फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mobile Effect: कहीं भाई तो कहीं मां की हत्या, एक ने पोर्न देख बहन से किया दुष्कर्म, मोबाइल के असर की पांच कहानियां

Sat, 11 Jun 2022 10:41 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मोबाइल ने आम लोगों की जिंदगी पर काफी असर डाला है। कुछ सकारात्मक तो कुछ नकारात्मक प्रभाव लोगों पर पड़ा है। ये नकारात्मक प्रभाव हर उम्र के लोगों पर देखने को मिल रहा है। चाहे वह बच्चा हो, युवा हो या फिर बुजुर्ग। ये एक तरह से अलार्मिंग स्थिति बनती जा रही है। 
विज्ञापन
1 of 9
मोबाइल की लत - फोटो : अमर उजाला
मोबाइल ने आम लोगों की जिंदगी पर काफी असर डाला है। कुछ सकारात्मक तो कुछ नकारात्मक प्रभाव लोगों पर पड़ा है। ये नकारात्मक प्रभाव हर उम्र के लोगों पर देखने को मिल रहा है। चाहे वह बच्चा हो, युवा हो या फिर बुजुर्ग। ये एक तरह से अलार्मिंग स्थिति बनती जा रही है। 

मोबाइल के चलते लोग अपनों का खून करने लगे हैं। बच्चे अपने माता-पिता, भाई-बहन को मारने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें माता-पिता ने ही अपने बच्चे को मार डाला है। एक जगह को 20 साल के भाई ने मोबाइल पर पोर्न देखकर अपनी 12 साल की बहन के साथ रेप किया। हम आपको ऐसे ही पांच कहानियां बताने जा रहे हैं, जब अपने ही मोबाइल के चलते अपनों के खून के प्यासे हो गए हों...   
 
विज्ञापन

2 of 9
Lucknow Murder - फोटो : अमर उजाला
केस-1 : जब पबजी खेलने से मना करने पर बेटे ने मां को मार डाला
ये बिल्कुल ताजा मामला है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पबजी खेलने से मना करने पर एक 16 साल के बेटे ने अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया। दो दिन तक शव को घर में रखा और सेना में नौकरी कर रहे पिता को झूठ बोलता रहा। अपनी छोटी बहन को भी धमकी देकर चुप करवा दिया। बाद में शव से दुर्गंध आने पर पिता को फोन करके कहानी बताई की किसी अंकल ने मां को मार डाला है। हालांकि बाद में पुलिस ने पूछताछ की तो सब सच सामने आ गया। 

मृतका साधना के पति फौज में जेसीओ हैं। वह जिला आसनसोल पश्चिम बंगाल में तैनात हैं। पीजीआई इलाके में साधना अपने 16 साल के बेटे और 10 साल की बेटी के साथ रहती थीं। पुलिस के मुताबिक आरोपी बेटा मोबाइल गेम और सोशल मीडिया का लती हो चुका था। मां साधना उसको सोशल मीडिया और मोबाइल से दूर रहने के लिए हमेशा टोकती रहती थी। रविवार को भी मां ने बेटे को मोबाइल पर पबजी खेलने को लेकर डांटा था जिससे गुस्सा होकर रात में उसने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से मां को मार डाला। 
 
विज्ञापन

3 of 9
लूडो खेलने पर बेटे को मारने वाला हत्यारा पिता। - फोटो : अमर उजाला
केस-2: मोबाइल पर लूडो खेलने पर आठ साल के बेटे को पीट-पीटकर मार डाला
ये घटना भी पांच जून की है। यूपी के आजमगढ़ स्थित महुला बागीचा गांव में रहने वाला आठ साल का बच्चा धर्मवीर उर्फ लकी घर के पास ही बकरी चरा रहा था। इस दौरान वह मोबाइल पर लूडो खेल रहा था। पिता जितेंद्र ने उसे लूडो खेलते देख लिया तो जमकर पीटा और फिर कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। रात करीब साढ़े नौ बजे बंद कमरे में ही मौत हो गई। 

इसके बाद पिता ने पत्नी बबिता को किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी। फिर भाई उपेंद्र व पड़ोसी रामजनम की मदद से बच्चे का शव बोरे में भर कर महुला देवार गांव में घाघरा किनारे ले जाकर दफन कर दिया। पत्नी ने ये बात अपने मायके में बता दी। तब लकी की नानी मुनरा देवी बेटी के घर पहुंचीं। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने जितेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया और घटना बताने के साथ बच्चे का शव भी बरामद करा दिया। 
 

4 of 9
बड़े भाई ने छाेटे भाई को मार डाला। - फोटो : अमर उजाला
केस-3: मोबाइल नहीं दिया तो बड़े भाई ने छोटे को मारकर कुएं में फेंक दिया 
ये 22 मई की घटना है। गुजरात के खेड़ा में छोटे भाई ने मोबाइल नहीं दिया तो गुस्से में बड़े भाई ने पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद उसके शव को कुएं में फेंक दिया। बड़े की उम्र 17 और छोटे भाई की उम्र 11 साल थी। 22 मई को दोनों बारी-बारी से मोबाइल फोन पर गेम खेल रहे थे। बताया जा रहा है छोटे ने अपने बड़े भाई को फोन देने से मना कर दिया तो बड़े भाई को गुस्सा गया और उसको पत्थर मार दिया। जब छोटा भाई मर गया तो उसके शव को कुएं में फेंक दिया। 
 
