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Women Achievers 2023: किसी ने चंद्रयान उतारा तो किसी ने बिना हाथ जीते पदक, यह साल इन 10 महिलाओं के नाम रहा

Sun, 31 Dec 2023 08:10 AM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

top 10 women achievers in 2023: आइए जानें 10 ऐसी महिलाओं के बारे में जिन्होंने इस साल लोहा मनवाया है। इन्होंने खेल, राजनीति, उद्योग समेत तमाम मंचों पर भारतीय तिरंगे को ऊंचा किया है।
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Women Achievers 2023 - फोटो : Amar Ujala
महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। खेल, राजनीति, सिनेमा, उद्योग कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां महिलाएं अपना लोहा न मनवा रही हों। जब देश ने चार साल की अधूरी ख्वाहिश को पूरा करते हुए चंद्रयान 3 को चंद्रमा की सतह पर उतारा तो उसमें भी महिलाओं ने योगदान दिया। खेलों में चाहे एशियन गेम्स हों या अन्य प्रतिस्पर्धाएं वहां भी महिलाओं ने भारतीय तिरंगे को गर्व से ऊंचा उठाया है। 

आज हम आपको बताने जा रहे हैं 10 ऐसी महिलाओं के बारे में जिन्होंने इस साल लोहा मनवाया है। 
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शीतल देवी - फोटो : सोशल मीडिया
शीतल देवी: हाथ नहीं फिर भी दुनियाभर में दिखाया दम
शीतल एशियाई पैरा गेम्स 2023 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के लोइधर गांव की रहने वाली हैं। एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली 16 साल की शीतल देवी का सफर हर व्यक्ति को प्रेरणा देने वाला है। वह दुनिया की पहली महिला तीरंदाज हैं जिनके दोनों हाथ नहीं हैं। वह कंधे और मुंह की मदद से तीर चलाती हैं और दिग्गजों को पीछे छोड़ देती हैं। शीतल फोनकोमेलिया नाम की बीमार के साथ  दुनिया में आईं। फोनकोमेलिया एक दुर्लभ जन्मजात बीमारी है जिसमें हाथ या पैर अविकसित रह जाते हैं। 

शीतल के खेल में आने की कहानी भी दिलचस्प है। जब कुछ स्थानीय प्रशिक्षकों को लगा कि वह खेलों में अच्छा कर सकती हैं, तो उन्होंने उसे कृत्रिम हाथ दिलाने की कोशिश की, लेकिन वह फिट नहीं हुआ। शीतल ने हार मानने की बजाय और भी जोर लगा दिया। 

ट्रेनिंग के शुरुआती दिनों में वह धनुष तक नहीं उठा पाती थीं, लेकिन उन्होंने दाएं पैर से धनुष उठाने का अभ्यास किया और दो साल की कड़ी ट्रेनिंग के बदौलत जीत का परचम लहराया। 2021 में ट्रेनिंग शुरू करने के महज दो साल में शीतल ने दिव्यांग और पैरा दोनों प्रतियोगिताओं में पदक जीतने शुरू कर दिए। 16 साल की उम्र में शीतल 2023 पैरा तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप में पदक (रजत) जीतने वाली दुनिया की पहली महिला बिना हाथ वाली तीरंदाज बन गईं। पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में शीतल ने दो गोल्ड और एक सिल्वर हासिल किया। हांग्जो एशियाई पैरा खेलों में, वह पहले ही कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में राकेश कुमार के साथ स्वर्ण और अपनी साथी सरिता के साथ महिला युगल प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुकी थीं।
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सावित्री जिंदल - फोटो : twitter/SavitriJindal
सावित्री जिंदल: कभी कॉलेज नहीं गई, आज देश की सबसे अमीर महिला
इस साल अर्थजगत में महिला उद्योगपति सावित्री जिंदल का नाम खूब चर्चा में रहा। सावित्री भारत की सबसे अमीर महिला हैं, जो वर्तमान में जिंदल ग्रुप की अध्यक्ष हैं। इस साल मध्य दिसंबर में दौलत के मामले में वह विप्रो के मालिक अजीम प्रेमजी से आगे निकलते हुए सातवें नंबर से पांचवें नंबर पर आ गई थीं। सावित्री फिलहाल छठें स्थान पर हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार, सावित्री की कुल संपत्ति 24.7 अरब डॉलर है। पिछले दो साल में ही उनकी दौलत में भारी इजाफा हुआ। 

