सांकेतिक तस्वीर
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डॉ. गुप्ता ने आगे कहा, डब्ल्यूएचओ द्वारा 23 नमूनों (सैंपल्स) का परीक्षण किया गया था, इनमें केवल चार सैंपल्स में इथाइलीन ग्लाइकॉल पाया गया। उन्होंने कहा, यह चौंकाने वाला है, और अधिक स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। डॉ. गुप्ता ने कहा, इसके अलावा प्रत्येक देश अपने मानकों के अनुसार इन दवाओं का परीक्षण करवाता है। उन्होंने कहा भारत के मानक और नियम बहुत सख्त हैं और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति है।