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क्या ये तस्वीरें भाजपा को 2019 में पहुंचाएंगी फायदा, बोहरा मुसलमानों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी

Mon, 17 Sep 2018 12:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दाऊदी बोहरा समुदाय के मौजूदा सर्वोच्च धर्मगुरू सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के कार्यक्रम में शामिल हुए। सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन इन दिनों अपने मध्य प्रदेश प्रवास के तहत इंदौर में ही हैं। वो 6 सितंबर को इंदौर पहुंचे थे और 25 सितंबर तक वहां रहेंगे। इस दौरान वे मोहर्रम के मौके पर वाअज (प्रवचन) फरमाएंगे। इस धार्मिक गुरु सैयदना को मध्य प्रदेश सरकार ने राजकीय अतिथि का दर्जा दिया है। आइये देखते हैं कि कैसी रही पीएम मोदी की उनसे मुलाकात..
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इंदौर की सैफी मस्जिद में मोदी की संगत से कई गौर करने वाली तस्वीरें आईं। धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन से पीएम मोदी की बार-बार होती गुफ्तगू, पीएम के अभिवादन का अंदाज सब कुछ दिल जीतने की कोशिश जैसा था। पीएम मोदी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। बाकी भेंट भी मोदी ने माथे से लगाकर स्वीकार किया।
 
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पीएम मोदी के सैफी मस्जिद दौरे की बात करें तो इसके भी बड़े राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में आसन्न चुनाव से ठीक पहले शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी को यहां बुलाकर बड़ा दांव चला है।

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ये पहला मौका है जब बोहरा समुदाय के किसी प्रवचन कार्यक्रम में कोई पीएम शामिल हुआ है। बीजेपी का दावा है कि वो हमेशा से ‘सबका साथ सबका विकास’ की बात करती आई है, लेकिन पिछले कुछ मौकों पर पीएम मोदी के टोपी नहीं पहनने से नाराज़ रहने वाले नेता इसे मुस्लिम वोट बैंक में पैठ बनाने की बीजेपी की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। पीएम मोदी के इस पैंतरे को बीजेपी के सॉफ्ट सेक्युलरिज़्म के तौर पर भी देखा जा रहा है। पीएम मोदी के सैफी मस्जिद में जाने को बोहरा के जरिए मुसलमान वोट बैंक साधने की कोशिश भी मानी जा रही है। ऐसे में सवाल उठते हैं कि क्या 2019 में राम और इमाम दोनों को बीजेपी साधेगी?
 
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मुंबई में अपने भव्य और विशाल आवास सैफी महल में अपने विशाल कुनबे के साथ रहते हुए वे हर आधुनिक भौतिक सुविधाओं का तो उपयोग करते हैं, लेकिन अपने सामुदायिक अनुयायियों पर शासन करने के उनके तौर तरीके मध्ययुगीन राजाओं-नवाबों की तरह हैं। उनकी नियुक्ति भी योग्यता के आधार पर या लोकतांत्रिक तरीके से नहीं, बल्कि वंशवादी व्यवस्था के तहत होती है, जो कि इस्लामी उसूलों के अनुरूप नहीं हैं।
 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर में बोहरा समुदाय की मस्जिद में जाकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। सैफी मस्जिद में मोदी शिया धर्मगुरु से गले मिले और उनसे पुराने रिश्ते को भी याद किया। मोदी के मस्जिद दौरे को इमेज बदलने की कोशिश मानी जा रही है।
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बोहरा समुदाय के मुसलमानों के बीच पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत हुआ। धर्मगुरु ने खुद आगे बढ़कर अगवानी की। देश के प्रधानमंत्री को गले लगाया और उन्हें इस धार्मिक आयोजन के मंच तक लेकर आए। जब बोलने की बारी आई तो पीएम मोदी ने भी मन की बात कहने में हिचक नहीं की। मोदी ने कहा कि बोहरा समुदाय से पुराना रिश्ता रहा है।
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