युवाओं के लिए बॉडी बिल्डंग आज आकर्षक दिखने का और लोगों को आकर्षित करने का जरिया है। लेकिन 1952 में जब लोग भारत में बॉडी बिल्डिंग को जानते भी नहीं थे ऐसे दौर में भारत को पहला 'मिस्टर यूनिवर्स' का खिताब दिलाया था मनोहर आइच ने। 104 साल की उम्र में युवाओं जैसी जिंदगी जीने वाले मनोहर आइच का आज कोलकाता में देहांत हो गया। वह भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन वह भारतीय युवाओं के दिलों में प्रेणा बनकर हमेशा जिंदा रहेंगे। मनहोर की जिंदगी काफी दिलचसप रही है, आइए आपको रु-ब-रु कराते हैं मनोहर आइच की जिंदगी के कुछ दिलचसप पहलुओं से।
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104 साल के मनोहर आइच ने जिंदगी को यूं जिया
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मनोहर आइच
- फोटो : socialyourstory
4 फीट 11 इंच के मनोहर 1942 में रॉयल इंडियन एअर फोर्स में शामिल हुए थे। मनोहर को एक अंग्रेज अधिकारी ने बॉडी बिल्डिंग करने के लिए बढ़ावा दिया था।
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36 साल की उम्र में पॉकेट हरक्यूलस प्रतियोगिता जीती थी। लेकिन इंग्लैंड में उनके छोटे कद की वजस से लोगों ने 'पॉकेट हरक्यूलस' कहना शुरू कर दिया था।
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मनोहर आइच
- फोटो : indianbodybuilding
मनोहर आइच ने राजनीति में भी कदम रखा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन उनको यहां सफलता नहीं मिली।
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मनोहर आइच
भारत के पहले मिस्टर यूनिवर्स मनोहर 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के समय जेल भी गए थे। 1951 में मिस्टर यूनिवर्स का खिताब नहीं जीतने के कारण मनोहर एक साल तक लंदन में रुके और वहां से 1952 में खिताब जीतकर ही भारत लौटे।
महोहर अपने जीवन में कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और जीते भी, मनोहर आइच का मानना था अगर आप रोजाना कसरत करंगे तो आप बीमार नहीं पड़ेंगे। वह खुद भी इतनी उम्र होने के बावजूद पुश अप,पुल अप,और सिट अप किया करते थे।