राहुल गांधी ने कहा कि, वह एक तरह से कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन के बीच सेतु के काम करते थे। येचुरी वास्तव में एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने इंडिया गठबंधन और पिछले यूपीए गठबंधन को एक साथ रखा था।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के दिवंगत नेता सीताराम येचुरी की याद में शनिवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में शोक सभा आयोजित की गई। इस शोकसभा में इंडिया ब्लॉक पार्टियों के नेताओं ने भाग लिया। जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव समेत कई दलों के नेता शामिल हुए।
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सीताराम येचुरी की शोक सभा
- फोटो : पीटीआई
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने शनिवार को माकपा महासचिव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका निधन विपक्ष के लिए क्षति है। सीताराम येचुरी वह 'गोंद' थे, जिन्होंने इंडिया को एकजुट रखा था।
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सीताराम येचुरी की शोक सभा
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इस मौके पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस और भारत ब्लॉक और यूपीए में अन्य दलों के बीच एक सेतु की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मैंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही येचुरी को ध्यान से देखा और मुझे एक ऐसा व्यक्ति मिला जो लचीला था, जो सुनता था, जो वैचारिक रूप से विपरीत स्पेक्ट्रम पर होने के बावजूद यह समझने की क्षमता रखता थे। राहुल गांधी ने कहा कि, वह एक तरह से कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन के बीच सेतु के काम करते थे। येचुरी वास्तव में एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने इंडिया गठबंधन और पिछले यूपीए गठबंधन को एक साथ रखा था।
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सीताराम येचुरी की शोक सभा
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वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन के गठन में उनकी बड़ी भूमिका थी। कुछ लोगों ने ब्लॉक के गठन का श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन श्रेय लेने वाला व्यक्ति ही चला गया।
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जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने उस समय को याद किया जब सीपीआई (एम) नेता और तत्कालीन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने 1996 में संयुक्त मोर्चा सरकार में प्रधानमंत्री पद लेने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। अब्दुल्ला ने कहा कि, मुझे इस समूह (वामपंथी) से भी बहुत शिकायतें हैं। जब हम पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु को भारत का प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, तो यह समूह सहमत नहीं था। अगर ज्योति बसु भारत के प्रधानमंत्री बन जाते, तो मुझे लगता है कि भारत आज जैसा नहीं होता।
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सीपीआई(एम) नेता प्रकाश करात ने धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक ताकतों को एक साथ लाने में उनके योगदान को याद किया और कहा कि उन्होंने इंडिया ब्लॉक को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, कॉमरेड सीताराम का इंडिया ब्लॉक के गठन में बड़ा योगदान है। करात ने कहा कि येचुरी ने बेहतर भारत - एक समाजवादी भारत" का सपना देखा था।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा, डीएमके की कनिमोझी, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, जेएमएम की महुआ मांझी, आप के गोपाल राय, सीपीआई महासचिव डी राजा, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आरएसपी के महासचिव मनोज भट्टाचार्य और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के महासचिव जी देवराजन ने भी शोक सभा में अपनी बात रखी और लोकतंत्र को मजबूत करने में येचुरी के योगदान को याद किया।