असम के तिनसुकिया में 20 मार्च 1950 को सावित्री जिंदल का जन्म हुआ था। उनका विवाह 1970 में जिंदल ग्रुप के संस्थापक ओमप्रकाश जिंदल से हुआ था। उनके 9 बच्चे हैं। जब वे 55 साल की थीं, तब हेलिकॉप्टर दुर्घटना में उनके पति की मौत हो गई थी। ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा सरकार में मंत्री भी रहे थे। पति की मौत के बाद उन्होंने पूरा कारोबार संभाला।

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यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर - फोटो : अमर उजाला
इशिता किशोर: दो बार प्री में ही फेल हुईं, तीसरी बार यूपीएससी परीक्षा में किया टॉप 
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) एक सपना होता है। यह सपना कुछेक का पूरा होता है, बहुतों का नहीं। मूलरूप से पटना निवासी इशिता ने सिविल सर्विसेज परीक्षा में देश में पहले नंबर (AIR-1) पर आकर इस सपने को जिया।

दो बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा देने के बाद प्रीलिम्स से आगे नहीं बढ़ पाई इशिता ने हार नहीं मानी और निराशा को पीछे छोड़ते हुए 2021-2022 की परीक्षा में देश में टॉप किया। 

इशिता ने दिल्ली के एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली है। इशिता के पिता विंग कमांडर संजय किशोर इंडियन एयरफोर्स में थे। वर्ष 2004 में उनका देहांत हो गया था। इशिता बताती हैं कि वह सिविल सर्विसेज के जरिए देश सेवा में आना चाहती थीं। शुरू से ही वह बेहद मेहनती विद्यार्थी रही हैं। 10वीं में 90 फीसदी से अधिक अंक और 12वीं में 97 फीसदी अंक हासिल किए। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स से इकोनॉमिक्स विषय से बीए ऑनर्स किया है।
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रितु करिधाल श्रीवास्तव - फोटो : Youtube
डॉ. ऋतु करिधाल श्रीवास्तव: चंद्रयान को चंद्रमा पर उतारने वाली 'रॉकेट वुमेन'
23 अगस्त को भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में इतिहास रच दिया। चंद्रयान-3 दुनिया का पहला ऐसा मिशन बन गया जो चांद की दक्षिणी सतह पर उतरा। पहली बार इस मिशन की कमान दो महिलाओं के हाथ में दी गई थी। लखनऊ की रहने वाली ऋतु को मिशन निदेशक बनाया गया था, जिनकी पहचान देश में 'रॉकेट वुमेन' की है। 

चंद्रयान-3 की लैंडिंग की जिम्मेदारी इस बार वरिष्ठ महिला वैज्ञानिक डॉ. ऋतु को सौंपी गई थी। इसके पहले ऋतु मंगलयान की डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर और चंद्रयान-2 में मिशन डायरेक्टर रह चुकी हैं। ऋतु का जन्म 1975 में लखनऊ के मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। बचपन से उन्हें चांद-सितारों और आसमान में दिलचस्पी थी। इसरो और नासा से संबंधित समाचार पत्रों के लेख, जानकारी और तस्वीरें इकट्ठा करना उनका शौक था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से भौतिकी में एससी और एमएससी की पढ़ाई की। फिर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री लेने के लिए आईआईएससी, बंगलूरू में दाखिला लिया। डॉ. करिधाल ने नवंबर 1997 से इंजीनियर के तौर पर इसरो में काम करना शुरू किया। 
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Captain Shiva Chauhan - फोटो : Twitter
शिवा चौहान: सियाचिन में सक्रिय रूप से तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी 
रक्षा क्षेत्र में कैप्टन शिवा चौहान ने इस साल खूब सुर्खियां बटोरीं। जनवरी में शिवा चौहान दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में सक्रिय रूप से तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। राजस्थान की रहने वाली शिवा एक बंगाल सैपर अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा उदयपुर से पूरी की है और एनजेआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, उदयपुर से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। 11 साल की छोटी उम्र में शिवा के सिर से पिता का साया उठ गया था। मां ने शिवा की पढ़ाई का ध्यान रखा और बचपन से ही, उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। मई 2021 में शिवा को इंजीनियर रेजिमेंट में नियुक्त किया गया।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। - फोटो : Twitter
निर्मला सीतारमण: दिसंबर की शुरुआत में फोर्ब्स की ओर से विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची जारी की गई थी। इस सूची में तीन भारतीय महिलाओं के भी नाम थे जिसमें देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हैं। यह पांचवी बार है जब उनका नाम इस सूची में है। निर्मला सीतारमण को इस बार 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में 32वां स्थान मिला। 

वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद भारत ने अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अच्छा किया है। जहां वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही में 7.7% की मजबूत जीडीपी वृद्धि हासिल की तो, वहीं औद्योगिक गतिविधि में लगातार वृद्धि देखी गई। भारत का दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से है।

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किरण मजूमदार शाॅ - फोटो : instagram/kiranmazumdarshaw
किरण मजूमदार-शॉ: फोर्ब्स की 100 सबसे ताकतवर महिलाओं की सूची लिस्ट में किरण मजूमदार-शॉ भी शामिल हैं। किरण को 76वें स्थान पर जगह मिली है। किरण मजूमदार शाॅ भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन की फाउंडर हैं। ये दवा उत्पादन के क्षेत्र की बड़ी कंपनी है। इस कंपनी की स्थापना 1978 में हुई थी। उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 
 

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रोशनी नादर - फोटो : ट्विटर
रोशनी नादर मल्होत्रा: रोशनी को फोर्ब्स की ओर से जारी विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया गया है। रोशनी नाडर मल्होत्रा को 60वें स्थान पर जगह मिली है। रोशनी दिग्गज टेक कंपनी एचसीएल की सीईओ हैं। वह एचसीएल के संस्थापक शिव नाडर की एकलौती बेटी हैं। रोशनी नाडर 2020 में देश की सबसे अमीर महिला भी बनी थीं। 

कंपनी के रणनीतिक फैसलों में शुरू से ही बड़ी भूमिका निभाने वाली रोशनी को महज 28 साल की उम्र में सीईओ बनाया गया था। एक साल बाद ही कॉरपोरेशन की कार्यकारी निदेशक बन गई। फोर्ब्स ने 2017-2018 और 2019 में भी उन्हें दुनिया की 100 ताकतवर महिलाओं में शुमार किया था। 

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मुकेश अंबानी-नीता अंबानी - फोटो : ANI
नीता अंबानी: नीता रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन हैं। इसी साल अक्टूबर में उन्हें यूएस इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम ने नीता अंबानी को ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड दिया था। नीता अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्य के रूप में चुनी जाने वाली पहली भारतीय महिला हैं। वह मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट, न्यूयॉर्क के ट्रस्टी बोर्ड में शामिल होने वाली पहली भारतीय भी हैं। बच्चों आकाश, ईशा और अनंत को आगे बढ़ाने के लिए इसी साल RIL के बोर्ड से नीता अंबानी ने इस्तीफा दिया था। आकाश, ईशा और अनंत गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त किए गए थे।
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काश्वी गौतम - फोटो : अमर उजाला
काश्वी गौतम: पारी में सभी 10 विकेट लेकर मचाई थी सनसनी 
महिला प्रीमियर लीग के दूसरे सीजन में काश्वी गौतम पर दो करोड़ की बोली लगी है। काश्वी का बेस प्राइस 10 लाख रुपये था और उन्हें 20 गुना ज्यादा कीमत पर गुजरात जाएंट्स ने अपने साथ जोड़ा। दाएं हाथ से बेहतरीन तेज गेंदबाजी करने के साथ ही काश्वी बड़े शॉट खेलने में भी माहिर हैं। उन्होंने 2020 में महिलाओं की घरेलू अंडर-19 प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के लिए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वनडे मैच में हैट्रिक सहित दस विकेट लिए। इसके साथ ही उन्होंने खास कीर्तिमान अपने नाम किया था। इसी वजह से वह सभी फ्रेंचाइजी की नजरों में बनी हुई थीं। 
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