घड़ी में सुबह के 9.30 बजे थे। कुछ लोग अपने दफ्तर के लिए घर से निकले थे और कुछ लोग दफ्तर में बैठकर काम कर रहे थे। 11 सितंबर 2001 का वो मंगलवार अमेरिका के लोगों के लिए अमंगल सबित हुआ ।
जब 19 अलकायदा के आतंकियों ने अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 77 सहित तीन विमानों को हाईजैक किया। ये सभी विमान यात्रियों से भरे हुए थे। जिनमें से कोई भी व्यक्ति जिंदा नहीं बचा था। आतंकियों ने चार विमानों में से दो विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर गिराया और एक विमान को पेंटागन पर गिराया। जबकि चौथा विमान को शेंकविले के खेतों में गिरा पाया गया।
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अमेरिका के इतिहास में इस सबसे बड़े आतंकी हमले में करीब 3000 लोग की जान गई। 110 मंजिला वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हजारों लोग अपने काम में व्यस्त थे। किसी को भी इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके जीवन में एक बड़ी घटना होने वाली है। इस घटना में किसी ने अपने बेटे को खोया तो किसी ने अपने पिता को। हादसे में बहुत से बच्चों पर उनकी मां का साया तक हट गया। अमेरिका के लोगों के लिए ये आतंकी हमला किसी त्रासदी से कम नहीं था।
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जिस समय ये भयानक आतंकी हमला हुआ उस समय वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और साउथ टावर में कई देशों के नागरिक मौजूद थे। जिनको अपनी जान गवांनी पड़ी। उस दौरान जब पहला आतंकी हमला हुआ तो उस समय तक अमेरिकी लोगों को एक सामान्य हादसा लग रहा था। मगर जैसे-जैसे तीन और अन्य हमलों की खबरों आयी तब पता चला कि ये एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया आतंकी हमला था।
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जिस समय आसमान छूते वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और साउथ टावर जमीन पर गिरे तो कुछ घंटों के लिए वहां का माहौल धूल के बादल में बदल गया और चारों तरफ चीख पुकार सुनाई देती रही। किसी की सांसें रुक चुकी थीं तो कुछ अपने साथी सहयोगी को अधमरी हालात में बचाने में लगे हुए थे। लोगों की चीख पुकार सुनकर आस-पास इलाके में मौजूद लोग बचाने के लिए आगे आये। मगर मलबे की धूल में लोगों को मौत के आलावा और कुछ नहीं मिला।
आतंकियों के हमले का अंदाजा इस बाद से लगाया जा सकता है कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और साउथ टावर गिरने के बाद उसमें लगी आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों को 100 दिन तक जद्दोजहद करनी पड़ी। इस हादसे में अमेरिका की करीब 10 अरब डॉलर की संपत्ति और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुआ था। गिरे हुए टावर के 18 लाख टन मलबे को साफ करवाने के लिए अमेरिकी सरकार को 75 करोड़ डॉलर खर्च करने पड़े। अलकायदा के इस आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। साथ ही आतंकवाद से कैसे निपटा जाये सोचने पर मजबुर कर दिया था।