विज्ञापन

5 of 9
मोबाइल चलाने से मना करने पर बहन को मार डाला। - फोटो : अमर उजाला
केस-4: बड़ी बहन का गला दबाकर मार डाला  
ये घटना दिसंबर 2021 की है। बिहार के भागलपुर के एक नाबालिक ने मोबाइल फोन चलाने से मना करने पर अपनी बड़ी बहन को गला घोंटकर मार डाला। हत्या के बाद 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को बताया कि उसने बहन को मार डाला है। लाश घर में चौकी पर पड़ी है। आरोपी इंटर का छात्र है जबकि बहन की उम्र 24 साल थी और अविवाहित थी। इंटर में फेल होने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और घर में ही रहती थी। 
 
विज्ञापन

6 of 9
पॉर्न देखने के बाद बहन से रेप किया। - फोटो : अमर उजाला
केस-5 : मोबाइल पर पोर्न देखकर 12 साल की छोटी बहन के साथ रेप किया
ये मामला बीते अक्टूबर का है। मध्य प्रदेश के मंदसौर में 20 साल के एक लड़के ने मोबाइल पर पोर्न देखकर अपनी 12 साल की सगी बहन के साथ रेप किया। बाद में जान से मारने की धमकी भी दी। किसी तरह बच्ची ने हिम्मत करके अपनी मां को ये बात बताई तो सब हैरान हो गए। महिला ने बच्ची के साथ हुई इस घटना की शिकायत पुलिस से की। मामले में पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
 
विज्ञापन

7 of 9
Mobile Side Effects - फोटो : अमर उजाला
ये बीमारी है, इसका इलाज जरूरी
झांसी के मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा के अनुसार, ये एक तरफ की बीमारी है। इसे ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिस्ऑर्डर (ओसीडी) कहते हैं। इसमें मरीज को जिस चीज से जुड़ाव हो जाता है, तो वो खुद को उससे अलग नहीं कर पाता। यदि ऐसे रोगियों को मोबाइल गेम खेलना पसंद आ जाता है तो उन्हें उसी में आनंद मिलता है। उन्हें मोबाइल गेम का नशा हो जाता है। बाकी, सब चीजें यहां तक की परिजनों की मौजूदगी भी उनके लिए शून्य हो जाती है। ऐसे मरीज किसी से नहीं मिलते हैं। कोई बात साझा नहीं करते। आगे चलकर कई अन्य प्रकार के मानसिक रोग और डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं।

8 of 9
ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिस्ऑर्डर - फोटो : अमर उजाला
लोग जल्दी क्यों गुस्सा हो रहे? 
मनोवैज्ञानिक डॉ. रेखा बाला से यही सवाल हमने पूछा। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से शरीर की संरचना एक से दूसरे व्यक्ति में अलग होती है, उसी तरह से गुस्से की भावना भी लोगों में भिन्न कारणों, आवृति और आक्रमकता वाली हो सकती है। कुछ लोग गुस्से की भावना को ज्यादा आक्रमक तरीके से नहीं दिखाते हैं जबकि कुछ लोगों में यह आसानी से पता चल जाता है। यदि आपको भी सामान्य से अधिक या बार-बार गुस्सा आता है तो इसके पीछे की असल समस्या के निदान के लिए किसी मनोचिकित्सक से जरूर मिलें। समय से कारणों का पता चल जाने से स्थिति को ठीक करना आसान हो जाता है।'

डॉ. रेखा के अनुसार, जल्दी गुस्सा आने के पीछे कई कारण है। इसमें खानपान, माहौल और आदत जैसी चीजें शामिल हैं। लोगों के गुस्से का एक बड़ा कारण आभासी दुनिया भी है। लोगों के जिंदगी पर डिजिटल दुनिया का काफी असर पड़ रहा है। दूसरों को देखकर माता-पिता को अपने बच्चों से ज्यादा अपेक्षाएं होने लगी हैं। इसी तरह अपने दोस्तों या जानने वालों को देखकर बच्चे भी वही करना चाहते हैं। ऐसे में अगर उन्हें कोई रोकता है तो वह उग्र हो जाते हैं। कई बार वह अपने गुस्से को काबू नहीं कर पाते और बड़ी घटना को अंजाम दे देते हैं। 

 
विज्ञापन

9 of 9
बच्चों को जल्दी मोबाइल न दें। - फोटो : अमर उजाला
परिजन इन बातों का रखें ध्यान
  • निगाह रखें कि बच्चा मोबाइल पर पढ़ाई कर रहा या गेम खेल रहा
  • गेम का लती हो गया तो उसका ध्यान दूसरी तरफ लगाएं
  • बच्चों को पीटे नहीं, उन्हें समझाएं कि ये लत बीमारी बन चुकी है
  • बच्चा बहुत ज्यादा लती हो जाए, बात न सुने तो इलाज कराएं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें