महज 48 दिनों में जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के तबादले के खिलाफ जनता सड़क पर उतर आई। शहर से लेकर देहात तक विभिन्न इलाकों में तबादले के खिलाफ प्रदर्शन कर लोगों ने जाम लगाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम आवास के सामने जमा भीड़ डीएम के समझाने पर भी नहीं मानीं तो डीएम अपने आवास में अंदर चले गए। इस बीच विभिन्न संगठन और फिर राजनैतिक दलों के लोग भी डीएम का तबादला रोकने की मांग लेकर आ गए और भीड़ बढ़ती गई। इससे जाम लग गया।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
तहसील और कस्बों में भी डीएम के तबादले के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। जनता ने प्रदेश सरकार और सपा जिलाध्यक्ष का पुतला भी फूंका। उधर, नवनियुक्त डीएम पुष्पा सिंह ने मंगलवार शाम शाहजहांपुर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। 48 दिनों के कार्यकाल में डीएम विजय किरन आनंद ने अपने सख्त तेवर और कड़क फैसलों से जनता को उम्मीद की किरण बंधी थी कि कुछ सुधार होगा। सरकारी योजनाओं में घोटाले, जनता की न सुनने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई, गरीबों को बेहतर इलाज, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार सहित फरियादियों की हर फरियाद पर यथोचित कार्रवाई ने सबको उनका मुरीद बना दिया था।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
ऐसे में जब डीएम के तबादले की खबर अखबार, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों तक पहुंची तो लोग डीएम आवास के सामने इकट्ठा होने लगे। लोगों का आरोप है कि डीएम विजय किरन आनंद सत्ता में बैठकर गलत काम करने वाले लोगों की आंख में किरकिरी बन गए थे और इसीलिए उनका तबादला करा दिया। शहर के प्रदर्शन में रौसर के ग्रामीण भी शामिल हुए। डीएम विजय किरन आनंद के कार्यभार छोड़ने के बाद उनके सम्मान में कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने विदाई पार्टी का आयोजन किया गया। विदाई पार्टी में शामिल होने के लिए विजय आनंद जैसे ही कलक्ट्रेट के डीएम कक्ष में प्रविष्ट हुए बाहर खड़े लोगों ने जिंदाबाद के नारे बुलंद करने शुरू कर दिए।
रवानगी के लिए डीएम आनंद पोर्टिको में खड़ी कार के पास पहुंचे तो वहां मौजूद तमाम युवा उनकी कार के आगे लेटकर नारेबाजी करने लगे। इस पर डीएम आनंद ने समझाया कि अधिकारियों का आनाजाना लगा रहता है। ऐसा कुछ न करें जो जिले की तहजीब के विपरीत आचरण प्रतीत हो। लोग कार के सामने से हटने को तैयार नहीं हुए तो डीएम आनंद कार बैक कराकर दूसरे गेट से रवाना हो गए।