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नासा को अंतरिक्ष में मिली 'पृथ्वी', संभव हो सकेगा जीवन

Thu, 23 Feb 2017 09:32 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, वाराणसी
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TRAPPIST-1 - फोटो : nasa
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष में अपनी अब तक सबसे बड़ी खोज की है। यह अंतरिक्ष में इंसान के बसने की दिशा में मील का पत्‍थर साबित हो सकता है। आगे की स्लाइड में जानें क्या है इसकी खासियत-
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TRAPPIST-1 - फोटो : nasa
नासा ने आज पृथ्वी के आकार के सात ग्रहों वाले ‘ट्राप्पिस्ट-वन’ नामक सौरमंडल को खोजने में कामयाबी हासिल की है। पृथ्वी से महज 40 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित इस सौरमंडल के ग्रहों में पानी उपलब्ध हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन ग्रहों में एलियंस जैसे जीवन की संभावना है।
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TRAPPIST-1 - फोटो : nasa
शोधकर्ताओं ने बताया कि अंतरिक्ष में जीवन की तलाश कर रहे अंतरिक्षयात्रियों के लिए कम से कम तीन ग्रहों से खुशखबरी आ सकती है। उन्होंने बताया कि इन तीन ग्रहों में इस तरह का तापमान है कि वहां एलियन जीवन संभव हो सकता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन ग्रहों की चट्टानों में जल मिलने की पूरी संभावना है।

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TRAPPIST-1 - फोटो : nasa
इस सौर मंडल का नाम ‘ट्राप्पिस्ट-वन’ चिली स्थित द टांजिटिंग प्लैनेट एंड प्लांटेसिमल्स स्माल टेलीस्कोप के नाम पर रखा गया है। नासा के स्पीट्जर टेलीस्कोप से इन ग्रहों का पता चला। अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि ऐसा पहली बार है जब एक सौर मंडल में तीन रहने योग्य ग्रहों का पता चला है।
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TRAPPIST-1 - फोटो : nasa
नासा ने बताया कि आकार में अगर हमारा सूर्य बास्केटबॉल की तरह है तो ‘ट्राप्पिस्ट-वन’ गोल्फ बॉल की तरह छोटा है। वैज्ञानिकों ने बताया कि सभी सातों ग्रहों पर पानी मिल सकता है जो जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। कहा कि घनत्व के आधार पर कहा जा सकता है कि सभी ग्रह चट्टानों से भरे हुए हैं।
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TRAPPIST-1 - फोटो : nasa
ये सभी ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब हैं। यहां भी पृथ्वी की तरह दिन और रात होते हैं। यहां भी पृथ्वी की तरह तेज हवाएं चलती हैं और तापमान में बदलाव होता है। नासा की वैज्ञानिक नटालिया बटाल्हा ने इस रहस्यमय सौरमंडल के बारे में बताया कि ‘ट्राप्पिस्ट-वन’ सौरमंडल पर नजर रखी जा रही है। केप्लर/के2 अंतरिक्षयान से इस तारे की चमक की 15 दिसंबर 2016 से निगरानी की जा रही है। यह चार मार्च 2017 तक जारी रहेगी।
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