दक्षिण भारत में ओखी तूफान ने भयंकर तबाही मचाई है। अब तक इसकी वजह से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। केरल और दक्षिण तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की वजह से तबाही का मंजर साफ दिखाई दे रहा है।
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ओखी तूफान की तबाही से दहला दक्षिण भारत
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- फोटो : ANI
मौसम विभाग ने भारी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि केरल के तट से 10 किलोमीटर दूर 3 से 4.9 मीटर ऊंची लहरों की आशंका जताई है। ये लहरें शाम 6.30 बजे से रात 11.30 बजे तक क्षेत्र में मुसीबत पैदा कर सकती हैं।
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cyclone
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शुक्रवार को नेवी ने बड़ी मुहिम चलाते हुए केरल के 200 से ज्यादा मछुआरों सुरक्षित बचा लिया। केरल सरकार ने भी सभी तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। वहीं मौसम विभाग का भी कहना है कि शनिवार की शाम दक्षिण भारत के लिए बेहद परेशानी वाली हो सकती है। एनडीआरएफ की कई यूनिट और नौसेना अभी भी बचाव कार्य में जुटी हुई है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीसामी से शुक्रवार की रात फोन पर बात करते हुए मदद का भरोसा दिया है। राज्य सरकार द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने पीएम से सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिणी तमिलनाडु में मदद मांगी है।
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प्रेस रिलीज में कहा गया था कि कन्याकुमारी और तिरुनवेली जिले राज्य में ओखी चक्रवाती तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
वहीं कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने भी ओखी से प्रभावित होने वाले क्षेत्र के लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि हम अपने पड़ोसी भाई-बहनों की मदद के लिए तैयार हैं।