बंंगाल में हिंसा के बाद पलायन
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कांग्रेस बोली-दंगे वहीं होते हैं, जहां सरकार चाहती है
हम जानते हैं कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करेगी। प. बंगाल की सीएम नाटक कर रही हैं। वह धर्मनिरपेक्ष होने का दिखावा करती हैं...मेरा मानना है कि दंगे वहीं होते हैं, जहां सरकार चाहती है।
-अधीररंजन चौधरी, कांग्रेस नेता
राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
मुर्शिदाबाद जिले में हिंसा के कारण पलायन करने वाले लोगों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। वहीं, पुरुलिया के भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख राज्य के चार जिलों को सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (अफ्स्पा) के तहत अशांत क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।
'टीएमसी की तुष्टीकरण की राजनीति ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया'
उधर, राज्य विस में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हिंसा के बाद धुलियान से 500 से अधिक हिंदू धार्मिक कट्टरपंथियों के डर से नदी पार कर अन्य स्थान पर शरण लेने के लिए मजबूर हुए। बंगाल में धार्मिक उत्पीड़न जारी है। शुभेंदु ने कहा कि टीएमसी की तुष्टीकरण की राजनीति ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया है। हिंदुओं का शिकार किया जा रहा है।
'बीएसएफ की मौजूदगी हमेशा बनी रहनी चाहिए'
पलायन करने वाले मनोज घोष ने कहा कि उपद्रवियों ने दुकानें जला दीं और घरों में तोड़फोड़ की। यहां शांति के लिए राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। बीएसएफ की मौजूदगी हमेशा बनी रहनी चाहिए। एक स्थानीय विक्रेता ने कहा कि हर जगह अराजकता और गुंडागर्दी है। हमें सुरक्षा चाहिए।