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Maharashtra Rain Havoc: मुंबई में बारिश से हाहाकार, नांदेड़ के बाढ़ पीड़ित बोले- ऐसी आपदा नहीं देखी, तस्वीरें

Wed, 20 Aug 2025 01:34 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर/मुंबई

सार

महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से आफत की बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते मुंबई में जलभराव होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं, नांदेड़ जिले के हसनल गांव में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। गांव में लापता बताए जा रहे पांच लोगों में से चार के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक व्यक्ति का अभी भी पता नहीं चल पाया है।
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महाराष्ट्र में भारी बारिश के बाद कई जगहों पर जन-जीवन हुआ प्रभावित - फोटो : पीटीआई
महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से हो रही आफत की बारिश से कोहराम मचा है। मुंबई और उसके उपनगरों में सड़कों और निचले इलाकों में कई फीट तक पानी भर गया है। रेल पटरियां डूब गई हैं। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं, नांदेड़ जिले का हसनल गांव बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। गांव वालों का कहना है कि उन्होंने ऐसी आपदा पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि अचानक आई बाढ़ से लोग अपने घर और सामान छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। इस बीच, लापता बताए जा रहे पांच लोगों में से चार के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक व्यक्ति का अभी भी पता नहीं चल पाया है।
 
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मुंबई में बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित - फोटो : पीटीआई
30 वर्षों में ऐसी आपदा कभी नहीं देखी
हसनल गांव निवासी आशाबाई इंगोले ने मंगलवार को बताया कि उसने 30 वर्षों में ऐसी आपदा कभी नहीं देखी। कुछ ही मिनटों में सब कुछ तबाह हो गया। उन्होंने बताया कि हसनल में लगभग 300 घर हैं, लेकिन सभी जगह सिर्फ पानी ही पानी था। इंगोले ने स्थानीय प्रशासन से तुरंत कोई मदद न मिलने का अफसोस जताया। उन्होंने बताया कि हसनल गांव मध्य महाराष्ट्र के मुखेड़ तालुका के अंतर्गत आता है। यहां पर रविवार और सोमवार को भारी बारिश हुई, जिसके चलते अचानक बाढ़ आ गई। सोमवार को बचाव अभियान के लिए गांव में सेना की एक टुकड़ी को तैनात किया गया। 
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मुंबई में बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित - फोटो : पीटीआई
हसनल में लापता पांच लोगों में चार के शव बरामद
इस बीच, मंगलवार शाम को एक रक्षा विज्ञप्ति में बताया गया है कि हसनल गांव में पहले लापता बताए गए पांच लोगों में से अब तक चार के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक व्यक्ति का अभी तक पता नहीं चल पाया है। नवीनतम अपडेट के अनुसार, हसनल का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा अभी भी जलमग्न है।

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मुंबई में बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित - फोटो : पीटीआई
बारिश से लेंडी नदी का जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, नांदेड़ जिले के बरहाली और मुकरमाबाद राजस्व मंडलों में सोमवार को क्रमश; 354.8 मिमी और 206.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इन दोनों राजस्व मंडलों में हुई बारिश के कारण लेंडी नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे आसपास के कुछ गांवों में बाढ़ आ गई। एक अधिकारी ने बताया कि रावनगांव से कम से कम 225 लोगों को, भिंगोली से 40 लोगों को, बसवाड़ी से 10 लोगों को और हसनाल से आठ लोगों को निकाला गया।
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मुंबई में बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित - फोटो : पीटीआई
मुंबई में बारिश से लोकल ट्रेनों की रफ्तार पड़ी धीमी
वहीं, बारिश से मुंबई की जीवन रेखा लोकल ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई है और 370 से अधिक उड़ानें भी प्रभावित हुईं हैं, जिनमें से आठ को दूसरे हवाईअड्डों पर भेजना पड़ा। मीठी नदी में उफान के कारण 400-500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। ठाणे और पालघर जिलों में जलभराव वाले इलाकों में घिरे 1,107 लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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मुंबई में बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित - फोटो : पीटीआई
54 घंटे में पूरे महीने की 37 फीसदी बारिश
बृहन्मुंबई नगर निगम ने बताया कि मूसलाधार बारिश ने भारत की आर्थिक राजधानी को बेहाल कर दिया है। 17 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से मंगलवार दोपहर 2:30 बजे तक 54 घंटों की अवधि में शहर में अगस्त की औसत बारिश का 37 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। महानगर के ज्यादातर हिस्सों में जलभराव का संकट पैदा हो गया है। पानी निकासी के लिए 525 पंप, 10 मिनी पंपिंग स्टेशन और छह मुख्य पंपिंग स्टेशन सक्रिय कर दिए गए हैं। बीएमसी और आपदा प्रबंधन टीमें हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं। 
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मुंबई में बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित - फोटो : पीटीआई
इन पांच जिलों के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम, रेड अलर्ट जारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुंबई में लगभग 300 मिमी की रिकॉर्ड बारिश हुई है। 200 मिमी वर्षा महज 11 घंटे में दर्ज की गई है। मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं, जहां भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी बारिश से प्रभावित इलाकों का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

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मुंबई में बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित - फोटो : पीटीआई
महाराष्ट्र के प्रमुख बांधों में जलस्तर बढ़ा
महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बिजली उत्पादन और सिंचाई दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण जलाशय कोयना बांध के जलस्तर में भारी उछाल आया है। इस बांध का जलस्तर रविवार सुबह 84.70 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) से मंगलवार सुबह तक यह 93.45 टीएमसी हो गया। जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इसकी पूरी क्षमता 100 टीएमसी है। जल स्तर बढ़ने के कारण अधिकारियों को बांध के द्वार खोलने पड़े हैं। साथ ही कोयना और कृष्णा नदी के संगम पर बसे कस्बों, जैसे कि सतारा जिले के कराड में खतरे की घंटी बजा दी है। कलेक्टर कार्यालय ने निचले इलाकों में बाढ़ और नदी के पानी के प्रवेश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, मराठवाड़ा में, विशाल जयकवाड़ी बांध लगभग 94.83 प्रतिशत (संभावित 76.65 टीएमसी में से 72.70 टीएमसी) पानी से लगभग भर गया है, हालांकि आँकड़ों के अनुसार, अभी भी पानी सुरक्षित रूप से जमा है। परभणी जिले में पूर्णा येलदारी बांध 93.83 प्रतिशत भर चुका है। विदर्भ का पेंच तोतलाडोह बांध अपनी क्षमता के 68.34 प्रतिशत पर है, जबकि गोसीखुर्द जलाशय, जिसमें वर्तमान में 12.56 टीएमसी (48.07 प्रतिशत) पानी है, भारी बारिश के बाद दबाव कम करने के लिए वैनगंगा नदी बेसिन में 89,193 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अहिल्यानगर जिले में मुला बांध और नासिक जिले में गिराना बांध क्रमशः 18.10 टीएमसी और 12.93 टीएमसी पानी से लगभग भर चुके हैं। जलगांव जिले में हतनूर बांध सक्रिय रूप से तापी नदी में 63,173 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है, क्योंकि इसका भंडार 9 टीएमसी क्षमता में से 6.39 टीएमसी तक पहुंच गया है।
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मुंबई में बारिश के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित - फोटो : पीटीआई
मुंबई में जलभराव से थमी वाहनों की रफ्तार
मुंबई में 17 अगस्त की सुबह से मंगलवार दोपहर तक हुई भारी बारिश के कारण ज्यादातर इलाकों में जलभराव हो गया है। जलभराव के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। साथ ही वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ चुकी है। मुंबई में जलभराव के कारण वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं। 
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