फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खड़गे-राहुल के 5 सवालों पर पढ़ें मोदी के जोरदार जवाब...

Tue, 07 Feb 2017 02:43 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
मोदी, राहुल, खड़गे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति के बजट अभिभाषण पर अपनी बात रखी। इस दौरान वह विपक्ष, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भूकंप वाले बयान और सोमवार को कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर जमकर बरसें।


नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत राहुल गांधी के बयान पर चुटकी लेने से शुरू की। बताते चलें कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राहुल गांधी ने बोला था कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। जब वह बोलेंगे तो भूकंप आ जाएगा।


इसके जवाब में नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कल भूकंप आया था। इससे जिन-जिन क्षेत्रों में असुविधा हुई, उनके प्रति भावना व्यक्त करता हूं। लेकिन भूकंप आ ही गया। मैं सोच रहा था कि भूकंप आया कैसे। इसकी धमकी तो बहुत पहले सुनी थी। कुछ तो कारण होगा कि धरती मां इतनी रूठ गई होंगी। 



आगे पढ़िए 'कुत्ते' वाले बयान पर नरेंद्र मोदी ने क्या कहा...
विज्ञापन

2 of 5
PM मोदी - फोटो : ANI
सोमवार को मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कहा था कि देश की एकता के लिए महात्मा गांधी और इंदिरा गांधी ने अपना जीवन कुर्बान कर दिया। आप बताएं कि आपके घरों से कौन आया? वहां से तो एक कुत्ता भी नहीं आया। 


इसके जवाब में मंगलवार को नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष चंपारण सत्याग्रह शताब्दी का वर्ष है। इतिहास किताबों में ही रहे तो समाज को प्रेरणा नहीं मिलता। उस समय हम थे या नहीं थे, हमारे कुत्ते भी थे या नहीं थे। नहीं पता। औरों के कुत्ते हो सकते हैं। मह कुत्तों वाली परंपरा में पले-बढ़े नहीं है। 

1857 के स्वतंत्रता संग्राम में इस देश के लोगों ने जान की बाजी लगा दी थी। संप्रदाय की भेद-रेखा नहीं था। तब भी कमल था, आज भी कमल है।



आगे पढ़िए नोटबंदी पर प्रधानमंत्री के बयान का खड़गे ने क्या जवाब दिया...
विज्ञापन

3 of 5
मल्लिकार्जुन खड़गे
सोमवार को खड़गे ने कहा था कोई नोटबंदी पर बोलता है तो सरकार के लोग उसपर कालेधन का समर्थन करने का आरोप लगाते हैं। कम से कम 125 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री को कम से कम एक मिनट का शोक रखना चाहिए। मृतकों के परिवार को सांत्वना देनी चाहिए। कम से कम लोगों को हुई तकलीफों के लिए माफी मांगनी चाहिए थी।


इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि कई लोग ने मेरे फैसले पर सवाल उठाया। मैं बताता हूं कि उस वक्त हमारी इकनॉमी मजबूत नहीं थी। कारोबार के लिए वक्त सही था। साल भर में जितना बिजनेस होता है उसका आधा दिवाली पर हो जाता है। इसी समय को ध्यान में रखकर नोटबंदी का फैसला लिया। मैंने जो हिसाब-किताब कहा था, उसी हिसाब से गाड़ी चल रही है।




सर्जिकल स्ट्राइक पर नरेंद्र मोदी का जवाब...

4 of 5
बजट से पीएम मोदी हुए गदगद - फोटो : self

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि हम जब सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं तो सरकार और उसके लोग हमारी देशभक्ति पर सवाल खड़े करते हैं। क्या सरकार ने देशभक्ति का ठेका ले रखा है। सर्जिकल स्ट्राइक पहले भी होता था और भविष्य में भी होगा। 


इसके जवाब में नरेंद्र मोदी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी होने वाले दिन को याद कीजिए। वे लोग सेना और सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उठा रहे थे कि नहीं। अब वह बोल रहे हैं कि पहले भी होता रहा है। सेना पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। हम सबको उन पर गर्व होना चाहिए।


 
आपातकाल पर मल्लिकार्जुन खड़गे का दिया बयान...
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मोदी, बीजेपी संसदीय दल की बैठक, कांग्रेस, नोटबंदी - फोटो : self
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि कांग्रेस की कृपा है कि अब भी लोकतंत्र बचा है। आप प्रधानमंत्री बन पाए।

इसके जवाब में मोदी ने कहा कि बहुत कृपा है कि आपने देश का लोकतंत्र बचाया। कितने महान लोग हैं आप। लेकिन 75 का कालखंड, जब देश पर आपातकाल थोप दिया गया था। हिंदुस्तान को जेलखाना बना दिया गया था। अखबारों पर ताले लगा दिए गए थे। उन्हें अंदाज नहीं था कि जनशक्ति क्या होती है। ये उस सामर्थ्य की ताकत है कि गरीब मां का बेटा भी प्रधानमंत्री बन सका।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें