ब्यावर में सिलेंडर फटने से हुए भीषण हादसे में अपने कई रिश्तेदारों को खो चुके दूल्हे की मातमी माहौल में शादी की रस्म अदायगी हुई। दूल्हा हेमंत पटनेचा अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ जोधपुर पहुंचा और दुल्हन रितु के साथ शादी की। यह सब कुछ हुआ महज 15 मिनट में।
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ना बैंड बाजा, ना घोड़ी-बारात, आंख में थे आंसू
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beawar tragedy
दुल्हन रितु के घर ना तो शहनाई नहीं बजी और ना ही कोई बैंड बाजा। हेमंत अपने खास रिश्तेदारों के साथ पहुंचा और शादी की रस्म अदा की। इस दौरान वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर खुशी नजर नहीं आई। उनकी आंखों में दु:ख के आंसू बार-बार छलक रहे थें।
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दूल्हा-दुल्हन के रह रहकर आ रहे थे आंसू
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शादी की रस्मों के बीच कई बार हेमंत की आंखो से बरबस ही आंसू टपक रहे थे। वहीं हेमंत को देख उसकी दुल्हन रितु का भी बुरा हाल हो गया और वो उसी के साथ फफक-फफक कर रोती दिखाई दी।
15 मिनट में लिए फेरे
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beawar gas tragedy
ब्यावर निवासी हेमंत अपने चार रिश्तेदारों और कुछ दोस्तों समेत जोधपुर पहुंचा जहां करीब सवा घंटे तक शादी की रस्म चली और दूल्हा दुल्हन ने 15 मिनट में ही फेरे ले लिए। इसके बाद हेमंत रितु को लेकर ब्यावर के लिए निकल गया।
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धरे रह गए सारे इंतजाम
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घटना स्थल, ब्यावर
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच ही रितु और हेमंत की शादी की जोरशोर से तैयारियां कर ली गई थी। दूल्हा दुल्हन के लिए जोधपुर के एक मैरिज गार्डन में शानदार स्टेज और मंडप भी तैयार कर लिया गया था। रितु के पिता ने अपनी बेटी की शादी में आने वाले मेहमानों के लिए एक से बढ़कर एक लजीज व्यंजन तैयार कराए थे मगर उनके ये सभी इंतजाम धरे के धरे रह गए।
सिलेंडर ब्लास्ट हादसे से शादी की सारी खुशियां काफूर हो गई। दूल्हे की मां भी इस हादसे का शिकार बनी। मां आचुकी देवी का शव आज मलबे में मिला। नियति के आगे एक दूल्हे की बदकिस्मती ये रही की वो अपनी ही शादी में मां का आशीर्वाद भी नहीं ले सका।