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विधानसभा चुनाव 2017: ये रहे भाजपा की जीत के नायक  

Sat, 11 Mar 2017 08:01 PM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली
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- फोटो : amar ujala
यूपी, उत्तराखंड में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी के करिश्मे और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के प्रबंधन के अलावा भी लोग हैं जिन्होंने बीजेपी को जीत दिलवायी। जैसे सुनिल बंसल, प्रभारी ओम माथुर और सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश सरीखे कुछ चेहरे हैं। इन चेहरों ने पर्दे के पीछे रहकर इन जमीन को भाजपामय बनाने के लिए संगठन निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। शाह के प्रबंधन को अमली जामा पहनाने में पार्टी महासचिव अनिल जैन, भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और राज्यमंत्री राज्यवर्धन राठौर सरीखे युवा नेताओं ने बड़ी भूमिका निभाई है। 
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संघ की नुमाइंदगी के तौर पर भाजपा में कार्य कर रहे सुनील बंसल और शिव प्रकाश पार्टी के नए पोस्टर ब्वाय बनकर उभरे हैं। बंसल का कहना है कि यूपी की जीत मोदी के नेतृत्व, शाह के प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के उत्साह का नतीजा है। वह अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री धारक जयपुर के रहने वाले हैं। 47 वर्षीय बंसल ने 1990 में बतौर संघ प्रचारक अपने सामाजिक जीवन की शुरूआत की। 24 वर्ष संघ की छात्र ईकाई एवीबीपी में कार्य करने के बाद वे बीते 3 साल से यूपी में भाजपा के संगठन महामंत्री का दायित्व निभा रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव बाद से ही अमित शाह ने इन्हें यूपी के मैदान में डटा दिया था। 

 
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shiv prakash
राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने यूपी की सभी विधानसभा सीटों पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं की बैठक की। लोकसभा चुनाव में बतौर क्षेत्रीय प्रचारक उन्होंने शाह की चुनाव में मदद की थी। भाजपा में आने के बाद शाह ने उन्हें यूपी, उत्तराखंड के साथ पश्चिम बंगाल का जिम्मा दिया है। 49 वर्षीय शिव प्रकाश यूपी के ठाकुरद्वारा के रहने वाले हैं। 1986 में बतौर संघ प्रचारक सामाजिक जीवन में कदम रखा। यूपी में जहां उन्होंने बंसल के साथ संगठन को मजबूत बनाने में मेहनत की है। तो उत्तराखंड की रणनीति का भार सीधे उनके जिम्मे ही था। उत्तराखंड में उन्हें भाजपा का चाणक्य कहा जाता है। 

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ओम माथुर - फोटो : amar ujala
ओम माथुर- यूपी भाजपा प्रभारी पीएम मोदी के बेहद करीबी मानें जाते हैं। गुजरात में लंबे समय तक भाजपा का प्रभारी रहते हुए उन्होंने मोदी की जीत सुनिश्चित करवाई थी। वर्ष 2003 में मध्य प्रदेश में भाजपा की जीत से वे पार्टी के जीताउ नेता बनकर उभरे थे। गुजरात के अलावा महाराष्ट्र और अब यूपी में उन्होंने भाजपा की नैय्या पार लगवाकर मोदी के विश्वास पर खरा उतरे हैं। 
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anil jain
अनिल जैन- भाजपा महासचिव अमित शाह के बेहद विश्वसनीय माने जाते हैं। यूपी के रण में बौद्धिक जगत के बीच पार्टी को लोकप्रिय बनाने का जिम्मा जैन पर ही था। शाह के रोड शो की कमान भी जैन के ही जिम्मे थी। 
 
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bhupendra yadav
भूपेंद्र यादव- भाजपा महासचिव पार्टी में वित्तमंत्री अरूण जेटली की पसंद माने जाते हैं। लेकिन शाह भी उनपर बड़ा भरोसा करते हैं। बिहार में नाकामी के बाद उनका ग्राफ थोड़ा गिरा था। मगर शाह ने उनपर अपना भरोसा बरकरार रखा। यूपी में संपन्न हुई परिवर्तन यात्राओं और लखनऊ में मीडिया से संपर्क साधने का जिम्मा यादव के कंधे पर था। 
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पीयूष गोयल - फोटो : Getty
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जेपी नड़डा की तरह पीयूष गोयल और राज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौर भी शाह के नए रणनीतिकारों के रूप में उभर कर सामने आए हैं। गोयल और राठोर को शाह ने यूपी में मीडिया प्रबंधन के काम में लगाया था। दोनों ने ही अपनी जिम्मेदारी बखुबी निभाई है। यह पहला मौका है जब पार्टी के चुनाव अभियान में कही कोई गड़बड़ी नहीं हुई। 
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