साल 2022 के आखिरी हफ्ते चल रहे हैं। इस साल कई बड़े राजनीतिक घटनाक्रम हुए। देश के सात राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव हुआ। देश के पांच अलग-अलग लोकसभा और 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। आठ राज्यों में नगर निकाय चुनाव भी हो गए। इन चुनावी नतीजों ने कई दलों को मजबूत बनाया तो कुछ बेहद पीछे हो गए।
आज हम आपको इस साल की बड़ी चुनावी हलचल की जानकारी देंगे। ये बताएंगे कि चुनावी नतीजों ने किस दल को मजबूत बनाया और किसे कमजोर किया? आइए जानते हैं...
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करते उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी।
- फोटो : सोशल मीडिया
पहले राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति चुनााव की बात कर लेते हैं
राष्ट्रपति चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाली एनडीए ने ओडिशा के आदिवासी क्षेत्र से आने वाली द्रौपदी मुर्मू को प्रत्याशी बनाया था। मुर्मू के खिलाफ विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को खड़ा किया। 18 जुलाई को चुनाव हुए, जिसमें द्रौपदी मुर्मू को 64.03% वोट मिले, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 35.97% मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस तरह से देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू मिलीं। मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति भी हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव की बात करें तो भाजपा की अगुआई वाले एनडीए ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार बनाया, जबकि विपक्ष की तरफ से कांग्रेस की दिग्गज नेता रहीं मार्गरेट अल्वा को मैदान में उतारा गया। छह अगस्त को हुए चुनाव में जगदीप धनखड़ ने रिकॉर्ड 74.37% मतों के साथ जीत हासिल कर ली। विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को केवल 25.63% वोट मिले।
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विधानसभा चुनाव
- फोटो : सोशल मीडिया
विधानसभा चुनावों में कहां क्या हुआ?
इस साल सात राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात शामिल है। इनमें से पांच राज्यों में भारतीय जनता पार्टी ने दोबारा सरकार बना ली, जबकि एक राज्य में आम आदमी पार्टी और एक में कांग्रेस को जीत मिली।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
1. उत्तर प्रदेश: यहां लगातार दूसरी बार भाजपा को जीत मिली। भाजपा ने निषाद पार्टी और अपना दल (सोनेलाल) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। भाजपा की अगुआई वाली एनडीए को कुल 273 सीटों पर जीत मिली। इसमें भाजपा के 255 प्रत्याशी चुनाव जीते। समाजवादी पार्टी के साथ-साथ आठ दलों का गठबंधन था। इसमें प्रसपा, महान दल, जनवादी पार्टी, अपना दल (कमेरावादी), आरएलडी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और एनसीपी शामिल रहे। सपा की अगुआई वाले विपक्ष को 125 सीटें मिलीं। इसमें सपा के 111 प्रत्याशी चुनाव जीते। इसके अलावा कांग्रेस के दो और बसपा के एक प्रत्याशी को जीत मिली। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने भी दो सीटों पर जीत हासिल की। आम आदमी पार्टी की लगभग सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई। योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बने। इसके साथ ही करीब तीन दशक के बाद किसी पार्टी ने लगातार दूसरी बार राज्य की सत्ता में वापसी की।
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
2. उत्तराखंड: राज्य के गठन के बाद से हर पांच साल में यहां सरकार बदल जाती थी। पहली बार हुआ है जब किसी पार्टी ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। इस चुनाव में भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस के खाते में केवल 19 सीटें गईं। पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट से चुनाव हार गए, लेकिन उन्हें लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाया गया। बाद में हुए उपचुनाव में वह जीते। दो सीटें बसपा के खाते में भी गईं। आम आदमी पार्टी की लगभग सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई।
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पंजाब विधानसभा चुनाव।
- फोटो : अमर उजाला
3. पंजाब: यहां बड़ा उलटफेर हुआ। कांग्रेस को हराकर आम आदमी पार्टी ने सत्ता हासिल कर ली। 117 विधानसभा सीटों वाले पंजाब में आप के 92 विधायक चुने गए। कांग्रेस 77 से सीधे 18 सीट पर अटक गई। शिरोमणि अकाली दल के केवल तीन प्रत्याशी चुनाव जीत पाए। दिल्ली के बाद ये दूसरा राज्य है, जहां अब आम आदमी पार्टी की सरकार है। भगवंत मान सिंह मुख्यमंत्री बनाए गए।
