शुभांशु के साथ पीएम मोदी
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आगे पीएम मोदी ने पूछा कि पहली बार कोई भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन में आया तो ये देखकर लोग क्या पूछते हैं, क्या बात करते हैं? इस पर शुभांशु ने कहा कि मैं जहां भी गया, जिससे भी मिला, सभी मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए, बहुत उत्साहित हुए। सबसे बड़ी बात यह थी कि सभी जानते थे कि भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में क्या कर रहा है। सभी को इस बारे में पता था और कई लोग ऐसे भी थे जो मुझसे भी ज्यादा गगनयान को लेकर उत्साहित थे, जो मुझसे आकर पूछ रहे थे कि आपका मिशन कब शुरू हो रहा है। मेरे ही साथी मुझसे साइन करवाकर लेकर गए हैं कि जब भी गगनयान लॉन्च हो तो हमें जरूर बुलाएंगे। उसके बाद हमें जल्दी से जल्दी आपके व्हीकल पर बैठकर जाना है। पीएम ने पूछा कि आपको सब टेक जीनियस कहकर बुलाते थे, इसकी क्या वजह थी? शुभांशु ने कहा कि वो लोग बहुत अच्छे थे सर, बहुत दयालू थे। इस वजह से शायद... पर मेरी जो ट्रेनिंग रही है, वायुसेना की ट्रेनिंग रही है। जब मैं वायुसेना में शामिल हुआ, तो मैंने सोचा था कि मुझे पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन उसके बाद मुझे बहुत पढ़ाई करनी पड़ी। और टेस्ट पायलट बनने के बाद यह इंजीनियरिंग का एक अनुशासन बन जाता है। इसलिए मुझे लगता है कि जब हम इस मिशन के लिए पहुंचे, तो हम पूरी तरह तैयार थे। पीएम ने पूछा कि मैंने जो होमवर्क कहा था, वह कहां तक पहुंचा है। इस पर शुभांशु ने कहा कि बहुत अच्छा प्रोग्रेस है सर, जब लोगों को पता चला तो लोग काफी हंसे थे। मीटिंग के बाद उन्होंने मुझे चिढ़ाया भी था कि आपके प्रधानमंत्री ने आपको होमवर्क दिया है। मिशन सफल रहा, हम वापस आ गए, लेकिन यह मिशन अंत नहीं है, यह शुरुआत है। आपने भी कहा था कि यह पहला कदम है। तो इसका मकसद ही यह था कि हम कितना कुछ सीखकर वापस आ सकते हैं।