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इमरजेंसी में जेल, गाजीपुर से लड़ा लोकसभा चुनाव, देख लें रामवृक्ष की जड़ें

Fri, 03 Jun 2016 02:14 PM IST
ब्यूरो/वाराणसी, अमर उजाला
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- फोटो : amar ujala
मथुरा में पुलिस और कथित सत्याग्रहियों के बीच हुए बवाल का सूत्रधार रामवृक्ष यादव शुरू से ही बगावती तेवरों का व्यक्ति रहा है। इन्हीं तेवरों के कारण उसने पिछले दस सालों से अपने घर और गांव से नाता तोड़ रखा था।
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- फोटो : amar ujala
बताया जाता है कि 1976 में वह इमरजेंसी के दौरान जेल भी गया था। इसके बाद जयगुरुदेव के संगठन से जुड़कर उसने लोकतंत्र रक्षक सेनानी नाम से अलग संगठन भी बनाया। गांव वाले बताते हैं कि बीस साल पहले उसने गाजीपुर से लोकसभा और विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था लेकिन बुरी तरह हार मिली थी। 
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- फोटो : amar ujala
रामवृक्ष मूल रूप से गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र के रायपुर बाघपुर की मटिया बस्ती का रहने वाला है। गांव में उसके भाई उदय प्रकाश का परिवार रहता है जो फौज में नौकरी करते हैं। रामवृक्ष के नाम पर गांव में थोड़ी सी जमीन और एक कुटिया है जो फिलहाल खाली पड़ी है। 

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- फोटो : amar ujala
घरवालों से अलग रहकर वह अपने बेटों-बेटियों और पत्नी के साथ पिछले दो साल से मथुरा के जवाहर बाग में ही रह रहा था। उसका बड़ा बेटा राजनारायण और छोटी बेटी उसके साथ ही रहती है। एक बेटा दिल्‍ली में रहकर तैयारी कर रहा है तो बड़ी बेटी की शादी कर दी है। 
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- फोटो : amar ujala
रामवृक्ष के बारे में एक जानकारी ये भी मिली है कि मथुरा से पहले वह बरेली और कानपुर में भी बवाल करा चुका है। बरेली में पुलिस ने उसे खदेड़कर भगा दिया था तो कानपुर में आम लोगों ने ही उसे जमकर पीटा था। उसके बाद उसने मथुरा में आकर डेरा डाल लिया।
 
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