लग्जरी कार और बाइकों का शौक अब युवाओं के सिर चढ़कर बोलने लगा है। इसी का नतीजा है विदेशी कारों और बाइक का मार्केट पिछले दो वर्षों में 30 फीसदी तक बढ़ गया है। लेकिन इनके खरीदारों के लिए अभी जो मुश्किल है वह है इन गाड़ियों पर लगने वाला वन टाइम टैक्स। राजस्थन में ऐसी गाड़ियों पर लगने वाला यह टैक्स दस फीसदी है।
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पड़ोसी राज्यों से लाकर दौड़ा रहे हैं यहां
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फाइल फोटो।
इसी टैक्स को बचाने के लिए यहां के लोग पड़ोसी राज्यों से इन गाड़ियों की खरीदी कर रहे हैं और राजस्थान में दौड़ा रहे है। लेकिन अब एसडीआरआई और राजस्थान परिवहन विभाग ने ऐसे लोगों पर नजर टेड़ी कर ली है। विभाग ने राजस्थान में 36 हार्ले डेविडसन बाइक और 300 लग्जरी कारों को चिन्हित किया है। इनमें मंगलवार एक बाइक व नौ कारों पर कार्रवाई की गई।
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कारें भी विभाग के राडार में
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फाइल फोटो।
जयपुर में की गई कार्रवाई में बाइक को सड़क पर नहीं चलने के लिए पाबंद करते हुए कागजात जब्त किए गए हैं। साथ नोटिस जारी कर टैक्स चुकाने के लिए कहा गया है। वहीं तीन आॅडी, दो बीएमडब्लयू, चार मर्सिडीज कारों के भी दस्तावेज जब्त कर उन्हें नहीं चलने के लिए पाबंद किया गया है। जानकारी के अनुसार बीते कुछ दिनों में ऐसी 30 से अधिक कारों पर विभाग ने कार्रवाई की है।
पहले का टैक्स हो सकता है रिफंड
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फाइल फोटो।
गौरतलब है राजस्थान के नजदीकी राज्यों में लग्जरी बाइक व कारों पर लगने वाला वन टाइम टैक्स दो—चार फीसदी है। इसी कारण यहां के लोग अन्य राज्यों में इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन करवाते है। हालांकि यदि उन्हें इस टैक्स को पुन: भरना पड़ रहा है तो वह पहले चुकाए टैक्स को लेकर सबंधित राज्य में क्लेम कर सकते है। इसके बाद उन्हें वह पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।
हालांकि विभाग के सख्ती के बाद भी उम्मीद कम ही है कि राजस्थान में इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन बढ़ेगा। क्योंकि यहां वन टाइम टैक्स का प्रतिशत काफी ज्यादा है। जानकारी के अनुसार विभाग का अनुमान है यदि चिन्हित गाड़ियों से टैक्स वसूला गया तो उसे उसे करीब दस करोड़ के राजस्व की प्राप्ति होगी। यह टैक्स उन गाड़ियों से वसूला जाएगा जो कि 30 दिन से ज्यादा समय से राजस्थान में दौड़ रही है।