मऊ में रंगदारी के लिए नगर के बड़े व्यापारी विनोद सेठ की मंगलवार को दिन में 11 बजे खरिहानी मोड़ पर गोली मार कर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साए व्यापारी दूकानें बंद कर सड़क पर आ गए। जगह-जगह जाम लगा दिया। भीड़ ने मऊ डिपो की एक बस में यात्रियों और चालकों को उतारने के बाद आग लगा दी तथा कई बसों एवं ट्रकों में भी तोड़फोड़ की। समीप के पुलिस सहायता केंद्र को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। मामला बढ़ते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां चला कर हालात को काबू में किया। इस दौरान एक राहगीर बदमाशों की गोली से दूसरा पुलिस की गोली से घायल हो गया है।
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कार रोक कर बदमाशों ने कारबाइन से झोंका फायर
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भीड़
विनोद से आठ महीने पूर्व पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी न देने पर बदमाशों ने उनकी एजेंसी में फायरिंग भी की थी। मंगलवार को वह अपनी दूकान पर गए थे। यहां से वह अपनी कार से कहीं जाने के लिए निकले। वह 50 मीटर दूर खरिहानी - आजमगढ़ मोड़ पर पहुंचे ही थे कि पहले से ही एक दूकान के पास खड़े पल्सर सवार दो बदमाश गोली चलाने लगे। इस पर विनोद ने कार को बाईं तरफ से काट कर निकालना चाहा पर बदमाशों ने कारबाइन से कार के फ्रंट शीशे पर फायर झोंक दिया। इससे ड्राइविंग सीट पर बैठे विनोद सेठ का सिर गोलियों से छलनी हो गया। घटना के बाद बदमाश आजमगढ़ की तरफ फायरिंग करते हुए भागे। इस दौरान पूरे बाजार में अफरा तफरी एवं दहशत का माहौल हो गया था। बदमाशों की फायरिंग से एक साइकल सवार राहगीर सुनील सरोज निवासी रसूलपुर घायल हो गया। गोली उसके कलाई में लगी।
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व्यापारियों ने खो दिया आपा
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बस
विनोद सेठ की हत्या किए जाने से गुस्साए व्यापारी दिन में 12 बजे के करीब सड़क पर आ गए। अपनी दूकानें बंदकर लोगों ने बाजार में जगह-जगह जामलगा दिया। इस दौरान मुहम्मदाबाद गोहना की तरफ से रोडवेज की एक बस वहां आ पहुंची। गुस्साई भीड़ उस तरफ लपकी और चालक राजाराम एवं यात्रियों को उतारकर उसे फूंक दिया। इसके बाद भीड़ ने एक गाजीपुर रोडवेज की बस, एक प्राइवेट, एक ट्रक में भी तोड़फोड़ कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान पुलिस असहाय बनी रही।
पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबड़ की गोलियां चलाईं
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पुलिस
बाद में और फोर्स आने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले और रबड़ की गोलियां चलाईं तो भीड़ ने भी पथराव करना शुरू कर दिया। इस संघर्ष में आजमगढ़ से आ रहे 55 वर्षीय दशरथ निवासी मानपुर थाना चिरैयाकोट को भी गंभीर चोट आई जिसे बाद में पुलिस ने अस्पताल पहुंचवाया। इस संघर्ष में कई पुलिसकर्मियों को भी मामूली रूप से चोट आई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना मय पीएसी एवं फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ना शुरू किया, इसके बाद भीड़ जाकर शांत हुई।