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नया साल नई उम्मीदें : चांद-सूरज पर निगाहें डाले... आजादी के 75वें साल में प्रवेश

Sat, 01 Jan 2022 06:15 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।

सार

बीते दो वर्षों की कोरोना महामारी में किसी के सपने खत्म हुए तो किसी के अपने। लेकिन, जीवन फिर खिलखिलाए, उम्मीदें खत्म नहीं हुईं, न होंगी। इन्हीं उम्मीदों के साथ हम 2022 में प्रवेश कर रहे हैं। भारतवासी अगले 365 दिनों में नए लक्ष्यों की ओर बढ़ेंगे। आजादी के 75वें साल में इस महामारी से आजादी की उम्मीदें भी कायम हैं...
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नववर्ष 2022 - फोटो : Amar Ujala
सेहतमंद भारत : 45 करोड़ का टीकाकरण... ताकि थमे संक्रमण
कोविड टीकाकरण की एक बड़ी चुनौती 2022 में भी बनी रहेगी। देश में 15 से 18 वर्ष के किशोरों के टीकाकरण की घोषणा हो चुकी है, लेकिन बच्चे अब भी इसके खतरे की जद में हैं। उम्मीद है कि साल के मध्य में छोटे बच्चों का टीकाकरण भी आरंभ हो जाएगा।

सेहत के मामले में एक बड़ी उपलब्धि नए मेडिकल कॉलेजों और मेडिकल की सीटों के रूप में सामने आएगी। अगले दो वर्षों में 110 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज काम करना शुरू कर देंगे। इनके कारण 2022 में देश में मेडिकल सीटों की संख्या एक लाख तक पहुंच जाएगी।


 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
मनोरंजन : 15 करोड़ होंगे दर्शक
सिनेमाघरों के बजाय अपने घर में टीवी व मोबाइल पर फिल्में देखने का चलन बीते एक साल में आम हो चुका है। यही कारण है कि 2021 में जिस ओवर द टॉप (ओटीटी) कंटेंट प्लेटफॉर्म का कारोबार करीब 8 हजार करोड़ रुपये रहा, उसके अगले 5 साल में चार गुना होने की संभावना है। इसमें भी 2022 में तेज प्रगति होगी। पिछले साल 9.6 करोड़ लोगों ने इन प्लेटफॉर्म को पैसा देकर फिल्में, टीवी सीरियल और अन्य मनोरंजक सामग्री देखी। इस साल संख्या 13 से 15 करोड़ तक पहुंच सकती है।

ओटीटी कंटेंट देखने वालों का वास्तविक आंकड़ा इससे 2.4 गुना अधिक है, क्योंकि एक सब्सक्रिप्शन पर औसतन 2.4 यूजर्स कंटेंट देख रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच के कारण कोरोना काल में फिल्में सीधे यहीं रिलीज होने लगीं। 2021 में 8 हजार करोड़ रुपये के ओवर द टॉप (ओटीटी) कंटेंट प्लेटफॉर्म के अगले 5 साल में चार गुना होने की संभावना है। इसमें 2022 में अहम प्रगति होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
तकनीक : 13 शहरों में 5जी, 3.7 जीबी प्रति सेकंड मिलेगी इंटरनेट स्पीड
दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़, गुरुग्राम, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, जामनगर, कोलकाता, गांधीनगर, चेन्नई, अहमदाबाद, बेंगलुरु, ये वो शहर हैं जहां नया साल 5जी इंटरनेट सेवाएं लेकर आएगा। इन शहरों में निजी टेलीकॉम कंपनियों ने 5जी के परीक्षण बीते साल ही कर लिए थे। परीक्षण में 3.7 जीबी से 9.85 जीबी प्रति सेकंड तक की इंटरनेट स्पीड हासिल की गई।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
देश के सांविधानिक प्रमुख और सबसे बड़े राज्य के चुनाव का साल
जुलाई, 2022 में देश के सांविधानिक प्रमुख के रूप में 15वें राष्ट्रपति का चुनाव होगा। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पांच साल का कार्यकाल जुलाई में पूरा होगा। इस चुनाव में देश के 776 सांसद और 4,120 विधायक मतदान करेंगे।

