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जनता का रौद्र रूप आया सामने, लाठी-डंडे लेकर निकले सड़कों पर

Thu, 02 Jun 2016 04:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
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jawaher bag protest - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
यूपी के मथुरा में जवाहर बाग खाली कराने की जवाहर बाग संघर्ष समिति की हुंकार की फूंक केवल तीन घंटे तक भाषणों में ही चली। जब कूच करने का समय आया तो एक पक्ष के ही लोग लाठी लेकर चले। जिला प्रशासन द्वारा लोगों को रोकने के लिए लगाई गई पुलिस और पीएसी से जद्दोजहद के थोड़ी देर बाद ही पूरा मामला शांत हो गया। जवाहर बाग को खाली कराने के लिए सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति, जवाहर बाग संघर्ष समिति, राष्ट्रीय लोकदल, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, भारतीय किसान यूनियन भानु गुट, इंटक आदि के लोगों ने ऐलान के तहत जवाहरबाग में कूच करने को कहा था। इसे लेकर एसएसपी आवास के सामने बड़ा टेंट लगाया गया और उसमें सुबह से ही नेताओं व कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया।
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jawaher bag protest - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
दोपहर डेढ़ बजे तक सभी दलों के 500 से 600 लोग ही जुट सके। लंबे चौड़े भाषण और नारेबाजी के बाद रालोद के लोगों ने कूच का ऐलान किया तो चंद लोग ही साथ चले। इसमें जिला प्रशासन की तय रणनीति के तहत डीएम कार्यालय के बाहर पुलिस और पीएसी के जवानों ने रोक लिया। वहां आधे घंटे तक नारेबाजी और जद्दोजेहाद के बाद लौट आए। वहीं जवाहरबाग संघर्ष समिति, भाजपा और अन्य दलों के लोग तंबू से बाहर तक नहीं निकले और वहीं से भाषण देते रहे।
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jawaher bag protest - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
जवाहर बाग खाली कराने को जवाहर बाग संघर्ष समिति के लोगों द्वारा शुरू किया गया आंदोलन फिक्स मैच की तरह रहा। पूर्व में किसान नेता रामबाबू क टैलिया की चिरपरिचित रणनीति के तहत पहले दो तीन घंटे तीखी भाषणबाजी, फिर पांच या सात लोगों की कमेटी की अधिकारियों के साथ बैठक, फिर अगली तारीख और आश्वासन। इसी तरह जवाहर बाग संघर्ष समिति का आंदोलन फिक्स कार्यक्रम के तहत ही रहा। इसमें रामबाबू क टैलिया ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल तो उठाए लेकिन आंदोलन के मामले में आगे नहीं बढ़े। कुछ पदाधिकारियों ने आगे आंदोलन बढ़ाने को कहा तो उनको डपट दिया और 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर दो लोगों के भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया और आंदोलन समाप्ति की घोषणा कर दी।

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jawaher bag protest - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
जवाहर बाग खाली कराने के लिए पुलिस जिस तरह से रोज नई प्लानिंग कर रही है उसी तरह कब्जाधारी भी प्लान बना रहे हैं। अब कथित सत्याग्रहियों ने प्रशासन से भिड़ंत के लिए महिलाओं को आगे कर दिया है। दिन भर महिलाएं हाथ में लाठी-डंडे लेकर जवाहर बाग की पहरेदारी कर रही हैं। सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति, जवाहर बाग संघर्ष समिति, भारतीय किसान यूनियन भानू गुट, राष्ट्रीय लोकदल, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी सहित इंटक व अन्य सहयोगी दलों के लोगों ने एक जून को जवाहर बाग खाली कराने के लिए कूच करने का ऐलान किया था। एलान के तहत विभिन्न दलों और संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता व पदाधिकारी कलक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए। इससे जवाहरबाग मे जमे हुए कब्जाधारियों में सुबह से ही खलबली रही और तड़के से ही सैकड़ों सत्याग्रही लाठी-डंडा लेकर जमे रहे। इनमें सबसे आगे रहीं महिलाएं तो पूरा परिसर में बाकायदा गश्त करती रहीं। कब्जाधारियों की सर्तकता को देखते हुए जवाहर बाग के आसपास इलाके में तैनात पुलिस और पीएसी के जवान भी दिनभर चहलकदमी करते नजर आए।
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jawaher bag protest - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
जवाहर बाग प्रकरण को देखते हुए डीएम ने 10 जून तक सभी चिकित्सक, वाहन चालकों की छुट्टी पर रोक लगा दी है। सीएमओ डा. विवेक मिश्रा ने चिकित्सकों की दो टीम बनाई हैं, इसमें 20 चिकित्सकों को लगाया है। कंट्रोल रूम प्रभारी डा. मुकेश लवानियां ने बताया कि जिले में कार्य कर रहे सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी पत्र जारी कर दिया है, कार्रवाई के साथ आवश्यकता पर सभी चिकित्सकों को कॉल कर बुला लिया जाएगा। कार्यालय परिसर में ही दस बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया है। आवश्यकतानुसार इसकी क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा सभी चिकित्सकों और वाहन चालकों को सख्त निर्देश हैं कि अपना मोबाइल ऑन रखें।
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jawaher bag protest - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
जवाहर बाग खाली कर दो... बहुत समय दे दिया... अब कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की मुनादी बुधवार की देर रात तक होती रही। तहसील परिसर पर लाउडस्पीकर लगाकर एलान किया गया। जवाहर बाग को खाली कराने के लिए दो माह से अधिक समय से चल रही कवायद में अब प्रशासनिक अमला सख्ती के मूड में आ गया है। चारों तरफ से हो रही फजीहत को देखकर एक्शन की तैयारी हो रही है। प्रशासन ने जहां दिन भर जवाहर बाग को घेरकर अपने इरादे साफ कर दिए वहीं शाम से मुनादी भी कराई गई। 
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जवाहर बाग खाली कराने को दो माह से तपती दोपहरी में रहकर ड्यूटी कर रहे पुलिस व पीएसी के जवानों में प्रशासनिक अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है। इसमें जवानों ने अपने अधिकारियों को लेकर मथुरा के अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नाम न छापने की शर्त पर एक जवान ने बताया कि यही हाल रहा तो आगे जवान इस स्थिति में आदेशों का अनुपालन करने में बार बार सोचेगा।
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