कूटनीति में भारत के लिए क्या मौके होंगे?
कूटनीति के मोर्चे पर भी यह साल भारत के लिए काफी अहम साबित होने वाला है। दुनिया में कई हिस्सों पर जारी संघर्ष और पर्यावरण जैसे ज्वलंतशील मुद्दों के चलते साल 2025 काफी अहम रहने वाला है। 2025 में कई वैश्विक शिखर सम्मेलन होंगे जिनमें दुनिया के सामने उभरती चुनौतियों के समाधान पर चर्चा होगी।
4 से 20 जनवरी के बीच दावोस (स्विटजरलैंड) में विश्व आर्थिक मंच की बैठक होगी जिसमें एक बार फिर तकनीक एजेंडे में होगी। दावोस में व्यवसाय, सरकार और नागरिक समाज के वैश्विक नेता मिलेंगे जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा।
जून में कनाडा के अलबर्टा में ग्रुप ऑफ सेवन (G7) शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जिसमें अधिक समावेशी अर्थव्यवस्थाओं की ओर बढ़ने, जलवायु परिवर्तन के बढ़ते नकारात्मक प्रभावों का मुकाबला करने और उभरती प्रौद्योगिकियों को विनियमित करने को प्राथमिकता दिया जाएगा। यह संभावना है कि 2025 का शिखर सम्मेलन में पश्चिमी एशिया में सुरक्षा और स्थिरता एजेंडे पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की 80वीं बैठक है और दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक सम्मेलन में उच्च-स्तरीय नेताओं और नागरिक समाज के लोगों के बीच चर्चा के लिए बहुत कुछ होगा। 9-23 सितंबर तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक होगी। आंकड़े कहते हैं कि विस्थापन, संघर्ष, गरीबी और भुखमरी बढ़ रही है और सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा द्वारा निर्धारित एसडीजी बुरी तरह से पटरी से उतर गए हैं।
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन की 30वीं बैठक (COP30) 10-21 नवंबर तक ब्राजील के अमेजन वर्षावन में हो रही है। इसमें बढ़ते ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से महत्वपूर्ण आवास को होने वाले खतरे पर विशेष जोर दिया जाएगा।
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (जी20) शिखर सम्मेलन पहली बार किसी अफ्रीकी देश में आयोजित किया जाएगा और पिछले साल अफ्रीकी संघ के प्रमुख और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की इस वार्षिक बैठक में शामिल होने के बाद यह शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। 3-22 नवंबर तक जोहान्सबर्ग में आयोजित होने वाला यह लगातार चौथा साल होगा जब वैश्विक दक्षिण के किसी देश ने अध्यक्षता संभाली है। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने 'एकजुटता, समानता और स्थिरता' थीम के तहत एक एजेंडा पेश किया है जो ब्राजील, भारत और इंडोनेशिया में हाल ही में जी20 बैठकों में संबोधित किए गए मुद्दों पर आधारित है।
2025 में मलेशिया के कुआलालंपुर में आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आसियान शिखर सम्मेलन में सतत विकास, जलवायु परिवर्तन, डिजिटलीकरण और लैंगिक समानता को प्राथमिकता देते हुए 20 वर्षीय रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही आसियान सदस्यों को अन्य अहम मुद्दों, खास तौर पर म्यांमार में गृह युद्ध और दक्षिण चीन सागर में तनाव को दूर करने के तरीके खोजने पर चर्चा की जाएगी।
2024 में जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला ब्राजील 2025 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। शिखर सम्मेलन में अपने चार नए सदस्यों और 13 भागीदार देशों का दूसरी बार स्वागत किया जाएगा और संभवतः इस समूह का और विस्तार करने पर विचार किया जाएगा। बांग्लादेश और वेनेजुएला जैसे 30 से ज्यादा देशों ने इसमें शामिल होने में रुचि दिखाई है। ब्राजील के जी20 एजेंडे का अधिकांश हिस्सा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है, खासकर इसकी आर्थिक प्राथमिकताएं।