राष्ट्रपति चुनाव से पहले फरवरी-मार्च में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होंगे। यूपी के चुनाव में करीब 15 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। कोरोना महामारी के बीच होने जा रहे इन चुनावों में प्रचार से संबंधित कई पाबंदियां देखने को मिल सकती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
आईटी : 7.5 लाख करोड़ के पार होगा हमारा खर्च
कोरोना महामारी की मंदी से उबरने का संकेत देते हुए नए साल में आईटी क्षेत्र में भारत का खर्च 10,000 करोड़ डॉलर यानी करीब 7,50,000 करोड़ रुपये के पार जा सकता है।
  • अमेरिकी एजेंसी गार्टनर की रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में इस मद में 7 प्रतिशत ज्यादा खर्च होगा। खर्च का 43 प्रतिशत हिस्सा विभिन्न उपकरणों की खरीद में जाएगा। महामारी के नए हालात में वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड वर्किंग मॉडल से भी इन उपकरणों की मांग और बढ़ेगी।
  • विभिन्न कंपनियां व एजेंसियां भी इंटरनेट के जरिये लोगों तक पहुंचने के लिए सॉफ्टवेयर सेवाओं में अपना निवेश बढ़ाएंगी। यह निवेश 14.4 प्रतिशत तक बढ़ेगा और 1,000 करोड़ डॉलर तक जा सकता है। नतीजे में आईटी देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला क्षेत्र बना रहेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
स्टार्टअप : पूंजी बाजार में रहेगा जलवा
बीता साल जोमैटो, नायका, पेटीएम सरीखी कई कंपनियों के आईपीओ के लिए याद किया जाएगा लेकिन, 2022 इस मामले में किसी से पीछे नहीं रहने वाला। ओला, ओयो रूम्स, स्विगी, बायजू'स, स्नैपडील, आकाश एजुकेशन जैसी कंपनियों के आईपीओ कतार में हैं।
  • इन नई कंपनियों के अलावा अदाणी विल्मर और गो एयरलाइन जैसी बड़ी कंपनियां भी अपना आईपीओ लाएंगी। हालांकि जिस कंपनी के आईपीओ पर निवेशकों की निगाहें टिकी हैं, वह है एलआईसी। सरकार इस कंपनी के शेयर खुले बाजार में बेचकर 70 हजार करोड़ जुटाना चाहती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
ई-कॉमर्स से बढ़ेगा रोजगार
एक दशक से लगातार बढ़ रहा ई-कॉमर्स सेक्टर 2022 में 32 प्रतिशत ज्यादा नौकरियां देगा। इस सेक्टर के 2026 तक 20,000 करोड़ डॉलर तक पहुंचने के आसार हैं। यानी यह खुद बढ़ेगा और नौकरियां भी बढ़ाता रहेगा।
  • सप्लाई चेन मैनेजमेंट, वेयरहाउस, सपोर्ट सर्विस और कस्टमर सर्विस जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियां युवाओं को बेहतर भविष्य देंगी।
  • यही वजह है कि ई-कॉमर्स को भारत के लिए आईटी सेक्टर की तरह ही रोजगार पैदा करने वाला बड़ा क्षेत्र माना जा रहा है।

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अंतरिक्ष : विश्व की निगाहें हम पर
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के गगनयान व चंद्रयान-3 मिशन पर इस साल पूरी दुनिया की निगाह होगी। भारत इनके जरिये अपनी अंतरिक्ष तकनीकी क्षमता साबित करेगा। दोनों मिशन जून से सितंबर के बीच भेजे जा सकते हैं।
  • गगनयान : भारतीयों को अंतरिक्ष में ले जाने के परीक्षण शुरू होंगे। इनमें मानवरहित अंतरिक्ष यान भेजे जाएंगे और आपात स्थिति में यात्रियों का जीवन बचाने के परीक्षण होंगे। मुख्य मिशन 2023 में जाएगा।
  • चंद्रयान-3 : जुलाई के बाद भेजा जा सकता है मिशन। इस बार चंद्रमा पर रोबोटिक लैंडर उतारने का प्रयास। पिछली बार चंद्रयान-2 में लैंडर उतारने में असफल रहे इसरो के लिए यह बेहद संवेदनशील मिशन है।
  • आदित्य एल1 : हमारा पहला सूर्य मिशन आदित्य एल1 भी 2022 में प्रक्षेपित हो सकता है। इसे सूर्य की कक्षा में पृथ्वी से 15 लाख किमी दूर स्थापित किया जा सकता है।
  • एसएसएलवी : स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल रॉकेट के जरिए इसरो इस साल तीन मिशन अंतरिक्ष में भेज सकता है।
निजी कंपनियों के मिशन
आईआईटी मद्रास में स्थित अग्निकुल कॉसमॉस नामक कंपनी अग्निबाण जैसे रॉकेट के जरिये 100 किलो वजनी उपकरण 700 किमी ऊंचाई पर स्थापित करने का प्रयास करेगी। स्काई रूट एयरोस्पेस का भी दावा है कि वह 2022 में अपने रॉकेट विक्रम-1 का पहला प्रक्षेपण कर सकती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
ऊर्जा : 1,75,000 मेगावाट अक्षय ऊर्जा
भारत नए साल में 175 गीगावाट यानी एक लाख 75 हजार मेगावाट बिजली सौर, पवन जैसे अक्षय स्रोतों से बनाने का रिकॉर्ड हासिल कर सकता है। इसमें 114 गीगावाट बिजली सौर और 67 गीगावाट पवन ऊर्जा से हासिल होगी। बीते साल अक्षय ऊर्जा को 101 गीगावाट तक बढ़ाया जा चुका है। यह देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता का 38 फीसदी है। लक्ष्य है कि इसे 2030 तक 520 गीगावाट तक पहुंचाया जाए।
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उत्सव : आजादी का 75वां वर्ष, पूरे साल जश्न
देश की आजादी के 75 साल 2022 में पूर्ण होंगे। सरकार ने 2021 से ही आजादी का अमृत महोत्सव शुरू कर दिया था। पूरे साल उत्सवों, कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा। नए साल में 75वीं वर्षगांठ के बाद भी जश्न जारी रहेगा और आयोजन 2023 तक चलते रहेंगे। (प्रमुख स्रोत : 1. दूरसंचार विभाग, 2. नीति आयोग रिपोर्ट - न्यू इंडिया बाई 2022, 3. इसरो व विज्ञान विभाग, 4. अक्षय ऊर्जा मंत्रालय , 5. स्वास्थ्य मंत्रालय, 6. विभिन्न एजेंसियों की रिपोर्ट।)
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