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इस परिवार ने आरे कॉलोनी में लगाए 6 हजार पौधे, बच्चों की तरह पाल पोसकर बड़ा किया

Sat, 05 Oct 2019 06:25 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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संदीप अठले - फोटो : Facebook
बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सभी याचिकाओं को खारिज करने के बाद आरे कॉलोनी में पेड़ काटने का सिलसिला शुरू हो गया है। पेड़ काटे जाने का विरोध बॉलिवुड हस्तियों से लेकर आम लोग तक कर रहे हैं। जैसे ही पेड़ काटने का काम शुरू हुआ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरे में जहां पेड़ों को काटा जा रहा है उसी के पास हजारों पेड़ लगाकर घना जंगल बनाने में एक परिवार का बहुत बड़ा योगदान है। 
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संदीप अठले - फोटो : Facebook
गोरेगांव (पूर्व) के रहने वाले पांच लोगों के एक परिवार ने आरे कॉलोनी के पास लगभग 6000 पौधों को लगाया और पेड़ बनने तक उनकी देखभाल की। 19 साल से ये परिवार मानसून के दौरान आरे कॉलोनी के पास पौधे लगा रहा है और उनके पूर्ण विकसित होने तक देखभाल करता आ रहा है।
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संदीप अठले परिवार ने लगाए 6000 पौधे - फोटो : Facebook
37 वर्षीय संदीप अठले, उनकी पत्नी वरदायिनी, उनका चार साल का बेटा मल्हार, मां आरती और पिता विनय अभी तक आरे में 6000 पौधे लगा चुके हैं। 2015 में संदीप अठले के पिता की मौत हो गई थी। पिछले साल संदीप अठले ने आरे के पास एक तितली उद्यान शुरू किया था। ये जंगल पहले से 15-20 प्रजातियों की तितलियों से गुलजार है। शोधकर्ताओं के अनुसार आरे में तितलियों की 86 प्रजातियां हैं।

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संदीप अठले परिवार ने लगाए 6000 पौधे - फोटो : Social Media
अमर उजाला से बातचीत करते हुए संदीप अठले ने बताया कि आरे में जहां पेड़ काटे जा रहे हैं, वो उस जगह से करीब एक-सवा किलोमीटर दूर है, जहां हमने पेड़ लगाए हैं। मगर चिंता की बात यह है कि सरकार के लिए प्राथमिकता विकास है, पर्यावरण नहीं। एक पौधे को सिर्फ पानी ही नहीं मेहनत देकर सींचा जाता है और अब उस पर अचानक से आरी चलाई जा रही है।
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संदीप अठले - फोटो : Facebook
आरे कॉलोनी को हरा-भरा बनाने का जिम्मा संदीप के पिता विनय अठले ने लिया था। वह बताते हैं कि पापा ने 2000 में यहां पेड़ लगाने की शुरुआत की थी। उस समय हम यहां से दूर रहते थे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद पापा ने हर हफ्ते यहां आना शुरू कर दिया था। उन्होंने न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि उनका ख्याल भी बिल्कुल अपने परिवार के सदस्यों की तरह रखा।
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संदीप अठले परिवार ने लगाए 6000 पौधे - फोटो : fac
संदीप ने कहा कि क्लब वॉकरों की मदद से मेरे पिता ने पेड़ लगाना शुरू किया। लोगों ने उनके समूह में शामिल होकर उनकी मदद की। संदीप अठले के पिता ने सबसे पहले आरे में 16 यूनिट में 100 पौधे लगाए। उन्हें वॉकर क्लब द्वारा संरक्षित किया गया। 

अगले 15 वर्षों में, उन्होंने पंचवटी, न्यूजीलैंड हॉस्टल, वीआईपी गेस्ट हाउस, गौंडवी रोड और म्हाडा रोड में 3,500 से अधिक पौधे लगाए। संदीप ने बताया कि पंचवटी में, मेरे पिता ने 2004 के बाद से लगभग 550 पौधे लगाए। 
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संदीप अठले - फोटो : Facebook
संदीप अठले ने कहा, हमने उनकी देखभाल की और आज यह 75 प्रकार के पेड़ों के साथ घना जंगल बन गया है। उन्होंने कहा, ध्यान सिर्फ पेड़ लगाने पर नहीं होना चाहिए। कम से कम अगले तीन से चार वर्षों तक पेड़ों की देखभाल की जानी चाहिए। जिस तरह हम अपने बच्चों का ध्यान रखते हैं।

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संदीप अठले परिवार ने लगाए 6000 पौधे - फोटो : Facebook
संदीप बताते हैं कि उनके पिताजी ने हर साल सौ से ज्यादा पेड़ लगाए और यह सिलसिला 2015 तक उनके निधन तक चलता रहा। उन्होंने 4500 से 5000 तक पेड़ इस दौरान लगवाए। यही नहीं उन्होंने पंचावटी नक्षत्र उद्यान का भी निर्माण करवाया। इसमें पांच तरह के पेड़ लगवाए गए, जिन्हें 27 तरह के नक्षत्रों के प्रभाव को ध्यान रखते हुए लगाया गया।

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संदीप अठले परिवार ने लगाए 6000 पौधे - फोटो : Facebook
पिता की मौत के बाद संदीप ने अपनी पत्नी और मां के साथ मिलकर आरे में लगभग 2000 पौधे लगाए। तितली उद्यान उनकी हाल की पहल थी। उद्यान में 70 अमृत पौधों की प्रजातियों के साथ 700 पेड़ हैं। वह हर साल अलग-अलग समूहों के साथ मिलकर 250 से 300 पेड़ लगवा रहे हैं। आरे कॉलोनी में उन्होंने बटरफ्लाई गार्डन भी तैयार करवाया है। 
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संदीप अठले की मां - फोटो : Facebook
संदीप ने कहा कि ये ज्यादातर पौधे तितलियों को आकर्षित करेंगे और उनके जीवन चक्र के लिए साथ मदद करेंगे। उन्होंने कहा, मेरे बेटे मल्हार ने खुद से पौधे लगाए हैं और तितलियों की कंपनी में रहना उसे पसंद है।
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