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समान नागरिक संहिता: उत्तराखंड में यूसीसी मसौदे में क्या-क्या, इसमें कौन से नए प्रावधान, ग्राफिक्स में जानें

Tue, 06 Feb 2024 02:23 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता पर गठित कमेटी ने यूसीसी के लिए अपना मसौदा सरकार को सौंप दिया था, जिसे मंगलवार को विधानसभा में पटल पर रखा गया। समिति ने बैठकों, परामर्शों, क्षेत्र के दौरे और विशेषज्ञों और जनता के साथ बातचीत के बाद 13 महीने से अधिक वक्त में यह मसौदा तैयार किया था।
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उत्तराखंड यूसीसी - फोटो : Amar Ujala
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गोवा के बाद उत्तराखंड जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन सकता है। 4 फरवरी को उत्तराखंड कैबिनेट से यूसीसी विधेयक को मंजूरी मिल गई। मंगलवार (6 फरवरी) को मुख्यमंत्री धामी ने इससे जुड़ा विधेयक को विधानसभा में पेश किया। इसे जल्द ही मंजूरी मिल सकती है। राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद विधेयक कानून बन जाएगा। इस बीच, यूसीसी पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में सबको समान अधिकार प्रदान करने हेतु हम सदैव संकल्पित हैं। 

आइये तस्वीरों में जानते हैं कि उत्तराखंड में यूसीसी को लेकर क्या-क्या हुआ है? इसके प्रावधान क्या हैं? मसौदा कितने समय में बनकर तैयार हुआ? यूसीसी से उत्तराखंड में क्या बदलेगा?

 
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उत्तराखंड यूसीसी - फोटो : Amar Ujala
उत्तराखंड सरकार ने मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक समिति गठित की थी। सरकार ने एक अधिसूचना 27 मई 2022 को जारी की गई थी और शर्तें 10 जून 202 को अधिसूचित की गई थीं। समिति ने बैठकों, परामर्शों, क्षेत्र के दौरे और विशेषज्ञों और जनता के साथ बातचीत के बाद मसौदा तैयार किया। इस प्रक्रिया में 13 महीने से अधिक का समय लगा। 
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उत्तराखंड यूसीसी - फोटो : Amar Ujala
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी पहली बैठक 4 जुलाई 2022 को दिल्ली में की थी। मसौदे के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जुलाई 2023 में एक मैराथन बैठक में विचार-विमर्श किया गया और इसे अंतिम रूप दिया गया।

 

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उत्तराखंड समान नागरिक संहिता - फोटो : amar ujala
 कमेटी को समान नागरिक संहिता पर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से करीब 20 लाख सुझाव मिले हैं। इनमें से कमेटी ने लगभग ढाई लाख लोगों से सीधे मिलकर इस मुद्दे पर उनकी राय जानी है।
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उत्तराखंड यूसीसी - फोटो : Amar Ujala
यूसीसी समिति की अध्यक्ष ने कहा, 'हमारा जोर महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों को ध्यान में रखते हुए लैंगिक समानता सुनिश्चित करना है। हमने मनमानी और भेदभाव को खत्म कर सभी को एक समान स्तर पर लाने का प्रयास किया है।'
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समान नागरिक संहिता। - फोटो : अमर उजाला
भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में इसे लागू करने का वादा किया था। राज्य में सरकार बनने के बाद मार्च 2022 में यह कैबिनेट में पास हुआ था।
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