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Republic Day Parade 2026: कर्तव्य पथ पर सीआरपीएफ सहायक कमांडेंट सिमरन बाला ने रचा इतिहास

Mon, 26 Jan 2026 01:39 PM IST
साहिल सुयाल वीडियो डेस्क,अमर उजाला
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सिमरन बाला - फोटो : Self
कर्तव्य पथ पर जैसे ही सुबह की ठंडी हवा में कदमों की गूंज उठी, पूरा देश टेलीविज़न स्क्रीन और प्रत्यक्ष मौजूदगी के ज़रिये एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बन गया। बैंड की धुन के साथ अनुशासनबद्ध चाल में आगे बढ़ती सीआरपीएफ की मार्चिंग टुकड़ी सिर्फ एक परेड नहीं थी, बल्कि भारत के बदलते चेहरे की जीवंत तस्वीर थी। और इस तस्वीर के केंद्र में थीं सीआरपीएफ की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला जो आत्मविश्वास, दृढ़ता और नेतृत्व की नई परिभाषा गढ़ रही थीं।

जैसे ही परेड की शुरुआत हुई, सिमरन बाला की तेज़, सधी हुई आवाज़ ने “लेफ्ट, राइट” की कमान संभाली। उनके एक-एक आदेश पर 140 से अधिक पुरुष जवान एक लय में आगे बढ़ते गए। कर्तव्य पथ के दोनों ओर बैठे दर्शक, देश-विदेश के मेहमान और करोड़ों भारतीयों की निगाहें उस दृश्य पर टिकी थीं, जो इतिहास बन रहा था। यह पहली बार था जब सीआरपीएफ की किसी पुरुष मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला अधिकारी कर रही थीं और वह भी गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय गौरव के अवसर पर। इस पल में सिर्फ कदमताल नहीं थी, इसमें संघर्ष की कहानी थी, सपनों की उड़ान थी और उन सीमाओं को तोड़ने का साहस था, जिन्हें लंबे समय तक अटल मान लिया गया था। सिमरन बाला का नेतृत्व यह स्पष्ट कर रहा था कि सुरक्षा बलों में अब पहचान नाम या लिंग से नहीं, बल्कि काबिलियत और कर्म से तय होती है।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से निकलकर कर्तव्य पथ तक का सफ़र आसान नहीं था। सीमित संसाधन, चुनौतीपूर्ण सामाजिक परिस्थितियां और एक संवेदनशील भौगोलिक पृष्ठभूमि इन सबके बीच सिमरन ने बड़े सपने देखे। पढ़ाई में शुरू से ही मेहनती रहीं सिमरन ने राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। किताबों और नोट्स के बीच उन्होंने सिर्फ परीक्षा की तैयारी नहीं की, बल्कि खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से उस ज़िम्मेदारी के लिए तैयार किया, जो देश की वर्दी पहनने के साथ आती है।
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