लोग जानना चाहते हैं कि आखिर देश के राष्ट्राध्यक्ष को राष्ट्रपति ही क्यों कहा जाता है? तब भी जब इस पद पर कोई महिला आसीन हो? इसकी शुरुआत कहां से हुई और इसका इतिहास क्या है? आइए जानते हैं...
राष्ट्रपति को लेकर अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी पर विवाद जारी है। टिप्पणी के बाद से संसद से लेकर सड़क तक भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन किया। अधीर ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर लिखित माफी भी मांगी, लेकिन अब तक ये विवाद शांत नहीं हुआ है। भाजपा सोनिया गांधी से माफी मांगने की अपनी मांग पर अड़ी हुई है। सारा विवाद राष्ट्रपति शब्द को लेकर हो रहा है।
ऐसे में सवाल राष्ट्रपति शब्द की उत्पत्ति और उसके प्रयोग पर भी उठने लगा है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर देश के राष्ट्राध्यक्ष को राष्ट्रपति ही क्यों कहा जाता है? तब भी जब इस पद पर कोई महिला आसीन हो? इसकी शुरुआत कहां से हुई और इसका इतिहास क्या है? आइए जानते हैं...
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देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद
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राष्ट्रपति शब्द का इतिहास
राष्ट्रपति को अंग्रेजी में प्रेसीडेंट कहा जाता है। इस शब्द का प्रयोग पहली बार अमेरिका में शुरू हुआ था। ये शब्द फ्रेंच और लेटिन से मिलकर बना हुआ है। इसके दो अर्थ होते हैं। पहला अध्यक्षता करने वाला और दूसरा सर्वोच्च। अमेरिका की तरह कई अन्य देशों ने भी इस शब्द का प्रयोग किया। भारत में भी देश के सर्वोच्च पद के लिए अंग्रेजी में प्रसीडेंट और हिंदी में राष्ट्रपति का प्रयोग शुरू हुआ।
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prayagraj news : पंडित जवाहर लाल नेहरू (फाइल फोटो)।
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भारत के संविधान सभा ने लगाई मुहर
संविधान सभा में 'राष्ट्रपति' शब्द को लेकर काफी चर्चा हुई थी। तब भी कहा गया कि अंग्रेजी में प्रेसीडेंट तो ठीक है, लेकिन हिंदी में राष्ट्रपति शब्द सही नहीं होगा। यह चिंता भी जाहिर की गई थी कि अगर कोई महिला इस पद पर आसीन होंगी तब उन्हें क्या कहा जाएगा?
तब राष्ट्रपति शब्द की जगह राष्ट्रनेता, राष्ट्रकर्णधार, राष्ट्र का प्रधान जैसे कई शब्दों का सुझाव दिया गया। हालांकि, किसी पर भी सहमति नहीं बन पाई। अंत में पं. जवाहर लाल नेहरू ने अंग्रेजी में प्रेसीडेंट और हिंदी में 'राष्ट्रपति' शब्द पर मुहर लगा दी।
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प्रतिभा पाटिल
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प्रतिभा पाटिल के समय भी उठा था विवाद
प्रतिभा पाटिल के रूप में जब देश को पहली महिला राष्ट्रपति मिलीं तब भी इसको लेकर विवाद हुआ था। कई लोगों ने राष्ट्रपति शब्द को लेकर सवाल खड़े किए थे। तब प्रतिभा पाटिल ने बहस को ज्यादा भाव नहीं दिया। उन्होंने यह कहकर विवाद शांत करा दिया कि वह राष्ट्रपति ही कहलाना पसंद करेंगी। तब ये बहस वहीं थम गई थी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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पति शब्द का मतलब क्या है?
राष्ट्र तक तो सब ठीक है। विवाद पति शब्द को लेकर ही है। भाषा वैज्ञानिक रमाशंकर श्रीवास्तव कहते हैं, 'पति शब्द का अर्थ स्वामी या मालिक होता है। कई पौराणिक किताबों में प्रजा पति, वाचस पति, भूपति, जैसे शब्द मिलते हैं। पति शब्द का इस्तेमाल उन जगहों पर होता है, जहां मालिक के तौर पर किसी शख्स को दिखाना है। करोड़पति और लखपति जैसे शब्द भी इसी तरह हैं। करोड़ों के मालिक या मालकिन को करोड़पति ही कहा जाता है।'
रमाशंकर आगे कहते हैं, 'अगर देश के मुखिया के लिए पति शब्द का प्रयोग होता है, तो उसमें कोई गलती नहीं है। इस शब्द कर लिंक के आधार पर भेद नहीं करना चाहिए। '
लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी।
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अब जानिए अधीर रंजन चौधरी ने क्या कहा, जिस पर हो रहा विवाद
कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस के नेता संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान एक चैनल के पत्रकार ने उनका बयान लिया। अधीर से मीडिया ने पूछा था कि आप राष्ट्रपति भवन जा रहे थे, पर जाने नहीं दिया गया। तब उन्होंने कहा था कि आज भी जाने की कोशिश करेंगे। इसी दौरान अधीर रंजन ने राष्ट्रपति को लेकर अमर्यादित टिप्पणी भी की।
विवाद बढ़ा तो उन्होंने कहा, 'हिंदी मेरी मातृभाषा नहीं है। मेरी जुबान फिसल गई थी, मुझे फांसी पर चढ़ा दीजिए। सत्ताधारी दल तिल का ताड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। उनसे ही माफी मांगूंगा, पाखंडियों से नहीं।'
संसद में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ तीखे बोल बोले। अधीर रंजन और सोनिया गांधी को राष्ट्रपति और देश से मांगी मांगने को कहा। स्मृति ने कहा कि आदिवासी महिला के राष्ट्रपति बनने को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है।