देश में जहां-जहां भी कहीं आपदा आती है वहां सबसे पहले देश की सेना पहुंचकर मोर्चा संभाल लेती है। इस वक्त सेना की जरुरत राजस्थान के जालोर जिले को सबसे ज्यादा है जहां चारों तरफ बस पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। राजस्थान का जालोर जिला इस समय बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है। एसडीआरएफ और सेना लगातार यहां राहत और बचाव कार्य करने में जुटी हुई है। जालोरवासियों के लिए सेना इस समय किसी दूत से कम नहीं है।इस बार ये देवदूत नाव के सहारे लोगों को बचाने का काम कर रहे हैं।
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सांचौर में 300 लोग फंसे
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पेड़ के नीचे पानी से घिरे ग्रामीणों को मदद पहुंचाते जवान
- फोटो : amar ujala
जालोर के सांचौर कस्बे के पावटा गांव में करीब 300 लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। यहां सेना लगातार रेस्क्यू आॅपरेशन चलाकर लोगों की जान बचाने में जुटी हुई है।
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अब तक करीब 87 लोगों को बचाया
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मौके की तस्वीरें
- फोटो : amar ujala
सेना के सूत्रों के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार सेना के जवानों ने सांचौर के विभिन्न गांवों में फंसे लोगों में से करीब 87 लोगों को रेस्क्यू कर बचा लिया है।
सेना ने तीन मरीजों को बाढ़ से बचाते हुए अस्पताल तक भी पहुंचाया
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एक बीमार बुजुर्ग महिला को अस्पताल पहुंचाती सेना
- फोटो : amar ujala
सेना के जवानों ने अब तक 87 लोगों को रेस्क्यू कर लिया है वहीं बचाए लोगों में से तीन लोग ऐसे भी थे जिन्हें आपातकालीन सेवाओं की काफी ज्यादा जरुरत थी। बताया गया है एक शख्स को यहां के स्थानीय सुरवा गांव में हार्ट अटैक आया था जिसे सेना ने रेस्क्यू करते हुए अस्पताल पहुंचाया वहीं सांचौर के दुथवा गांव में बीमार चल रही एक बुजुर्ग महिला को पानी से बचाते हुए अस्पताल तक पहुंचाया गया।
पानी में डूबा जलोर रेलवे स्टेशन
- फोटो : amar ujala
जालोर में बाढ़ के कारण बेकाबू हो रहे हालातों के मद्देनजर सेना द्वारा 4 गांवों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। यहां साखड़,सुर्वा,दुथवा और पादरड़ी गांव में सेना बोट द्वारा रेस्क्यू आॅपरेशन चला रही है और लोगों को धीरे धीरे सुरक्षित स्थन पर पहुंचाया जा रहा है।