पिछले कुछ दिनों महीनों में हुए भीषण अग्निकांड की घटनाओं ने लोगों के दिलों में सिहरन पैदा कर दी। लापरवाही की चिंगारी से सुलगी आग ने परिवार के परिवार ही उजाड़ डाले और हालात ऐसे कर दिए कि अर्थियों को कंधा देने वाले अपने लोग ही नहीं रहे। वो दर्दभरे मंजर आज भी हर किसी को सिहरा देते हैं।
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शाहपुरा दुखांतिका: ट्रांसफॉर्मर फटने से 21 लोगों की हुई थी मौत
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shahpura transformer blast
जयपुर के पास शाहपुरा में एक ट्रांसफार्मर फटने की घटना में 21 लोगों की मौत हुई थी। ट्रांसफॉमर फटने के बाद उसका खौलता हुआ आॅयल शादी की एक रस्म पूरी करके वापस लौट रही महिलाओं एवं अन्य लोगों पर गिर गया था। इस दिल दहला देने वाली घटना में बिजली विभाग की घोर लापरवाही सामने आई थी। हालांकि हादसे के जिम्मेदार लापरवाहों पर कोई आंच नहीं आई।
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विद्याधर नगर अग्निकांड: पांच अर्थियों को कंधा देने के लिए बचा केवल एक
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vidhyadhar nagar blast case
- फोटो : Amar Ujala
जयपुर के विद्याधर नगर में एक हस्ते खेलते परिवार पर आग कहर बनकर टूट पड़ी थी। यह दिल दहला देने वाला हादसा विद्यानगर सेक्टर 9 में स्थित लोहे का कारोबार करने वाले संजीव गर्ग के घर में हुआ। हादसे में संजीव गर्ग के पिता महेन्द्र गर्ग (75), बेटी अर्पिता (22) तथा अपूर्वा (20), बेटा अनिमेष (18) व भांजा शौर्य (20) जिंदा जल गए। इस मामले में सरकारी तंत्र की पोल भी खुली थी क्योंकि सूचना दिए जाने के काफी देर बाद तक दमकल मौके पर नहीं पहुंची। जब दमकल वहां पहुंची तो उसकी सीढ़ियां नहीं खुली और पानी का पाइप जुड़ नहीं पाया। दमकल के साथ आया स्टाफ भी अप्रशिक्षित था।
ब्यावर सिलेंडर ब्लास्ट: छोटे से लालच से भड़की आग में 19 जिंदा जले
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beawar tragedy
आज ब्यावर और जोधपुर का पिपाड़ शहर पूरी तरह से गमजदा है। ब्यावर में हलवाई के एक छोटे से लालच से सुलगी आग में 19 लोग जिंदा जल गए जबकि कई अब भी झुलसे हुए अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
जोधपुर के पिपाड़ शहर में ब्यावर हादसे में मारे गए पिपाड़ निवासी 10 लोगों के शवों का एकसाथ अंतिम संस्कार किया गया तो पूरे कस्बे के लोगों की आंखो से आंसू छलक पड़े। मारे गए लोग एक शादी समारोह में भाग लेने ब्यावर गए थे जो कि आपस में रिश्तेदार थे। इस हादसे में दूल्हे ने अपने मां बाप को खोया तो तो किसी पिता पुत्र और सगे भाईयों की जान चली गई। 10 लोगों की इस अंत्योष्टि में पूरा कस्बा ही उमड़ पड़ा और किसी की बहू तो किसी के बच्चों और बेटों को अंतिम विदाई दी गई।