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कोरोना से लड़ रहे पुणे की दंपती ने कहा- गुढीपाडवा पर खाना चाहते हैं घर का खाना

Tue, 24 Mar 2020 12:08 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
महराष्ट्र के पुणे शहर में कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले पहले दंपती ने आने वाले त्योहार गुढीपाडवा पर घर का खाना खाने की इच्छा व्यक्त की है। बता दें कि यह दंपती फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और अपने संक्रमण का इलाज करा रहा है। इनकी तीन साल की एक बेटी भी कोरोना वायरस से संक्रमित है।

इस दंपती को उम्मीद है कि वो बुधवार को मनाए जाने गुढीपाडवा के दिन सिंहगढ़ रोड वाले अपने घर लौट जाएगी। जिस आवास में वे रहते हैं वहां के पड़ोसियों से कहा गया है कि वो उनके साथ भेदभाव नहीं करें। पिछले चार-पांच दिनों से इनकी दवाई को बंद कर दिया गया है। उनके ठीक होने की स्थिति को पूरी तरह से सुनिश्चित करने के लिए अंतिम जांच की  प्रतीक्षा की जा रही है।

संक्रमित पत्नी ने कहा कि मैं अपने घर पर खाना बनाना चाहती हूं और गुढीपाडवा से बेहतर दिन नहीं हो सकता है। उन्होंने बताया कि अब हम अच्छा महसूस कर रहे हैं, सोमवार सुबह हमारे स्वैब लिए गए थे। हमें भरोसा है कि परिणाम अनुकूल होंगे और हमें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

नायडू अस्पताल के पब्लित स्वास्थ्य विशेषज्ञ के वावारे ने कहा कि नौ मार्च को दो पॉजटिव कोरोना वायरस मामलों को भर्ती किया गया था। 14 वें दिन सोमवार को उनके नमूने एनआनी को भेजे गए, जिसका टेस्ट नेगेटिव पाया गया। हम जांच के लिए दूसरा सैंपल मंगलवार को भेजेंगे, अगर वे नेगेटिव आए तो हम उन्हें प्रोटोकॉल के अनुसार डिस्चार्ज करेंगे। घर की सोसाइटी को बता दिया गया है कि परिवार पूरी तरह से ठीक होने के बाद ही वापस लौटेगा।
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पड़ोंसियों ने हमारी बिल्डिंग के लोगों के साथ किया भेदभाव

जिस इमारत में दंपती रहते हैं उसके प्रभारी ने कहा है कि हमने पहले ही यहां रह रहे सभी लोगों को संदेश भेज दिया है। हमनें बता दिया है कि अस्पताल से लौटे परिवार को लेकर उनके मन में कोई डर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे पास परिवार के घर की चाबी है और हम नागरिक स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता और परिवार की अनुमति से उनके घर को सैनिटाइज करने की योजना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब से कोविड-19 पाजिटिव का केस पाया गया। उसके बाद से इस सोसाइटी को सोशल मीडिया पर इसका नाम वायरल कर दिया गया। जिसके के कारण यहां के बाकी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पड़ोसियों ने हमारी बिल्डिंग के लोगों के साथ भेदभाव किया। हालांकि अब हमारी ये पूरी कोशिश है कि जो हमारे साथ हुआ ये सब अस्पताल लौटने वाले परिवार के साथ ना हो। सभी लोग लिफ्ट और सार्वजनिक जगहों की सफाई कर रहे हैं और सावधानी भी बरत रहे हैं।
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