भगोड़े माल्या ने अरुण जेटली पर उंगली क्या उठाई राहुल के तेवर ही बदल गए। आस्तीन चढ़ाने वाले राहुल आज कॉलर उठाते दिखे। उन्होंने अपने कुर्ते से तो ताव झाड़ा ही हाथ से भी चिगी-विगी करते दिखे।भाजपा पर सवालों की झड़ी लगाते हुए राहुल खूब आक्रामक हुए। उनका ये अंदाज देखने लायक था।
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यूं तो राहुल अपने अंदाज में सबसे अलग हैं ही लेकिन जब मौका भाजपा को घेरने का है तो उनका ये अंदाज भी खास हो गया। इससे पहले भी राहुल कई बार आक्रामक दिखे हैं। लेकिन इस बार उनका उत्साह दिख रहा था।
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आज वो अपने कड़े तेवर में शुरू से ही दिख रहे थे। राहुल आते ही कुर्ते का कॉलर उठाने लगे। इसके बाद तो उन्होंने चुटकी भी बजाई और ताली भी। दरअसल भगौड़ा शराब व्यवसायी विजय माल्या और वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच हुई मुलाकात का खुलासा होने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बहस छिड़ी हुई है।
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गुरुवार सुबह से लेकर दोपहर तक भाजपा और सरकार जहां बचाव और कांग्रेस को ही घेरने में लगी है। वहीं कांग्रेस, अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। कांग्रेस अध्य्क्ष राहुल गांधी ने कहा कि विजय माल्या और अरुण जेटली के बीच 15-20 मिनट की मीटिंग हुई थी। ये मीटिंग सिट-डाउन थी। राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता पीएल पुनिया को भी पेश किया और कहा कि पीएल पुनिया विजय माल्या और अरुण जेटली के बीच हुई मुलाकात के चश्मदीद गवाह हैं।
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इस दौरान राहुल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कल जेटली जी ने कहा कि विजय माल्या ने उनसे संसद में अनौपचारिक मुलाकात कर ली थी। वह लंबे ब्लॉग लिखते हैं, लेकिन किसी ब्लॉग में इस मुलाकात का जिक्र नहीं किया। जेटली जी ने जो कहा कि वो झूठ कहा। हमारी पार्टी के नेता पीएल पुनिया जी ने देखा कि दोनों संसद के केंद्रीय कक्ष में मिले थे।’’
इसके बाद राहुल ने कहा कि ‘‘इसमें दो सवाल उठते हैं। पहला सवाल कि वित्त मंत्री भगोड़े से बात करते हैं और वह उनसे लंदन जाने के बारे में बताता है। लेकिन माल्या के बारे में वित्त मंत्री ने किसी एजेंसी को क्यों नहीं बताया?' गांधी ने यह भी पूछा कि सीबीआई पर दबाव डालकर 'रेस्ट्रेंड नोटिस' को ‘इंफॉर्म्ड’ नोटिस में किसने बदलवाया? उन्होंने आरोप लगाया, 'वित्त मंत्री की मिलीभगत है। वित्त मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।