फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम की तारीफ के बाद राजस्थान में बदलेगी राजनीति की गणित, जानें...

Wed, 17 Jan 2018 10:49 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
1 of 5
फाइल फोटो।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण अक्सर भविष्य की तस्वीर स्पष्ट करने वाले होते हैं। ऐसा ही कुछ मंगलवार को राजस्थान के बाड़मेर में भी दिखाई दिया। यहां मोदी ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व की तारीफ की और राजस्थान में भाजपा के नेतृत्व में परिवर्तन के सपने संजो रहे कई नेताओं को स्पष्ट संकेत दे गए। दरअसल राजस्थान में इस माह के अंत में तीन उपचुनाव के साथ वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होने है। इसी के चलते राजस्थान से आने वाले भाजपा के कई दिग्गज इन चुनावों के परिणामों से पूर्व राज्य में भाजपा के नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं को हवा देने में जुटे हैं।
विज्ञापन

तारीफ के बाद बदले मायने

2 of 5
फाइल फोटो।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व के रिश्ते सहज नहीं रहे हैं। लेकिन बाड़मेर रिफानरी के कार्य शुभारंभ के मौके पर पीएम मोदी ने वसुंधरा राजे के कार्यों की तारीफ की। जिसके बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा राजस्थान में आगामी चुनाव राजे के नेतृत्व में ही लड़ेगी। हालांकि इस माह होने जा रहे उपचुनाव के नतीजों पर भी पार्टी की नजर रहेगी।
विज्ञापन

राजस्थान है भाजपा के लिए खास

3 of 5
फाइल फोटो।
दरअसल राजस्थान भाजपा की राजनीति के लिहाज से काफी खास है। क्योंकि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के करीबी दो नेता राजस्थान से ही आते हैं, जिसमें एक है भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर और दूसरे है भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव। इन दोनों ही नेताओं के समर्थक समय-समय पर वसुंधरा राजे के नेतृत्व पर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ भी भाजपा नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं।

उपचुनावों पर रहेंगी निगाहें 

4 of 5
फाइल फोटो।
राजस्थान में इस माह के अंत में तीन उपचुनाव होने हैं। जिसमें अलवर, अजमेर लोकसभा व मांडलगढ़ विधानसभा का उपचुनाव सम्मलित हैं। यहां भाजपा ने जो प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं वे सभी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थित उम्मीदवार हैं। हालांकि इन प्रत्याशियों की घोषणा के बाद पार्टी पर वंशवाद और जातिवाद के भी आरोप लगे हैं। अब राजे के विरोधी नेता इन उपचुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर निगाह बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीनों सीट थी भाजपा के पास

5 of 5
फाइल फोटो।
जिन सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे है वे अभी तक भाजपा के पास थी। इसलिए राजे के सामने इन तीनों सीटों पर पार्टी को जीत दिलाने की चुनौती रहेगी। उपचुनावों में जीत के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने करीबी मंत्रियों को इन चुनावों की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पूर्व वे स्वयं संबधित विधानसभाओं में जाकर जन सम्पर्क कार्यक्रम कर चुकी है। तीन उपचुनाव के लिए मतदान 29 जनवरी को होना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें