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ओडिशा ने ऐसे सीखा तूफानों से टकराना, 1999 में हुई थी भारी तबाही

Sat, 04 May 2019 12:17 PM IST
आसिम खान बीबीसी, हिंदी
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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
1999 में पूर्वी भारत के ओडिशा राज्य में 260 किलोमीटर प्रति घंटा से चलनी वाली हवाओं ने जमकर तबाही मचाई थी। ये 'सुपर सायक्लोन' था जिसके लिए ओडिशा तैयार नहीं था। इस तूफान ने दस हजार से ज्यादा लोगों की जान ली। कई गांवों का नामोनिशान तक मिट गया और एक ही रात में लाखों लोग बेघर हो गए। 
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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
वैसे तो बंगाल की खाड़ी के किनारे बसा ओडिशा हर साल तूफानों से दो-दो हाथ करता रहता है। मगर 1999 के 'सुपर सायक्लोन' ने राज्य की कमर तोड़ कर रख दी थी। अकेले जगतसिंहपुर जिले में ही आठ हजार मौतें हुईं थीं।

मगर बीते बीस सालों के भीतर ओडिशा ने तूफानों से टकराना सीख लिया है। इसका पहला उदाहरण था पाइलिन तूफान। 12 अक्तूबर 2013 को, 260 किलोमीटर प्रति घंटे की तेजी से पाइलिन तूफान ओडिशा के गोपालपुर तट से टकराया था। 
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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
उस वक्त मैं उस तूफान के संबंधित खबरें करने के लिए वहां पहले से ही तैनात था। बिजली गुल हो चुकी थी और संपर्क के और साधन जैसे सैटेलाइट फोन भी काम नहीं कर रहे थे। अंधेरे में घरों की खिड़कियों के टूटने और गिरने की आवाजें चारों तरफ से आ रही थीं। मुझे याद है मैंने कहा था "ऐसा तूफान मैंने अपनी जिन्दगी में कभी नहीं देखा है, ये आवाज दिलो-दिमाग पर कई सालों तक बरकरार रहेगी।"

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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
भारतीय मौसम विभाग में अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बीबीसी संवाददाता आदर्श राठौर से फैनी तूफान के बारे में कहा कि पुरी तट से टकराने के बाद यह तूफान उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ गया है और अभी भी इसकी रफ्तार 130 से 140 किलोमीटर प्रतिघंटा है। महापात्रा कहते हैं कि यह तूफान रात तक ओडिशा में रहेगा और सुबह पश्चिम बंगाल पहुंचेगा तब इसकी रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।
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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
तूफान का खतरा अभी भी टला नहीं है क्योंकि इसके कारण बिजली के खंभे गिरना जारी हैं। मौसम विभाग के तूफान के आंकलन की तारीफ करते हुए महापात्रा कहते हैं कि इसके पीछे कई सारे संगठन हैं जो इसका आंकलन करते हैं और उनके विभाग ने पहले भी सही आंकलन किया है।
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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
फैनी से ऐसे निपटा ओडिशा

ओडिशा सरकार ने 'जीरो केजुएलटी' यानी जनहानि को पूरी तरह रोकने के लक्ष्य के साथ राज्य के 480 किलोमीटर लंबे तट के किनारे कच्चे मकान में रहनेवाले 11 लाख से भी अधिक लोगों को गुरुवार शाम तक सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई थी।

लेकिन कई स्थान पर लोग अपने मकान छोड़कर जाने के लिए तैयार नहीं हुए और देर रात तक उन्हें मनाने की कोशिशें जारी रहीं। रात दो बजे तक करीब दस लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाया जा चुका है।
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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विशेष राहत आयुक्त विष्णुपद सेठी ने गुरुवार शाम को बताया कि स्थानांतरित लोगों को तट पर बने करीब 900 'साइक्लोन शेल्टर' और अन्य पक्के मकानों में ठहराया गया है। सेठी ने कहा, "हर शेल्टर में खाद्य सामग्री, पीने का पानी और अन्य जरुरी सामान रखे गए हैं और 50 स्वयंसेवी तैनात किए गए हैं।"

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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
पिछले साल भी ओडिशा के आपदा प्रबंधन विभाग में मौसम वैज्ञानिक शोभन दस्तीदार ने बताया था कि 'तितली' तूफान के आने की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी और तूफान के तट से टकराने से बहुत पहले ही लोगों को असुरक्षित स्थानों से हटाने का काम शुरू कर दिया गया था।

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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो)
पिछले बीस सालों में ओडिशा के आपदा प्रबंधन और राहत विभाग ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए वृहद् योजना बनाई जिसमें उन्होंने विश्व बैंक की मदद भी ली। इस दौरान आईआईटी-खड़गपुर की सहायता से नौ सौ के आस-पास तूफान राहत शिविरों का निर्माण किया गया है।

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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
राज्य के आपदा प्रबंधन और राहत विभाग के विशेष आयुक्त बिष्णुपद सेठी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा "ओडिशा ने 1999 के सुपर सायक्लोन से सबक लेते हुए ये फैसला किया कि आने वाली हर प्राकृतिक आपदा से मुकाबला किया जाए और ये सुनिश्चित भी किया जाए कि इसमें जान और माल की कम से कम क्षति हो।"

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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो)
इस तरह की तूफान का सामना करने की तैयारी
  • नौसेना और कोस्ट गार्ड को अलर्ट पर रखा गया
  • लोगों की मदद के लिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमें तैनात की गईं
  • तूफान के असर को देखते हुए मध्य रात से उड़ानों पर रोक लगा दी गई है और सौ से ज्यादा ट्रेनों को रद्द कर दिया गया
  • ये तूफान तटीय ओडिशा के खुर्दा, कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाडा, जाजपुर, भद्रक और बालेश्वर जिलों के रास्ते पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा
  • फिर बांग्लादेश का रुख करेगा। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जमीन के संपर्क में आने के बाद तूफान की तीव्रता कम होगी

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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
बचाव कार्य और तूफान के बाद क्षतिग्रस्त सड़क, बिजली और संचार माध्यम को तत्काल बहाल करने के लिए 'नेशनल डिजास्टर रेस्पोंस फोर्स' (एनडीआरएफ) की 28 टीमें और 'ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स' (ओडीआरएएफ) के 20 दल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिए गए हैं।

एक लाख से अधिक खाने के पैकेट तैयार कर इन इलाकों में पहुंचाए जा रहे हैं। सेठी ने बताया कि जरुरत पड़ने पर पानी में घिरे लोगों के लिए आकाश मार्ग से खाद्य सामग्री गिराने के लिए वायुसेना के दो हेलिकॉप्टर तैयार रखे गए हैं।

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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
एहतियात के तौर पर भद्रक से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के बीच चलनेवाली 100 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। गुरुवार मध्यरात्रि से अगले 24 घंटे तक भुवनेश्वर हवाई अड्डे से सभी विमान सेवाओं को भी रद्द किया गया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार शाम आला अधिकारियों के साथ तूफान की ताजा स्थिति तथा राहत और बचाव कार्य की समीक्षा की । 

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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो)
बैठक के बाद उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शुक्रवार को घर से न निकलें। मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाढ़ी ने कहा कि तूफान के 'लैंडफॉल' के बाद कुछ देर तक बारिश और हवा की गति कम हो जाती है। लेकिन इस समय बाहर निकलना जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए तूफान के दौरान या उसके तत्काल बाद लोग घर से बाहर निकलने की कोशिश न करें।
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चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो)
मौसम विभाग का अनुमान है कि तूफान फैनी के असर से रायगड़ा, गंजाम, गजपति, कंधमाल, नयागढ़, में भी भारी बारिश हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि तूफान के असर से पुरी सहित पूरे तटीय ओडिशा में अगले 24 घंटों तक भारी बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी।
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