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प्रमोद सावंत भाजपा को फिर से सत्ता में लाने में कामयाब रहे।
- फोटो : अमर उजाला
4. गोवा: यहां भी भारतीय जनता पार्टी ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। 40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में 20 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। कांग्रेस के 11 प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। आम आदमी पार्टी के दो प्रत्याशी चुनाव जीते। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के साथ गठबंधन करके भाजपा ने सरकार बनाई। प्रमोद सावंत लगातार दूसरी बार यहां मुख्यमंत्री बने।
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गुजरात विधानसभा चुनाव 2022
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5. गुजरात: भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बनाया। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में 156 सीटें अकेले भाजपा के खाते में गईं। कांग्रेस 77 से 17 सीटों पर सिमट गई। आम आदमी पार्टी को पांच सीटों पर जीत मिली। भूपेंद्र भाई पटेल को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाया गया।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
6. हिमाचल प्रदेश: यहां भी बड़ा उलटफेर हुआ। ये इकलौता ऐसा राज्य है, जहां कांग्रेस ने इस साल जीत हासिल की है। 68 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में कांग्रेस को यहां 40 सीटों पर जीत मिली। भाजपा के खाते में 25 सीटें आईं। सुखविंदर सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया।
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एन बीरेन
7. मणिपुर: यहां भाजपा ने एनपीपी और एनपीएफ के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। चुनाव में भाजपा को 32 सीटों पर जीत मिली। एनपीपी के सात और जेडीयू के छह प्रत्याशी चुनाव जीते। कांग्रेस और एनपीएफ को पांच-पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ा। चुनाव के बाद भाजपा ने अकेले दम पर सरकार बनाई और एन बीरेन सिंह लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाए गए।
विधानसभा उपचुनावों में क्या हुआ?
इस साल देश के 16 राज्यों की कुल 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए। इनमें 10 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई। सात पर कांग्रेस के प्रत्याशियों को विजय मिली। इसके अलावा आंध्र प्रदेश की एक सीट पर वाईएसआर कांग्रेस, बिहार की दो सीटों पर आरजेडी, दिल्ली की एक सीट पर आम आदमी पार्टी, महाराष्ट्र की एक सीट पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), ओडिशा की दो सीटों पर बीजद, तेलंगाना की एक सीट पर भारत राष्ट्र समिति, यूपी की एक सीट पर आरएलडी और पश्चिम बंगाल की एक सीट पर टीएमसी प्रत्याशी की जीत हुई।
निकाय चुनावों में क्या हुआ?
इस साल अब तक आठ राज्यों में स्थानीय स्तर पर नगर निकाय चुनाव हुए। असम के चार निकायों में चुनाव हुए। इनमें तीन पर पहले भाजपा का कब्जा था, जबकि एक पर कांग्रेस का। चुनाव परिणाम आए तो चारों निकाय भाजपा के खाते में चले गए। दिल्ली में हुए नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को जीत मिली। कर्नाटक में विजयपुरा महानगर पालिका में कांग्रेस को हराकर भाजपा ने सत्ता पर हासिल की।
मध्य प्रदेश के 16 निकायों के लिए चुनाव हुए। इनमें नौ पर भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली। पांच पर कांग्रेस और एक सिंगरौली म्युनिसपल कॉरपोरेशन में आम आदमी पार्टी का मेयर बना। कटनी में निर्दलीय प्रत्याशी ने मेयर का चुनाव जीत मिली। मतलब 16 में से नौ जिलों में भाजपा का मेयर बना, पांच पर कांग्रेस, एक पर आम आदमी पार्टी का। हालांकि, पिछले चुनाव में इन सभी जिलों में भारतीय जनता पार्टी ने ही जीत हासिल की थी।
मिजोरम में मारा स्वायत्त जिला परिषद के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली। ओडिशा के तीन जिलों में नगर निकाय चुनाव हुए। तीनों पर बीजू जनता दल को जीत मिली। तमिलनाडु में 21 निकायों के लिए चुनाव हुए और सभी पर डीएमके की जीत हुई। पश्चिम बंगाल में पांच निकायों के लिए चुनाव हुए। इनमें चार पर तृणमूल कांग्रेस और एक पर भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा की जीत हुई।