चौथे चरण के अंतर्गत प्रतापगढ़, कौशांबी, इलाहाबाद, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर और रायबरेली सहित कुल 12 जिलों की 53 सीटों पर बृहस्पतिवार को वोट डाले जाएंगे। इस चरण में राजा भैया, प्रमोद तिवारी, कैबिनेट मंत्री शिवकांत ओझा और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती सिद्धार्थनाथ सिंह जैसे दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है :
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अदिति सिंह
रायबरेली सदर सीट से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह कांग्रेस के टिकट से ही पहली बार चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने अनीता श्रीवास्तव तो बसपा ने मो. शहबाज को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं भारती पांडेय भी भाजपा छोड़कर रालोद से पहली बार चुनावी मैदान में हैं।
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- फोटो : amar ujala
ऊंचाहार विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कर्ष मौर्य 2012 में बसपा से चुनाव हारने के बाद इस बार भाजपा से फूल खिलाने उतरे हैं। इनके सामने मौजूदा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय दूसरी बार विधानसभा पहुंचने के लिए सपा के टिकट से मैदान में हैं। कांग्रेस से अजय पाल सिंह जबकि बसपा से विवेक विक्रम सिंह भी ताल ठोंक रहे हैं।
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मानिकपुर : गुलाबी गैंग की कमांडर मैदान में
महिलाओं की आवाज बनने वाली गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल तीसरी बार विधानसभा मैदान में हैं । 2006 में संपत पाल ने महिलाओं की समस्याओं पर आंदोलन शुरू किया और गुलाबी गैंग बनाया था। एक बार फिर से कांग्रेस ने संपत पाल को उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले वे 2012 में मानिकपुर सीट से कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ीं, लेकिन हार गईं।
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यशपाल सिंह,सपा उम्मीदवार
- फोटो : social media
बबीना में सांसद पुत्र की प्रतिष्ठा
झांसी जिले के बबीना विधानसभा सीट पर सपा से राज्यसभा सदस्य डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव के पुत्र यशपाल सिंह मैदान में हैं। जबकि, भाजपा से उमा भारती के करीबी राजीव सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। यहां इन दोनों नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
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हर्षवर्धन बाजपेयी
- फोटो : social media
इलाहाबाद उत्तरी सीट से भाजपा ने पूर्व राज्यपाल राजेंद्र कुमार वाजपेयी के पौत्र हर्षवर्धन वाजपेयी एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। हर्षवर्धन पहले भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इनके सामने कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह तो बसपा के अमित श्रीवास्तव चुनाव मैदान में हैं।
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सिद्धार्थनाथ सिंह
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पूर्व सांसद बाहुबली अतीक अहमद के वर्चस्व वाले इलाहाबाद पश्चिमी सीट से भाजपा ने राष्ट्रीय छवि वाले नेता सिद्धार्थनाथ सिंह को प्रत्याशी बनाया है। सिद्धार्थनाथ सिंह पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती हैं। सपा से इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह चुनाव मैदान में हैं। बसपा ने तीसरी बार पूजा पाल पर भरोसा जताया है जो अतीक अहमद को हरा चुकी हैं।
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उज्जवल रमन सिंह, सपा उम्मीदवार
- फोटो : social media
करछना विधानसभा सीट से सपा के दिग्गज नेता राज्यसभा सांसद रेवती रमण सिंह के वर्चस्व वाली इस सीट से सपा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री उज्ज्वल रमण सिंह को मैदान में उतारा है। बीते दो विधानसभा चुनावों में सांसद रेवती रमण के पुत्र उज्ज्वल मामूली वोटों से पराजित रहे हैं। बसपा से दीपक पटेल तो भाजपा से पीयूष रंजन निषाद ताल ठोक रहे हैं।
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राम सिंह पटेल
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बलरामपुर जिले के पट्टी सीट से सपा ने राम सिंह पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है। राम सिंह दस्यु ददुआ के भतीजे हैं। इनके पिता बालकुमार भी सांसद रह चुके हैं। भाजपा ने राजेन्द्र प्रताप को चुनाव मैदान में उतारा है। तीन बार विधायक और कृषि मंत्री रहे राजेन्द्र प्रताप की क्षेत्र में अच्छी साख है। बसपा से शक्ति सिंह ताल ठोक रहे हैं।
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विश्वनाथ गंज सीट से बसपा ने कृपालु महाराज के पौत्र प्रेम आंनद त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाया है। इनके नाना रामनरेश भी मंत्री रह चुके हैं। प्रेम आंनद के सामने सपा/कांग्रेस गठबंधन के संजय पांडेय और भाजपा/अपना दल के डॉ. आरके वर्मा चुनाव मैदान में हैं।
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अराधना सिंह
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रामपुर खास से एक ही पार्टी से लगातार नौ बार विधायक के रूप में रिकॉर्ड बनाने वाले दिग्गज कांग्रेसी नेता प्रमोद तिवारी की विरासत अब उनकी बेटी आराधना मिश्रा मोना संभाल रही हैं। वह 2014 में हुए उपचुनाव में पहली बार मैदान में उतरी थीं। इस बार वह कांग्रेस-सपा गठबंधन की उम्मीदवार हैं। भाजपा ने नागेश प्रताप सिंह तो बसपा ने अशोक सिंह को मैदान में उतारा है।
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राजा भैया
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कुंडा: राजाभैया पर निगाहें
सुखियों में रहने वाले कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया फिर निर्दल चुनाव लड़ रहे हैं। सन 1993 से ही लगातार विधायकी जीतते आए राजा भैया के गढ़ में उन्हें चुनौती देना भाजपा और बसपा के लिए आसान नहीं है। लगभग हर सरकार में मंत्री रहे राजा भैया के सामने भाजपा से जानकी प्रसाद पांडेय और बसपा से परवेज अख्तर अंसारी ताल ठोक रहे हैं।
बांदा जिले के नरैनी विधानसभा सीट पर बीएसपी ने विधानसभा में विपक्ष के नेता गयाचरण दिनकर को मैदान में उतारा है। 2012 के चुनाव में बसपा के गयाचरन दिनकर ने यहां से सपा के भरतलाल दिवाकर को पराजित किया। इस बार चुनाव के लिए बसपा ने गयाचरन दिनकर और सपा ने भरतलाल दिवाकर को प्रत्याशी बनाया है।