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NHRC: कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रामसुब्रमण्यम? जिन्हें एनएचआरसी का अध्यक्ष बनाया गया

Tue, 24 Dec 2024 11:06 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

NHRC: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज वी रामासुब्रमण्यन को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का नया प्रमुख बनाया गया है। यह पद जून 2024 से खाली चल रहा था। 
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Justice Ramasubramanian - फोटो : Amar Ujala
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा का कार्यकाल एक जून को पूरा होने के बाद से एनएचआरसी अध्यक्ष का पद खाली था। अरुण कुमार मिश्रा ने मानवाधिकार आयोग के आठवें अध्यक्ष के रूप में काम किया। उन्हें जून 2021 में पद पर नियुक्त किया गया था।

इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि 18 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने एनएचआरसी के अगले अध्यक्ष का चयन करने के लिए बैठक की थी। चयन समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) या शीर्ष अदालत के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को एनएचआरसी अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रामसुब्रमण्यम को एनएचआरसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। एनएचआरसी को नियुक्ति के बारे में सूचना बीते दिन ही मिली। पूर्व सीजेआई एचएल दत्तू और पूर्व सीजेआई केजी बालकृष्णन उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने अतीत में मानवाधिकार आयोग का नेतृत्व किया है।
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Justice Ramasubramanian - फोटो : PTI
प्रियंक कानूनगो और डॉ. न्यायमूर्ति बिद्युत रंजन सारंगी (सेवानिवृत्त) बने सदस्य
एनएचआरसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'भारत की माननीय राष्ट्रपति ने न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम (सेवानिवृत्त) को अध्यक्ष, प्रियंक कानूनगो और डॉ. न्यायमूर्ति बिद्युत रंजन सारंगी (सेवानिवृत्त) को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत का सदस्य नियुक्त किया है।' कानूनगो इससे पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि और अब एनएचआरसी सदस्य के रूप में मैं अपेक्षित जिम्मेदारियों को पूरा करने का प्रयास करूंगा।
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Justice Arun Kumar Mishra - फोटो : ANI
पहले गैर-सीजेआई भी थे अरुण कुमार मिश्रा
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अरुण कुमार मिश्रा 2019 में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम में संशोधन के बाद एनएचआरसी प्रमुख पद पर नियुक्त होने वाले पहले गैर-सीजेआई भी थे। उन्होंने भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एचएल दत्तू का स्थान लिया था। अरुण मिश्रा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 2 जून से एनएचआरसी सदस्य विजया भारती सयानी इसकी कार्यवाहक अध्यक्ष बन गई थीं।

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Justice Ramasubramanian - फोटो : ANI
कौन हैं वी.रामासुब्रमण्यन?
रामासुब्रमण्यन का तमिलनाडु के मन्नारगुडी में हुआ था। वह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं। वह हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भी रहे हैं। इसके अलावा, वह मद्रास हाईकोर्ट और तेलंगाना हाईकोर्ट में न्यायाधीश रहे हैं। रामासुब्रमण्यन ने 29 जून 2023 को सुप्रीम से सेवानिवृत्ति ली। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 102 फैसले लिखे। वह उन पीठों में सदस्य रहे, जिन्होंने 2016 की नोटबंदी नीति और रिश्वत मामलों में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की वैधता पर सुनवाई की थी।
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NHRC के नए अध्यक्ष को लेकर बैठक - फोटो : ANI
कैसे होती है एनएचआरसी प्रमुख की नियुक्ति?
एनएचआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति राष्ट्रपति एक चयन समिति की सिफारिश पर करते हैं। इस चयन समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, जबकि इसमें लोकसभा अध्यक्ष, गृह मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता और राज्यसभा के उप सभापति भी सदस्य होते हैं। जस्टिस मिश्रा के सेवानिवृत्त होने के बाद एनएचआरसी की सदस्य विजया भारती को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
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एनएचआरसी में नियुक्ति पर रार - फोटो : अमर उजाला
मानवाधिकार आयोग चयन समिति की बैठक में खरगे और राहुल ने जताई असहमति
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन को लेकर इस आधार पर अपनी असहमति दर्ज कराई कि चयन के लिए अपनाई गई प्रक्रिया मौलिक रूप से त्रुटिपूर्ण और पूर्व-निर्धारित थी। इसमें आपसी परामर्श और आम सहमति की अनदेखी की गई थी। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन और न्यायमूर्ति कुट्टीयिल मैथ्यू जोसेफ के नाम प्रस्तावित किए थे।
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