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ट्रेड यूनियन हड़ताल का दूसरा दिन, देखिए भारत बंद की ये तस्वीरें

Wed, 09 Jan 2019 05:37 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सरकार की नीतियों के खिलाफ विभिन्न संगठनों के द्वारा बुलाए गए भारत बंद का आज दूसरा दिन है। इस बंद में भाग ले रहे संगठन कामकाज बंद कर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। 
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दूसरे दिन भी कई जगहों से यातायात बाधित करने की खबरें सामने आ रहीं है। बता दें कि ट्रेड यूनियन ने न्यूनतम भत्ता, सामाजिक सुरक्षा स्कीम और पब्लिक-प्राइवेट सेक्टर के निजीकरण के खिलाफ यह बंद बुलाया है।
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आमजन को इस बंद से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बंद का सीधा असर बैंकिंग सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। 

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बंद का सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहा है। इस दौरानकई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने रेल मार्ग बाधित किया, जिसकी वजह से कई ट्रेनें लेट चल रही हैं।  
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राज्य सरकार ने बस चालकों को हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश केंद्रीय ट्रेड यूनियनों देशव्यापी द्वारा बुलाए बंद को लेकर दिए गए हैं।
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मुंबई में बेस्ट बस के कर्मचायियों ने अपनी मांगों को लेकर दूसरे दिन भी काम बंद रखा। कर्मचारियों के स्थायीकरण, बेस्ट बजट को बीएमसी के ए बजट के साथ मिलाने और आवासी संबंधी समस्याओं को लेकर कल से ही बेस्ट के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
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ट्रेड यूनियनों के दो दिनों के बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कूच विहार के दिनहाटा में एक सरकारी बस को क्षतिग्रस्त कर दिया।

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बिहार की राजधानी पटना में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बुलाए दो दिवसीय हड़ताल में राष्ट्रीय जनता दल,समाजवादी पार्टी, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा और वाम दलों ने भाग लिया। 

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मजदूर संगठन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद पर हैं। संगठनों का आरोप है कि नोटबंदी, जीएसटी से व्यापारियों को काफी मुश्किल से अपना व्यापार करना पड़ रहा है और केंद्र सरकार व्यापारियों के खिलाफ दमनकारी नीति चला रही है।

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मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी की किसान सभा से जुड़े किसान भी इस बंद में हिस्सा ले रहे हैं। किसानों का संपूर्ण कर्जमाफी व 3500 रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ता देने की मांग व कई मुद्दे इस हड़ताल में शामिल किए गए हैं।
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किसानों ने समर्थन पर कहा कि इसमें आम लोग, श्रमिक, प्राइवेट कर्मी शामिल हो रहे हैं। इसी को देखते हुए हमने अपना समर्थन दिया है। क्योंकि वह भी परेशान हो चुके हैं। 
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