कोरोना महामारी के साथ उससे जुड़ी फर्जी खबरों से भी लड़ना है। फेक न्यूज के प्रति सतर्क रहना है और सोच समझकर, जांच पड़ताल के बाद ही शेयर और फॉरवर्ड करना है। आजकल एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर यकीन करके लोग एक-दूसरे के पास ये वीडियो भेज रहे हैं। इस वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि यह औरंगाबाद में हुए हमले का वीडियो है। बिहार के औरंगाबाद में स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। अमर उजाला ने इस पोस्ट की पड़ताल की तो पाया कि यह पुलिस पर हमले का पुराना वीडियो है और इसका लॉकडाउन से कोई लेना देना नहीं है। गलत डिस्क्रिप्शन के साथ इसे वायरल किया जा रहा है।
दावाकर्ता- सोशल मीडिया यूजर्स
दावे का आधार- एक वायरल वीडियो
क्या किया जा रहा है दावा- बिहार के औरंगाबाद में स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। जांच के लिए पुलिस मेडिकल टीम के साथ गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने हमला कर दिया।
ट्विटर हैंडल तलाशने पर हमें ‘द बिहार न्यूज ‘ नाम के हैंडल से भी ये वीडियो मिला, जिसको 7 सितम्बर, 2019 को शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ घटना का विवरण लिखा गया था, जिसके मुताबिक “2 युवकों की हत्या, नाराज लोगों ने पुलिसकर्मियों को बांस ले दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, बचाव में पुलिस ने की फायरिंग, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के मधुबन के बेशी गांव की घटना।”
सर्च करने पर हमें आजतक का एक आर्टिकल मिला जिसमें असली खबर का विवरण था, आर्टिकल के मुताबिक
खबर की हेडलाइन है- औरंगाबाद: स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस पर हमला करने के आरोप में 44 लोग गिरफ्तार
15 अप्रैल की खबर है, जिसमें बिहार के औरंगाबाद में स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। औरंगाबाद जिले के गोह थाना अंतर्गत एकौनी गांव में स्क्रीनिंग करने के लिए गई टीम पर किये गए हमले और पथराव में 11 लोग घायल हो गए पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 44 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसको लेकर यह दावा किया जा रहा है कि ये इस घटना का हिस्सा है।
पड़ताल का परिणाम-
अमर उजाला ने पड़ताल में पाया कि पुलिस पर हमले का पुराना वीडियो है और लॉकडाउन में हुई औरंगाबाद की घटना का बताकर शेयर किया जा रहा है, जिसको फर्जी दावे के साथ वायरल किया गया है। कोरोना वायरस से जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।
कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।
*Fact Check By Google Certified Fact Checker.
Apply Tools-
-Google Reverse Image Search
-InVID Tool For Video
-AMNESTY Youtube Data Viewer
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