फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्नाटक: शिवकुमार स्वामी को अंतिम विदाई देने उमड़े हजारों लोग, दिग्गज नेता भी पहुंचे

Tue, 22 Jan 2019 02:00 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
विज्ञापन
1 of 10
शिवकुमार स्वामी - फोटो : PTI
कर्नाटक के तुमकुरू स्थित सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्वामीजी का मंगलवार को 111 साल की उम्र में निधन हो गया था। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। वह श्रद्धालुओं और भक्तों के बीच चलते-फिरते ईश्वर के तौर पर मशहूर थे। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और भाजपा नेता डीवी सदानंद गौड़ा शामिल हुए। दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पुष्प अर्पित किए। कर्नाटक की भाजपा ईकाई के अध्यक्ष बीएस योदियुरप्पा भी मठ पहुंचे।

तुमकुर: शिवकुमार स्वामी का पार्थिव शरीर सिद्दगंगा मठ से ले जाया गया।  शिवकुमार स्वामी को अंतिम विदाई देने हजारों लोग उमड़े। सीएम कुमारस्वामी और एचडी देवेगौड़ भी इस दौरान यहां पहुंचे थे। 


 
विज्ञापन

2 of 10
शिवकुमार स्वामी- एचडी कुमारस्वामी - फोटो : PTI
शिवकुमार स्वामीजी के निधन पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार को सरकारी छुट्टी और तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। उनकी हाल ही में चेन्नई के एक अस्पताल में यकृत (लीवर) संबंधी जटिलताओं की वजह से सर्जरी हुई थी। उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि सर्जरी के बाद उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार आया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी।
विज्ञापन

3 of 10
शिवकुमार स्वामी - फोटो : PTI
शिवकुमार स्वामी का जन्म 1 अप्रैल 1907 को कर्नाटक के रामनगर जिले के वीरपुरा गांव में हुआ था। उनके अनुयायी उन्हें 12वीं शताब्दी के समाज सुधारक बसावा का अवतार मानते थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बुहत काम किया है। वह सिद्धगंगा एजुकेशन सोसाइटी के प्रमुख भी थे।

4 of 10
शिवकुमार स्वामी-सोनिया गांधी - फोटो : PTI
शिवकुमार स्वामी लिंगायत समुदाय के 300 साल पुराने सिद्धगंगा मठ के प्रमुख संत थे। राज्य के कुल वोटरों में इस समुदाय का 18 प्रतिशत हिस्सा है। देश के बड़े-बड़े नेता भी स्वामी शिवकुमार के सामने सिर झुकाते थे। पीएम मोदी, सोनिया और राहुल गांधी सहित भारत के कई दिग्गज नेता उनका आशीर्वाद ले चुके हैं।
विज्ञापन

5 of 10
शिवकुमार स्वामी - फोटो : PTI
राज्य के कई स्वामीजी को भारत रत्न दिए जाने की मांग कर चुके हैं। 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण सम्मान से नवाजा था। वहीं उनके 100वें जन्मदिन के अवसर पर उन्हें 2007 की तत्कालीन सरकार ने कर्नाटक रत्न दिया है।
विज्ञापन

6 of 10
शिवकुमार स्वामी - फोटो : PTI
10 मई 2007 को तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने संसद सत्र को संबोधित करते हुए स्वामी शिवकुमार के 100वें जन्मशती समारोह और लिंगायत मठ के 300 साल पुराने इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था- 'मैंने ईश्वर को देखा है। साक्षात अपनी आंखों के सामने। उस व्यक्ति को देने में खुशी मिलती है।
विज्ञापन

7 of 10
शिवकुमार स्वामी - फोटो : PTI
मठ की ओर से 10 हजार बच्चों को रोजाना मुफ्त भोजन और उनकी पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। मठ 150 से ज्यादा शिक्षण संस्थाएं चला रहा है। इनमें इंजीनियरिंग कॉलेज भी हैं। कर्नाटक के 30 जिलों में लिंगायत मठ का प्रभाव है। इस समुदाय के वोटरों का हिस्सा 18% है और 100 से ज्यादा सीटों पर इनका सीधा प्रभाव है।

8 of 10
शिवकुमार स्वामी- नरेंद्र मोदी
स्वामीजी की मौत पर दुख जताते हुए पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'परम पूजनीय डॉक्टर श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु लोगों, खासकर गरीबों व कमजोरों, के लिए जिये। उन्होंने गरीबी, भूख और सामाजिक अन्याय जैसी समस्याओं के उन्मूलन की दिशा में खुद को समर्पित कर दिया था। दुनिया भर में फैले उनके अनगिनत श्रद्धालुओं के प्रति प्रार्थनाएं और एकजुटता।'

9 of 10
शिवकुमार स्वामी-राहुल गांधी
स्वामीजी की मौत पर शोक प्रकट करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, 'मुझे शिवकुमार स्वामीजी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। स्वामी जी का करोड़ों भारतीय, सभी धर्मों एवं समुदायों के लोग सम्मान करते थे। उनके निधन से गहरा आध्यत्मिक शून्य पैदा हुआ है। उनके अनुयायियों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।'
विज्ञापन

10 of 10
सिद्धलिंग महास्वामी
शिवकुमार की मौत के बाद सिद्धलिंग महास्वामी को मठाधीश बनाए जाने की औपचारिक घोषणा हो सकती है। वह स्वामीजी की तबियत खराब होने के बाद से पिछले 10 सालों से मठ का काम-काज संभाल रहे हैं। उनका जन्म 22 जुलाई 1963 को बेंगलुरु हुआ था। पहले उनका नाम विश्वनाथ रखा गया था। बाद में येदियुरू सिद्दलिंगेश्वर के नाम पर उनका नाम रख दिया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें