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