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9/11 Attack: अब भी गिरफ्त से दूर हैं कई आतंकवादी, देखें दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची

Fri, 11 Sep 2020 01:42 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला: - फोटो : सोशल मीडिया
आज 11 सितंबर है और यह दिन अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया के इतिहास में आतंक का सबसे भयावह दिन माना जाता है। इस दिन न्यूयॉर्क की शान कहे जाने वाले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ था और सैंकड़ों लोग इस हादसे में मारे गए थे। उस समय अल कायदा आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश माना जाता है लेकिन 11 सितंबर 2001 ऐसा दिन था, जिसे अमेरिका की जड़े हिला दी थीं। इसलिए भयावह इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस तरीके का हमला उससे पहले कभी नहीं हुआ था। हम हमले को अंजाम देने के लिए आतंकवादियों ने चार यात्री विमानों को कब्जे में लिया और दो विमान ट्रेड सेंटर से टकरा दिए।

तीसरा विमान पेंटागन पर और चौथे विमान को जंगल में गिरा दिया। आतंकवादियों का डर अभी भी दुनिया में बना हुआ है, ओसामा बिन लादेन के मरने के बाद भी आतंकवादी गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई है। आइए आज 9/11 की बरसी पर जानते हैं कि दुनिया के मोस्ट वान्टेड आतंकवादी कौन हैं...
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आयमान अल-जवाहिरी - फोटो : Wiki
आयमान अल-जवाहिरी
अमेरिका के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस (RFJ) प्रोग्राम के तहत आतंकी आयमान अल-जवाहिरी मोस्ट वान्टेड की सूची में सबसे ऊपर है। आरएफजे ने जवाहिरी के सिर पर 25 मिलियन डॉलर, यानि कि करीब 177.35 करोड़ रुपये का ईनाम रखा है। आरएफजे के अनुसार, जवाहिरी अभी अलकायदा आतंकी संगठन का प्रमुख है।

7 अगस्त 1998 को केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावास बस विस्फोट में उसकी बड़ी भूमिका थी। इस हमले में 224 आम नागरिक मारे गए थे और पांच हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसके अलावा 12 अक्तूबर 2000 को यमन में अमेरिकी नाविकों पर हमला और 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में भी जवाहिरी की भूमिका रही।
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हाफिज सईद
हाफिज सईद
हाफिज सईद खासकर भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड है। आरएफजे ने हाफिज सईद पर 10 मिलियन डॉलर यानि कि करीब 71 करोड़ रुपये का ईनाम रखा है। इसके बावजूद हाफिज सईद खुलेआम घूम रहा है और जनसभाओं को संबोधित कर रहा है।

आरएफजे के अनुसार हाफिज मोहम्मद सईद पहले अरेबिक और इंजीनियरिंग का प्रोफेसर था। वह इस्लामिक संगठन जमात-उद-दवा और इसकी शाखा लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक सदस्य भी है। हाफिज सईद 2008 में मुंबई अटैक सहित कई हमलों का संदिग्ध मास्टरमाइंड है।

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सिराजुद्दीन हक्कानी - फोटो : Social Media
सिराजुद्दीन हक्कानी
सिराजुद्दीन हक्कानी आतंकवादी समूह हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख है। ये आतंकवादी समूह अफगानिस्तान को फिर से तालिबानी शासन के अधीन लाना चाहता है। आरएफजे की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार हक्कानी ने खुद ये माना है कि उसने 2008 में अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति हामिद करजई पर हमले की योजना बनाई थी। सिराजुद्दीन हक्कानी के सिर पर भी करीब 71 करोड़ रुपये का ईनाम रखा गया है।
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अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह - फोटो : fbi
अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह
यह अलकायदा का बड़ा नेता है और इसके नेतृत्व परिषद मजलिस अल-शूरा का सदस्य भी है। 2003 में अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह को ईरान में गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन 2015 में ईरानी राजनयिक के बदले अन्य आतंकियों के साथ अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह को भी छोड़ दिया गया।

अमेरिकी एजेंसी के अनुसार, अब्दुल्लाह अलकायदा का अनुभवी वित्तीय अधिकारी और ऑपरेशनल प्लानर है। उसके सिर पर भी 71 करोड़ रुपये का ईनाम है।
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सैफ अल-अद्ल - फोटो : Social Media
सैफ अल-अद्ल
सैफ अल-अद्ल अलकायदा की मिलिट्री कमिटी का प्रमुख है। वह 2015 में अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह के साथ-साथ ईरान की ओर से छोड़े गए अन्य आतंकिवादियों में से एक है। इसके सिर पर करीब 71 करोड़ रुपये (10 मिलियन डॉलर) का ईनाम है।
आरएफजे के अनुसार 1990 की शुरुआत तक अल-अद्ल अलकायदा और इसके अन्य समूहों के लिए अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सूडान समेत अन्य देशों में लोगों को ट्रेनिंग देता था।
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मुपल्ला लक्ष्मण राव (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
इसके अलावा भारत के लिए एनआईए मोस्ट वान्टेड की सूची जारी करती है। इस सूची में भारत के कुछ माओवादियों का नाम भी सबसे ऊपर है।

मुपल्ला लक्ष्मण राव
एनआईए की सूची में सबसे बड़ा इनामी माओवादी मुपल्ला लक्ष्मण राव तेलंगाना से ताल्लुक रखता है। आमतौर पर उसे गणपति के नाम से भी जाना जाता है। बीते साल ही खराब स्वास्थ्य और उम्र का हवाला देते हुए उसने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के आम सचिव का पद छोड़ा। कुछ समय पहले उसने कहा था कि बीते आठ सालों में भारत में क्रांतिकारी अभियान कमजोर हुआ है।
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नम्बाला केशव राव - फोटो : Social Media
नम्बाला केशव राव
नम्बाला केशव राव गणपति का उत्तराधिकारी और सीपीआई (माओवादी) का प्रमुख है। उसे बसवराज के नाम से भी जानते हैं। उसे आईईडी (IEDs) का एक्सपर्ट माना जाता है। उसके सिर पर 10 लाख रुपये का ईनाम है।
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