श्रद्धा की जान बच सकती थी, लेकिन एक गलती ने उसकी जान ले ली। आइए जानते हैं आखिर कैसे श्रद्धा अपनी जान बचा सकती थी? ये केस कैसे दूसरों के लिए एक बड़ा सबक है?
दिल्ली के महरौली इलाके में हुए श्रद्धा हत्याकांड में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। हर तरफ इस हत्याकांड की चर्चा हो रही है। श्रद्धा की हत्या उसके प्रेमी आफताब ने की थी। पहले उसका गला घोटकर मार डाला, फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए 35 टुकड़े किए। इस हत्याकांड को लेकर मनोवैज्ञानिक डॉ. हेमा खन्ना ने कहा कि श्रद्धा की जान बच सकती थी, लेकिन एक गलती ने उसकी जान ले ली। आइए जानते हैं आखिर कैसे श्रद्धा अपनी जान बचा सकती थी? ये केस कैसे दूसरों के लिए एक बड़ा सबक है?
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Shraddha walker murder case
- फोटो : अमर उजाला
कैसे बच सकती थी श्रद्धा की जान?
डॉ. हेमा खन्ना नबताती हैं कि श्रद्धा की जान बच सकती थी, लेकिन उसने कई बार आफताब की हरकतों को नजरअंदाज किया था। डॉ. खन्ना कहती हैं, 'पुलिस की जांच में सामने आया है कि पिछले तीन साल के रिलेशन में दोनों के बीच खूब लड़ाई भी होती थी। यहां तक की आफताब श्रद्धा पर हाथ उठाता था। उसे मारता-पीटता था। इसके बावजूद श्रद्धा ने आफताब की इन हरकतों को नजरअंदाज किया।'
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Shraddha walker murder case
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डॉ. खन्ना के अनुसार, हर रिश्ते में लड़ाई होती है, लेकिन जब कोई बार-बार आपको मारता-पीटता है तो आपको सचेत होने की जरूरत है। बार-बार मारपीट इस बात की तरफ इशारा करती है कि सामने वाला शख्स गुस्से में आपके साथ कुछ भी कर सकता है। ऐसी स्थिति को भांपते ही लोगों को अपने घर-परिवार और करीबियों से बात करनी चाहिए। उन्हें इसके बारे में बताना चाहिए। कॉमन फ्रेंड से भी इसे शेयर करना चाहिए।
अगर फिर भी हालात में सुधार नहीं होता है तो अलग होना और कानूनी कदम उठाना बहुत जरूरी होता है। इसके जरिए न केवल आप सुरक्षित रहेंगे, बल्कि भविष्य में अगर वह शख्स किसी दूसरी महिला के साथ संबंध में रहता है तो वह भी सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने कहा, 'अगर समय रहते श्रद्धा आफताब की इन हरकतों से आगाह हो गई होती तो उसकी जान बच सकती थी। इस तरह की गंभीर बातों को नजरअंदाज करने का नतीजा कई बार काफी दर्दनाक होता है।'
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Shraddha walker murder case
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अब घटना के बारे में जान लीजिए
श्रद्धा मुंबई के मलाड़ में रहती थी और एक कॉल सेंटर में काम करती थी। आफताब अमीन पूनावाला भी मुंबई का रहने वाला है। दोनों की मुलाकात एक डेटिंग एप के जरिए हुई। इसके बाद दोनों के प्रेम संबंध बन गए। दोनों लिव-इन में रहने लगे। श्रद्धा के घरवालों को इस रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने श्रद्धा को आफताब का साथ छोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं मानी। हिमाचल और उत्तराखंड घूमने की बात कहकर श्रद्धा आफताब के साथ मुंबई से निकल गई। दोनों ऋषिकेश घूमने गए और वापस आकर दिल्ली में ही रहने लगे। यहां इन्होंने छतरपुर, महरौली में किराए पर कमरा लिया।
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श्रद्धा मर्डर केस
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श्रद्धा के पिता को ये बात जब मालूम हुई तो उन्होंने उससे बातचीत बंद कर दी। कभी-कभी श्रद्धां अपनी मां से जरूर बात कर लिया करती थी। 18 मई को आफताब और श्रद्धा के बीच झगड़ा हो गया। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, श्रद्धा ने आफताब से शादी का प्रस्ताव रखा। आफताब शादी नहीं करना चाह रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लड़ाई हो गई। आफताब ने एक हाथ से श्रद्धा का मुंह दबाया। जब श्रद्धा चिल्लाने लगी तो आरोपी ने दूसरे हाथ से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को बाथरूम में रखा।
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मृतका श्रद्धा और हत्यारोपी आफताब
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रातभर शव के साथ रहने के बाद दूसरे दिन आफताब मिनी आरी लेकर आया और श्रद्धा के शव को 35 टुकड़ों में काट दिया। पहले हाथ, फिर पैर और एक-एक करके शरीर के सारे अंगों को काटने के बाद उसने पानी से उसे साफ किया। फिर उसपर बोरिक पाउडर छिड़कर अलग-अलग पन्नी में सारे टुकड़ों को भर दिया। इसके बाद पन्नी को फ्रीजर में रख दिया।
श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब
- फोटो : अमर उजाला
रोज फ्रिज से शव के एक दो टुकड़े लेकर अपने बैग में रखता था और उसे महरौली के जंगल में फेंक आता। पूरे शव को ठिकाने लगाने के बाद आफताब ने फ्लैट बदल दिया। जांच में श्रद्धा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन महरौली के जंगल में मिली है। अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है। ये भी सामने आया है कि श्रद्धा के अकाउंट से 55 हजार रुपये निकाले गए थे। पुलिस ने कोर्ट से आफताब के नार्को टेस्ट के लिए इजाजत भी मांगी है। बताया जाता है कि इससे कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।